By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: दिनांक 7 सितंबर 2026, राजधानी दिल्ली एक बार फिर वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में सामने आने जा रही है। भारत मंडपम में 9 से 11 सितंबर तक पहली अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘इनोप्रोम. इंडिया’ का आयोजन किया जाएगा। यह प्रदर्शनी रूस और भारत के बीच औद्योगिक सहयोग, अत्याधुनिक तकनीक, निवेश और व्यापारिक साझेदारी को नई गति देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में दोनों देशों की औद्योगिक क्षमता और भविष्य की तकनीकी संभावनाओं की झलक देखने को मिलेगी।
रूस की प्रतिष्ठित औद्योगिक प्रदर्शनी का भारत में पहला बड़ा संस्करण
वैश्विक औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली इनोप्रोम प्रदर्शनी वर्ष 2010 से रूस के येकातेरिनबर्ग में प्रतिवर्ष आयोजित की जा रही है। दुनिया के विभिन्न देशों के औद्योगिक एवं कारोबारी जगत को जोड़ने वाले इस मंच ने पिछले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। भारत वर्ष 2016 में इनोप्रोम का भागीदार देश रह चुका है, और अब पहली बार ‘इनोप्रोम. इंडिया’ के रूप में इस प्रतिष्ठित औद्योगिक मंच का आयोजन भारतीय राजधानी में होने जा रहा है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले रूस-भारत औद्योगिक रिश्तों को मिलेगा नया आयाम
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर आयोजित होने जा रही ‘इनोप्रोम. इंडिया’ को रूस और भारत के बीच बढ़ते आर्थिक एवं औद्योगिक संबंधों के लिहाज से खास माना जा रहा है। यह आयोजन केवल औद्योगिक उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों देशों के उद्योगों के बीच नए कारोबारी अवसर, तकनीकी सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं को मजबूत करने का मंच भी बनेगा। ऐसे समय में जब भारत और रूस अपने पारंपरिक सहयोग को आधुनिक तकनीक और नए औद्योगिक क्षेत्रों तक विस्तार देने पर जोर दे रहे हैं, यह प्रदर्शनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रूस और भारत के मंत्रालयों की संयुक्त पहल, CII निभाएगा भारतीय आयोजक की भूमिका
‘इनोप्रोम. इंडिया’ का आयोजन रूसी संघ के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक आयोजन में रूसी आयोजक के तौर पर फॉर्मिका इवेंट एलएलसी और भारतीय आयोजक के रूप में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। दोनों देशों के सरकारी संस्थानों और औद्योगिक संगठनों की भागीदारी इस आयोजन को एक मजबूत संस्थागत आधार प्रदान करती है।
10 हजार वर्ग मीटर में दिखेगी आधुनिक उद्योग और तकनीक की ताकत
भारत मंडपम के पवेलियन नंबर 1 में लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आयोजित होने वाली यह प्रदर्शनी औद्योगिक तकनीक और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनने जा रही है। यहां रूस और भारत की 130 से अधिक कंपनियां अपने अत्याधुनिक उत्पादों, तकनीकी समाधानों और औद्योगिक क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी। प्रदर्शनी में आने वाले कारोबारी प्रतिनिधियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और अन्य आगंतुकों को दोनों देशों के उद्योग जगत में हो रहे तकनीकी बदलावों और नए अवसरों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग से डिजिटल टेक्नोलॉजी तक, कई सेक्टरों का होगा प्रदर्शन
‘इनोप्रोम. इंडिया’ में औद्योगिक क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण श्रेणियों को शामिल किया गया है। यांत्रिक अभियांत्रिकी, ऊर्जा, रसायन उद्योग, डिजिटल प्रौद्योगिकी, विमानन सहित कई क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियां अपने उत्पाद और तकनीकी समाधान प्रदर्शित करेंगी। इससे एक ही मंच पर पारंपरिक औद्योगिक क्षमता और नई पीढ़ी की तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। विशेष रूप से डिजिटल तकनीक और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों पर जोर दोनों देशों के उद्योगों के भविष्य के सहयोग की दिशा को भी रेखांकित करेगा।
भारतीय कंपनियां भी दिखाएंगी अपनी औद्योगिक क्षमता
प्रदर्शनी मंडप के दूसरे हिस्से में भारत की प्रमुख औद्योगिक कंपनियों और संस्थाओं की भागीदारी भी देखने को मिलेगी। यहां भारतीय औद्योगिक कंपनियों के साथ धातु विज्ञान क्षेत्र से जुड़ी संस्था मेकॉन (MECON) तथा खनिज निष्कर्षण क्षेत्र से संबंधित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और एनएमडीसी (NMDC) जैसी संस्थाओं के स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे प्रदर्शनी में भारत की इंजीनियरिंग, स्टील, खनन और मेटलर्जी क्षमता को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
रूस-भारत व्यापार और तकनीकी साझेदारी के लिए बन सकता है नया प्लेटफॉर्म
‘इनोप्रोम. इंडिया’ का सबसे बड़ा आकर्षण रूस और भारत के उद्योग जगत को एक साझा मंच पर लाना होगा। प्रदर्शनी के जरिए दोनों देशों की कंपनियों को नई तकनीक, औद्योगिक समाधान, व्यापारिक संपर्क और संभावित साझेदारियों के अवसर मिल सकते हैं। ऐसे में यह आयोजन भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं और औद्योगिक सहयोग के नए रास्ते खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
दिल्ली में तीन दिन तक दिखेगा ग्लोबल इंडस्ट्रियल पावर का प्रदर्शन
9 से 11 सितंबर तक भारत मंडपम में होने वाला यह आयोजन राजधानी दिल्ली को तीन दिनों के लिए वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र में बदल देगा। रूस और भारत की 130 से अधिक कंपनियों की भागीदारी, 10,000 वर्ग मीटर का प्रदर्शनी क्षेत्र और अत्याधुनिक औद्योगिक तकनीकों का प्रदर्शन इस आयोजन को खास बनाता है। ‘इनोप्रोम. इंडिया’ से उद्योग जगत को नई साझेदारियों और निवेश के अवसर मिलने की उम्मीद है, वहीं यह भारत-रूस औद्योगिक संबंधों को भी एक नई दिशा देने वाला मंच बन सकता है।

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