By चंदन शर्मा नई दिल्ली : श्रावण मास की भक्ति और कांवड़ यात्रा के बीच आनंद पर्वत क्षेत्र में सेवा, श्रद्धा और समर्पण की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने शिवभक्ति को जनसेवा से जोड़ दिया। ब्रह्म कोटी चैरिटेबल ट्रस्ट (पंजी.) की ओर से प्रथम शिव भक्त कांवड़ियों के स्वागत एवं सेवा के लिए आयोजित आनंद पर्वत शिविर मंगलवार, 11 अगस्त को संपन्न हुआ। 5 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक चले इस सात दिवसीय शिविर में दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से कांवड़ लेकर गुजर रहे शिवभक्तों के लिए ठंडे जल, भंडारे, चिकित्सा सहायता और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
तपती गर्मी, लंबा सफर और कंधों पर कांवड़ का भार—ऐसे में आनंद पर्वत टी-पॉइंट पर लगा यह सेवा शिविर शिवभक्तों के लिए राहत का पड़ाव बन गया। कमल होटल टी-पॉइंट, न्यू रोहतक रोड, आनंद पर्वत में आयोजित शिविर में दिनभर कांवड़ियों की आवाजाही बनी रही। यहां पहुंचने वाले शिवभक्तों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी थकान कम करने और आगे की यात्रा के लिए नई ऊर्जा देने का प्रयास किया गया।
कांवड़ यात्रा के दौरान कई किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर रहे शिवभक्तों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था विशेष आकर्षण और राहत का केंद्र रही। इसके साथ ही भंडारे में श्रद्धालुओं को भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया गया। लंबी यात्रा के दौरान किसी कांवड़िए को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी की गई। वहीं, थकान से चूर शिवभक्तों के लिए विश्राम स्थल बनाया गया, जहां वे कुछ समय रुककर आराम कर सके और फिर अपनी यात्रा आगे बढ़ा सके।
शिविर में पहुंचने वाले प्रत्येक कांवड़िए का ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अतिथि नहीं, बल्कि शिवभक्त के रूप में श्रद्धा और सेवा भाव से स्वागत किया। ट्रस्ट के चेयरमैन एवं प्रधान बाबू लाल गुप्ता ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करना भगवान शिव की आराधना का ही एक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से पूरी श्रद्धा के साथ शिविर की व्यवस्थाएं की गईं। ट्रस्ट के महासचिव संजय गुप्ता ने शिविर की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजन को सफल बनाने में ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सामूहिक भूमिका रही। कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया, जबकि सचिव दुली चंद ने सेवा कार्यों के साथ कांवड़ियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा। सह-सचिव रमेश कुमार ने शिविर में आने वाले शिवभक्तों की सेवा और आवश्यक व्यवस्थाओं में योगदान दिया। वहीं, संगठन मंत्री पं. त्रिलोक चंद शर्मा ने भी शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाई।
सात दिनों तक चले इस सेवा अभियान में केवल भोजन-पानी की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि ‘नर सेवा-नारायण सेवा’ की भावना को भी जमीन पर उतारने का प्रयास किया गया। शिविर में पहुंचते ही कांवड़ियों का स्वागत, उनकी जरूरत पूछना और उन्हें राहत उपलब्ध कराना सेवा की उस परंपरा को दर्शाता रहा, जिसमें श्रद्धा के साथ मानव सेवा को भी विशेष स्थान दिया गया है।
पूरे आयोजन के दौरान आनंद पर्वत क्षेत्र में भक्ति और सेवा का अनोखा संगम देखने को मिला। शिवभक्तों की आवाजाही, कांवड़ियों की सेवा में जुटे कार्यकर्ता और गूंजते ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय नजर आया। शिविर में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के लिए कांवड़ियों ने आयोजकों का आभार जताया और सेवा कार्य की सराहना की।
बाबू लाल गुप्ता, संजय गुप्ता, मनोज अग्रवाल, दुली चंद, रमेश कुमार और पं. त्रिलोक चंद शर्मा सहित ट्रस्ट के समस्त कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों ने सात दिनों तक लगातार सेवा कार्य में योगदान दिया। सामूहिक प्रयासों से आयोजित यह शिविर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा की मिसाल बनकर सामने आया।
आयोजन के समापन पर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान शिव के भक्तों की सेवा उनके लिए केवल आयोजन नहीं, बल्कि पुण्य और सौभाग्य का अवसर है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े कार्य निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

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