By विनय मिश्रा नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में रामलीला मंचन की तैयारियों के साथ ही ‘रामायण’ फिल्म को लेकर सियासी और सांस्कृतिक बहस भी तेज होती दिखाई दे रही है। विश्वविख्यात लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से 6 सितंबर को कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में इस वर्ष की रामलीला की भव्य तैयारियों, फिल्मी सितारों की भागीदारी और ‘रामायण’ फिल्म को लेकर कमेटी के रुख पर विस्तार से जानकारी दी गई।
रावण, नारद और केवट के किरदार में नजर आएंगे चर्चित कलाकार
प्रेस वार्ता में कमेटी के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने मीडिया के सामने उन फिल्मी कलाकारों का परिचय कराया, जो इस बार रामलीला के महत्वपूर्ण किरदारों को मंच पर जीवंत करेंगे। अभिनेता राजप्रेमी रावण की भूमिका निभाएंगे। राजप्रेमी ने संजय खान के चर्चित सीरियल जय हनुमान में लीड किरदार सहित कई फिल्मों और पौराणिक धारावाहिकों में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई है।
वहीं दिग्गज अभिनेता पेन्टल कंवरजीत सिंह इस बार नारद मुनि की भूमिका में दिखाई देंगे। पेन्टल ने फिल्मों और पौराणिक धारावाहिकों में लंबे समय तक काम किया है और फिल्मफेयर समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि वह पहली बार किसी रामलीला में नारद मुनि का किरदार निभाने जा रहे हैं। मशहूर अभिनेता और गायक शंकर साहनी केवट की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
140 फीट लंबा और 45 फीट ऊंचा होगा भव्य रामलीला मंच
इस बार लव कुश रामलीला कमेटी ने मंच सज्जा को लेकर भी बड़े स्तर की तैयारियां की हैं। अर्जुन कुमार के मुताबिक रामलीला के लिए करीब 140 फीट लंबा, 60 फीट चौड़ा और 45 फीट ऊंचा चार मंजिला भव्य मंच तैयार किया जा रहा है। मंच का मुख्य आकर्षण विश्वप्रसिद्ध मदुरै के मीनाक्षी मंदिर की भव्य स्थापत्य शैली से प्रेरित सेट होगा।
इस विशाल सेट को आकार देने के लिए कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, मथुरा और वृंदावन के कारीगर महीनों से काम कर रहे हैं। मंदिर की नक्काशी, गुंबद और विशाल स्तंभों में भारतीय शिल्पकला की झलक दिखाई देगी। आयोजकों के अनुसार विशेष रंगों और करीब एक लाख मल्टीकलर एलईडी लाइट्स से सजे इस सेट का स्वरूप हर दृश्य के साथ बदलता नजर आएगा। नीली, सुनहरी, लाल और हरी रोशनी पूरे मंदिर परिसर को अलग-अलग दिव्य आभा प्रदान करेगी।
राम-केवट मिलन से जंगल के दृश्यों तक, मंच पर दिखेगा सिनेमाई अनुभव
रामलीला के दृश्यों को केवल मंचन तक सीमित न रखते हुए आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के जरिए दर्शकों को एक अलग अनुभव देने की तैयारी है। इसी मंच पर 31 फीट ऊंचा कैलाश पर्वत और घने जंगल का विशाल सेट तैयार किया जाएगा। केवट द्वारा भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को नाव से नदी पार कराने वाले दृश्य में विजुअल इफेक्ट्स के जरिए पूरा मंच पानी से भरी नदी जैसा दिखाई देगा और दर्शकों के सामने नाव चलती हुई नजर आएगी।
जंगल के दृश्यों को भी प्राकृतिक वातावरण का एहसास देने के लिए तैयार किया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि पक्षियों की चहचहाहट, मोरों का नृत्य और जंगल के जानवरों की आवाजों के साथ ऐसा वातावरण बनाया जाएगा कि दर्शकों को लगेगा जैसे वे स्वयं वन के बीच बैठकर रामायण के प्रसंगों को देख रहे हैं।
3D मैपिंग, विशाल LED स्क्रीन और Dolby Sound से बदलेगा रामलीला का अनुभव
मंच की दूसरी मंजिल पर आधुनिक 3D मैपिंग इफेक्ट्स के साथ 135 फीट × 14 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। डिजिटल विजुअल्स और Dolby Sound तकनीक के संयोजन से रामलीला के महत्वपूर्ण प्रसंगों को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने की योजना है।
मंच की तीसरी मंजिल पर देवी-देवताओं के आकाश में विचरण करने वाले दृश्य तैयार किए जाएंगे। लीला के दौरान भगवान श्रीराम पर पुष्प वर्षा करते हुए देवी-देवता दिखाई देंगे। वहीं युद्ध के दृश्यों में करीब 70 फीट की ऊंचाई पर भूत-प्रेत, पिशाच और राक्षसी पात्रों को विशेष तकनीकी प्रभावों के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी है।
इन डरावने और रोमांचक दृश्यों का प्रभाव बढ़ाने के लिए आयोजकों द्वारा स्टीरियोफोनिक 8-ट्रैक और डिजिटल Dolby Sound का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। यानी इस बार दर्शकों को पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक थिएटर और विजुअल तकनीक का भी अनुभव मिलने वाला है।
स्वरा भास्कर के बयान पर अर्जुन कुमार का पलटवार
प्रेस वार्ता के दौरान सनातन धर्म को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर के बयानों पर भी सवाल उठे। इस पर लव कुश रामलीला कमेटी के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि स्वरा भास्कर सनातन संस्कृति को समझना चाहती हैं तो उन्हें रामलीला देखनी चाहिए।
