By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी मनाने के लिए 62 सदस्यीय श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान पहुंच गया है। यह जत्था 29 जून को बरसी समारोह में शामिल होने के बाद 30 जून को भारत वापस लौटेगा। यह जानकारी कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने दी।
बातचीत के दौरान सरदार कालका और सरदार काहलों ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद श्रद्धालुओं को पाकिस्तान दूतावास से वीजा प्राप्त हो गया था। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं में इस बात के लिए विशेष संतोष और उत्साह था कि उन्हें शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान जाने और वहां स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की ओर से हर वर्ष बैसाखी और विभिन्न गुरुपर्वों के अवसर पर श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान भेजे जाते हैं। इस बार विशेष खुशी और संतोष की बात यह रही कि 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस देश-विदेश की संगतों ने एक ही तिथि पर मनाया, जिससे पंथ में बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हुई। इसी दिन पाकिस्तान में भी गुरु साहिब का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार सभी ऐतिहासिक गुरुपर्व और दिवस मनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है तथा हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित रहेगी। इस अवसर पर कमेटी के चेयरमैन सरदार भूपिंदर सिंह भुल्लर तथा सरदार परमजीत सिंह चंडोक भी उपस्थित थे।

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