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Hemkund Sahib Nihang Singh Case: DSGMC के दबाव के बाद बड़ा एक्शन, जांच चमोली से हटकर SSP नवनीत सिंह भुल्लर को सौंपी गई

By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली जिले में श्री हेमकुंट साहिब यात्रा पर जा रहे निहंग सिंहों के साथ स्थानीय लोगों द्वारा मारपीट कर उन्हें घायल किए जाने तथा बाद में पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई करते हुए निहंग सिंहों को गिरफ्तार करने के मामले में आज दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जनरल सचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों के नेतृत्व में उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ से मिला। प्रतिनिधिमंडल में हरजीत सिंह पप्पा, कंवलजीत सिंह जॉली और राजिंदर सिंह ख्याला भी शामिल थे।

उत्तराखंड DGP से मुलाकात करते दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के प्रतिनिधि, निहंग सिंह मारपीट मामले की जांच और कार्रवाई पर चर्चा करते हुए।

करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक के बाद कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और जनरल सचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि 16 जून को जब श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा करनप्रयाग पहुंची, तब चार युवा निहंग सिंहों के साथ स्थानीय लोगों ने मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए निहंग सिंहों के खिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें नंगे सिर अदालत में पेश किया।

उन्होंने बताया कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने डीजीपी को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं और स्थानीय लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

कालका और काहलों ने बताया कि उनकी जोरदार मांग पर डीजीपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों की जांच चमोली पुलिस से हटाकर हरिद्वार के एसएसपी सरदार नवनीत सिंह भुल्लर को सौंप दी है।

उन्होंने कहा कि निहंग सिंहों के साथ थाने में कथित मारपीट और उन्हें नंगे सिर अदालत में पेश किए जाने पर कमेटी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस पर डीजीपी ने बताया कि डीआईजी यशवंत सिंह पूरे मामले की जांच करेंगे और यह भी पता लगाया जाएगा कि उस समय ड्यूटी पर कौन-कौन से पुलिसकर्मी तैनात थे तथा किन अधिकारियों की जिम्मेदारी थी।

कमेटी ने मांग की कि जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सामने आए। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि जांच दो से तीन सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि भविष्य में श्री हेमकुंट साहिब यात्रा के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके लिए श्रीनगर और ऋषिकेश क्षेत्र में दो नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि गुरमुखी भाषा जानने वाले दो नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके।

कमेटी ने यह भी मांग रखी कि पुलिस हिरासत में बंद निहंग सिंहों को जल्द जमानत मिले और उनके मामलों की कानूनी पैरवी दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी करेगी। उन्होंने कहा कि निहंग सिंहों पर लगाई गई भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) अनुचित है और इसे हटाया जाना चाहिए।

कालका और काहलों ने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी देश-विदेश में सिख समुदाय से जुड़े मामलों की पैरवी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जहां भी किसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता होगी, कमेटी आगे बढ़कर सहायता करेगी और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास करेगी।

उन्होंने बताया कि डीजीपी ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कमेटी नेताओं ने त्वरित कार्रवाई के लिए डीजीपी दीपम सेठ का धन्यवाद भी किया।

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