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Chakrapani Maharaj London Mission: London से Swadesh लौटे सनातन सम्राट, Humanity और Peace का दिया Global Message

By विनय मिश्रा नई दिल्लीदस दिवसीय लंदन प्रवास के बाद अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सनातन सम्राट एवं जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज का सोमवार को स्वदेश आगमन हुआ। इंडिगो की उड़ान से दिल्ली पहुंचे स्वामी चक्रपाणि जी महाराज के स्वागत के लिए हिन्दू महासभा भवन में विशेष तैयारियां की गई थीं। उनके पहुंचते ही वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पमालाओं और जयघोष के बीच माहौल भक्तिमय हो उठा। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री शिवा गोस्वामी, महामंत्री श्री कुलदीप श्रीवास्तव एवं प्रसिद्ध समाजसेवी सुरेंद्र स्वामी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।

London से Swadesh लौटे Jagadguru Chakrapani Maharaj का Hindu Mahasabha Bhavan में भव्य स्वागत

लंदन में संत संसद में भारत की आध्यात्मिक आवाज बनी चर्चा का केंद्र

जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज दस दिवसीय लंदन प्रवास के दौरान नेटवर्क-10 के श्री संजय गोस्वामी/संजय गिरि जी द्वारा आयोजित संत संसद में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के अनेक सम्मानित संतों ने सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और मानवता से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। लंदन में संत राज राजेश्वरानंद जी महाराज ने स्वामी जी का भव्य स्वागत किया, जबकि संत त्रिलोचन दास जी महाराज ने संत संसद के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के संदेश से विश्व को जोड़ने का आह्वान

संत संसद के दौरान जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने सनातन धर्म की व्यापक मानवीय भावना और भारत-ब्रिटेन के पारस्परिक संबंधों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना मानवता को एक सूत्र में जोड़ने की है। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के अनुरूप विश्वभर में मानवता, सत्य, अहिंसा, करुणा और दया पर आधारित विचारों को एक मंच पर लाने का आह्वान किया।

भारत की आध्यात्मिक शक्ति और लंदन की आधुनिक सोच के संगम पर जोर

अपने संबोधन में स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने भारत की आध्यात्मिक विरासत और लंदन की आधुनिक सोच के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि आधुनिक सोच और भारतीय आध्यात्मिक दृष्टिकोण का सकारात्मक समन्वय हो जाए तो विश्व को शांति, सद्भाव और मानवता की दिशा में नई राह मिल सकती है। उन्होंने सभी विचारधाराओं के प्रति सत्य, अहिंसा, करुणा और दया के आधार पर सम्मान को समय की आवश्यकता बताया।

संत संसद में देशभर से पहुंचे संत-महात्माओं ने रखे अपने विचार

संत संसद में पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि जी, पड़ोखर सरकार, गोवा स्वामी जी, महामंडलेश्वर उमाकांतनंद जी, महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी जी, श्रीमहंत ऋषिशेश्वरानंद जी सहित अनेक संत-महापुरुषों ने भारत से पहुंचकर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान लंदन के अनेक सम्मानित सांसदों एवं प्रमुख नेताओं ने भी जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज का सम्मान किया। कार्यक्रम का एक विशेष क्षण 15 अगस्त को देखने को मिला, जब संतों की उपस्थिति में तिरंगा फहराया गया और भारत की राष्ट्रीय भावना का संदेश लंदन की धरती पर गूंजा।

संत संसद के आयोजकों को स्वामी जी ने दी बधाई

स्वदेश लौटने के बाद जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने संत संसद के सफल आयोजन के लिए श्री संजय गिरि जी, लंदन के प्रमुख व्यवस्थापक राज राजेश्वरानंद जी तथा त्रिलोचन दास जी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सनातन धर्म, मानवता और विश्व बंधुत्व की भावना को आगे बढ़ाने वाले ऐसे आयोजन भविष्य में भी दुनिया के विभिन्न देशों में निरंतर आयोजित होते रहें।

हिन्दू महासभा भवन में कार्यकर्ताओं ने किया आत्मीय अभिनंदन

दिल्ली पहुंचने के बाद हिन्दू महासभा भवन में हुए स्वागत ने स्वामी जी के प्रति कार्यकर्ताओं की श्रद्धा और उत्साह को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पमालाओं के साथ हुए अभिनंदन के दौरान दिल्ली प्रदेश की टीम ने स्वामी चक्रपाणि जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने भी दिल्ली प्रदेश की समस्त टीम को बधाई एवं आशीर्वाद प्रदान किया। लंदन से लौटे स्वामी जी के इस आगमन को सनातन विचार, भारतीय संस्कृति और विश्व बंधुत्व के संदेश को आगे बढ़ाने वाली यात्रा की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा गया।

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