By प्रदीप कुमार नई दिल्ली : दिनांक 23 जून 2026, दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक, इंडस टावर्स ने उत्तरी रेलवे के सहयोग से अपने सीएसआर प्रोग्राम ‘नारी सम्मान’ के तहत 500 सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें इंस्टॉल की हैं। दिल्ली, फिरोजपुर, अंबाला, मुरादाबाद और लखनऊ डिवीज़न के 175 रेलवे स्टेशनों पर लगाई गई ये मशीनें आईओटी-इनेबल्ड मॉनिटरिंग से लैस हैं और अब तक इनसे तकरीबन 3 करोड़ सैनिटरी नैपकिन बांटे जा चुके हैं। यह पहल महिला यात्रियों के लिए चौबीसों घण्टे मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराएगी।
नारी सम्मान प्रोग्राम का संचालन इंडस टावर्स की मुख्य सीएसआर पहल ‘प्रगति’ के तहत किया जाता है, जो जागरुकता, सुलभता बढ़ाने तथा सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। इस पहल का उद्देश्य नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मैन्स्ट्रुअल हाइजीन स्कीम के माध्यम से माहवारी के दौरान हाइजीन के बारे में जागरुकता बढ़़ाना और सैनीटरी प्रोडक्ट्स की पहुंच को सुनिश्चित करना है। ये प्रयास महिलाओं के स्वास्थय एवं लिंग अनुकूल सार्वजनिक प्रणाली के निर्माण की दिशा में भारत सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं।
इस अवसर पर उत्तरी रेलवे के जनरल मैनेजर, राजेश कुमार पांडे ने कहा, “भारतीय रेल रोज़ाना लाखों यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान करती है, इनमें लाखों महिलाएं और लड़कियां भी शामिल हैं जो काम, शिक्षा और स्वास्थय सेवाओं के लिए इस नेटवर्क पर निर्भर हैं। उनकी सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इंडस टावर्स के साथ यह साझेदारी सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए अधिक समावेशी एवं अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तथा सार्वजनिक सुविधाओं में अनुकूल सामाजिक परिणाम सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।’’
इस पहल के बारे में बात करते हुए, इंडस टावर्स लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, तेजिंदर कालरा ने कहा,“भारत के सबसे व्यस्त रेलवे ज़ोन में से एक में इस पहल को लागू करना, मज़बूत और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों को इंस्टॉल एवं प्रबंधित करने में इंडस टावर्स के अनुभव को दर्शाता है; हम सामाजिक सुविधाओं के लिए भी इसी तरह के जोश, सटीकता और प्रतिबद्धता को सुनिश्चित करते हैं। उत्तरी रेलवे के साथ यह साझेदारी इस क्षमता को देश के सबसे बड़े पब्लिक नेटवर्क में से एक में सुलभ बनाती है। हमें गर्व है कि रेलवे स्टेशनों पर इन सुविधाओं को सुलभ बना कर हम महिलाओं के दैनिक जीवन में गरिमा को सुनिश्चित कर रहे हैं।’’
यह पहल महिलाओं के लिए यात्रा को सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक बनाने के भारतीय रेलवे के प्रयासों में एक और कदम है। स्टेशनों पर महिलाओं के लिए आरक्षित कोच के साथ-साथ माहवारी के दौरान हाइजीन सुविधाएं सुलभ बनाकर, और स्टेशन पर सुविधाओं व साफ़-सफ़ाई में लगातार सुधार करके, यह प्रोग्राम ऐसी ज़रूरत को पूरा कर रहा है, जो अब तक नज़रअंदाज़ की जाती रही है। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि रेल यात्रा करने वाली महिलाओं को बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक अनुभव प्राप्त हो।
इंडस टावर्स के सीएसआर दृष्टिकोण के तहत यह पहल 2030 तक 150 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करेगी।

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