अर्जुन कुमार ने कहा कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के जीवन तथा रामायण में निहित भारतीय मूल्यों को समझने के बाद ही सनातन संस्कृति पर टिप्पणी करनी चाहिए। उन्होंने रामलीला को भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समझने का माध्यम बताते हुए अभिनेत्री को रामलीला देखने की खुली चुनौती भी दी।
रणबीर कपूर की ‘रामायण’ पर रामलीला महासंघ का रुख कायम
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी प्रेस वार्ता में कमेटी ने अपना रुख स्पष्ट किया। अर्जुन कुमार ने कहा कि रामलीला महासंघ फिल्म का विरोध करने के अपने निर्णय पर कायम है। उन्होंने बताया कि फिल्म के मेकर्स को पत्र भेजा गया है और फिल्म रिलीज होने से पहले रामलीला आयोजकों के लिए विशेष स्क्रीनिंग की मांग भी रखी गई है।
कमेटी का कहना है कि यदि फिल्म में रामायण के मूल स्वरूप या धार्मिक प्रसंगों के साथ किसी भी प्रकार की तोड़-मरोड़ की जाती है, तो रामलीला आयोजक इसका जोरदार विरोध करेंगे। इस मुद्दे ने फिल्म की रिलीज से पहले ही धार्मिक, सांस्कृतिक और सिनेमाई बहस को और तेज कर दिया है।
11 से 21 अक्टूबर तक रामलीला, 20 अक्टूबर को रावण दहन
कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि इस वर्ष रामलीला मंचन समारोह 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। वहीं 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व और रावण दहन का आयोजन दिल्ली समेत देशभर में उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रामलीला के दौरान देश की राजनीतिक, सामाजिक, फिल्म और खेल जगत से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां भी अलग-अलग किरदारों में मंच पर नजर आएंगी। इससे इस वर्ष का आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ मनोरंजन और जनभागीदारी के लिहाज से भी खास रहने वाला है।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर लालकिला मैदान में हेल्थ मेला
कमेटी की ओर से बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर 2026 के अवसर पर लालकिला मैदान में एक विशेष हेल्थ मेले का आयोजन किया जाएगा। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नारायण सेवा संस्थान, तारा नेत्रालय और एलप्स के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार हेल्थ मेले में निःशुल्क दिव्यांग सहायक उपकरण, ट्राईसाइकिल और अन्य जरूरी साधन वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा आंखों की जांच, ऑपरेशन के लिए मरीजों का चयन, चश्मों का वितरण और जरूरतमंद लोगों को कानों की मशीन उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।
राजप्रेमी बोले- लालकिला मैदान में रावण बनना मेरे लिए गर्व की बात
रावण की भूमिका निभाने जा रहे अभिनेता राजप्रेमी ने कहा कि ऐतिहासिक लालकिला मैदान में रावण का किरदार निभाने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि इतने बड़े मंच पर इस महत्वपूर्ण भूमिका को निभाना उनके लिए विशेष अनुभव होगा।
नारद मुनि की भूमिका निभाने वाले अभिनेता पेन्टल कंवरजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने पौराणिक धारावाहिकों में लंबे समय तक काम किया है, लेकिन दिल्ली की लाइव रामलीला में नारद मुनि का किरदार निभाना उनके लिए अलग और खास अनुभव होगा। वहीं शंकर साहनी ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से रामलीला से जुड़े रहे हैं और इस वर्ष केवट की भूमिका निभाएंगे।
20 सितंबर को भूमि पूजन, कई बड़े नाम होंगे शामिल
रामलीला कमेटी के चेयरमैन पवन गुप्ता ने बताया कि आगामी 20 सितंबर को भूमि पूजन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, निगम पार्षदों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है।
भूमि पूजन समारोह के दौरान विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। कमेटी ने पत्रकारों को कार्यक्रम में आमंत्रित करते हुए कहा कि इस वर्ष की रामलीला को भव्य और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा को केंद्र में रखा गया है।
रामलीला के मंच पर दिखेगा राजनीति, सिनेमा और खेल जगत का संगम
लव कुश रामलीला कमेटी के मुताबिक इस बार मंच पर केवल कलाकार ही नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, फिल्म और स्टेज कलाकार तथा खेल जगत से जुड़ी कई चर्चित हस्तियां भी अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभाती नजर आएंगी।
ऐसे में लालकिला मैदान की रामलीला इस बार धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर भारतीय संस्कृति, रंगमंच, सिनेमा और आधुनिक तकनीक के बड़े संगम के रूप में सामने आने की तैयारी में है। एक तरफ भव्य मीनाक्षी मंदिर सेट और अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स दर्शकों को आकर्षित करेंगे, तो दूसरी तरफ ‘रामायण’ फिल्म को लेकर कमेटी का रुख और स्वरा भास्कर के बयान पर हुई प्रतिक्रिया इस आयोजन को सियासी-सांस्कृतिक चर्चा के केंद्र में रख सकती है।

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