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Delhi Gurmat Camps 2026: गुरमति कैंपों ने रचा नया इतिहास, 20 हजार बच्चों ने रागों में गुरबाणी कीर्तन कर संगतों को मंत्रमुग्ध किया

By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गर्मी की छुट्टियों के दौरान धर्म प्रचार कमेटी के प्रयासों से आयोजित गुरमति कैंपों के समापन समारोह की शृंखला के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने रागों में गुरबाणी का कीर्तन कर तथा कंठस्थ बाणियों का पाठ कर संगतों का मन मोह लिया। इस अवसर पर अत्यंत धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों की सीखने में रुचि, गुरबाणी को कंठस्थ करने की क्षमता तथा रागों में कीर्तन करने की दक्षता देखकर प्रबंधक भी आश्चर्यचकित रह गए।

गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में आयोजित गुरमति कैंप समापन समारोह के दौरान विद्यार्थी रागों में गुरबाणी कीर्तन और बाणियों का पाठ करते हुए।

समागम को संबोधित करते हुए कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका, महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों तथा धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन सरदार जसप्रीत सिंह करमसर ने बताया कि पहले दिन की तरह ही सुबह 8 बजे से विभिन्न सिंह सभाओं एवं गुरमति कैंपों के अन्य केंद्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब स्थित भाई लखी शाह वणजारा हॉल पहुंचते रहे और शाम 6 बजे तक यही उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।

उन्होंने कहा कि धर्म प्रचार विंग की ओर से बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए नियुक्त वालंटियर, ग्रंथी साहिबान एवं अन्य अध्यापक भी बच्चों की प्रतिभा देखकर प्रभावित हुए। बच्चों की शानदार प्रस्तुति देखकर अभिभावक भी बेहद प्रसन्न और आश्चर्यचकित थे।

उन्होंने कहा कि तय नीति के अनुसार दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी गुरबाणी कंठ करने वाले तथा रागों में कीर्तन करने वाले बच्चों को पुरस्कार राशि एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित करेगी। भविष्य में भी इन बच्चों को दोबारा आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक घर में गुरमति कैंप की ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र पहुंचे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अगले वर्ष हर घर से बच्चे इन गुरमति कैंपों का हिस्सा बनेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हर घर में गुरमति का प्रचार हो। ये बच्चे हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं, जो घर-घर जाकर गुरमति और गुरसिखी जीवन का संदेश फैलाएंगे। वे अपने मित्रों, साथियों और विद्यालयों में जाकर बताएंगे कि उन्होंने इन कैंपों में क्या सीखा। इसी प्रकार निःस्वार्थ सेवा करने वाले वालंटियर भी हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सिख इतिहास और गुरबाणी से जोड़कर गुरसिखी में परिपक्व बनाना हमारा लक्ष्य है। माता-पिता और बच्चों से जिस प्रकार का उत्साहवर्धन मिल रहा है, उसे देखते हुए वह दिन दूर नहीं जब हम इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाने में सफल होंगे।

उन्होंने धर्म प्रचार विंग की पूरी टीम, सेवाएं देने वाले वालंटियरों तथा कैंपों को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष इन गुरमति कैंपों में 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, जो अपने आप में नया रिकॉर्ड है।

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