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Delhi Gurudwara Committee Gurmat Camps 2026: गुरमति कैंपों ने रचा इतिहास, 148 कैंपों में 20 हजार विद्यार्थियों की भागीदारी, भविष्य के DSGMC प्रबंधक तैयार कर रही दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी

By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि कमेटी के धर्म प्रचार विंग के चेयरमैन जसप्रीत सिंह करमसर और उनकी पूरी टीम की मेहनत के कारण इस वर्ष गर्मियों की छुट्टियों के दौरान दिल्ली में 148 स्थानों पर गुरमति कैंप लगाए गए, जिनमें 20 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया।

दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब स्थित भाई लखी शाह वणजारा हॉल में आयोजित गुरमति कैंप समापन समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित।

आज गुरुद्वारा गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब परिसर स्थित भाई लखी शाह वणजारा हॉल में गुरमति कैंपों के समापन समारोह के पहले दिन संगत को संबोधित करते हुए सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के धर्म प्रचार विंग के प्रमुख जसप्रीत सिंह करमसर ने इन गुरमति कैंपों के आयोजन के लिए बहुत परिश्रम किया है।

उन्होंने बताया कि इसी मेहनत का परिणाम है कि वर्ष 2022 में जहां 4 हजार विद्यार्थी इन कैंपों में शामिल हुए थे, वहीं 2023 में यह संख्या 9 हजार, 2024 में 12 हजार, 2025 में 16 हजार और वर्ष 2026 में बढ़कर 20 हजार से अधिक हो गई। ये गुरमति कैंप 1 जून से शुरू हुए थे और इनका समापन 20 तथा 21 जून को भाई लखी शाह वणजारा हॉल में हुआ।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गुरमति कैंप 2026 के समापन अवसर पर विद्यार्थियों को गुरमत, सिख इतिहास और गुरु साहिबानों की शिक्षाओं की जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि इन कैंपों के लिए विशेष रूप से पुस्तकें तैयार करवाई गईं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को गुरु इतिहास पढ़ाया गया। गुरु साहिबानों और सिख कौम के वीर योद्धाओं द्वारा लड़ी गई विभिन्न लड़ाइयों, उनके कारणों और परिणामों की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। साथ ही उन्हें सिख कौम के मार्शल इतिहास और गुरु साहिबानों द्वारा अन्याय के खिलाफ संघर्ष की शिक्षा के बारे में भी बताया गया।

सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि इन गुरमति कैंपों में भाग लेने वाले विद्यार्थी भविष्य में स्वयं इन कैंपों का संचालन करेंगे और आगे चलकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को इसी प्रकार गुरमति और गुरसिखी जीवन से जोड़ने में सफल हो जाते हैं, तो हमारा जीवन सफल माना जा सकता है।

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