Hot Posts

8/recent/ticker-posts

Hemkund Sahib Yatra पर बवाल! Sikh श्रद्धालुओं पर हमले से भड़की DSGMC, CM धामी और राज्यपाल से मांगी हाई-लेवल जांच

By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उत्तराखंड में सिख श्रद्धालुओं पर हुए हमले को गंभीरता से लेते हुए वहां उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया है, ताकि स्थानीय सरकार और प्रशासन के समक्ष इस मुद्दे को उठाकर इसका उचित और न्यायसंगत समाधान कराया जा सके। यह जानकारी कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने दी।

उत्तराखंड में सिख श्रद्धालुओं पर हमले के विरोध में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की।

मीडिया से बातचीत में सरदार कालका और सरदार काहलों ने शुक्रवार को कहा कि दो दिन पहले श्री हेमकुंट साहिब यात्रा के दौरान प्रयागराज में हुए टकराव के बारे में गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति, कानून व्यवस्था और भाईचारे का माहौल बनाए रखना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है, क्योंकि बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु हर वर्ष श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर जाते हैं।

उन्होंने बताया कि मनप्रीत सिंह, जसनप्रीत सिंह, अजय सिंह और सतविंदर सिंह जैसे 21 से 23 वर्ष आयु के सिख युवकों ने आत्मरक्षा के लिए अपनी कृपाणों का उपयोग किया था, लेकिन वहां की पुलिस ने जिस प्रकार का रवैया अपनाया, उससे पूरी दुनिया में गलत संदेश गया है। दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी इसकी कड़ी निंदा करती है।

उन्होंने कहा कि कमेटी शीघ्र ही अपना प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड भेजेगी। उनका आरोप है कि स्थानीय सरकार और प्रशासन ऐसा वातावरण बना रहे हैं, जिससे सिख समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने बताया कि यह उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल से मुलाकात करेगा तथा मामले में तत्काल हस्तक्षेप और उच्च स्तरीय जांच की मांग करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, क्योंकि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन इस जिम्मेदारी को निभाने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पुलिस की भूमिका सामने आ रही है और युवकों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार एवं अत्याचार किए गए हैं, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गुरु घर की यात्राएं हैं, जिन्हें किसी के कहने या दबाव से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि घोड़े, खच्चर और अन्य सेवाओं से जुड़े हजारों स्थानीय व्यापारी भी हर वर्ष इन यात्राओं से आजीविका कमाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृपाण के संबंध में गलत शब्दावली का प्रयोग किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सभी पक्षों से गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के तहत सिख समुदाय को अपने धर्म के अनुसार पांच ककार धारण करने का अधिकार प्राप्त है और इस पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं की जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में कटुता और तनाव का माहौल न तो पैदा किया जाना चाहिए और न ही उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