By चंदन शर्मा नई दिल्ली: दिनांक 7 नवंबर 2025 को अपनी तीन दशक की उत्कृष्ट सेवाओं का जश्न मनाते हुए, इंडियन स्पाइनल इंजरीज़ सेंटर (ISIC) – जो रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए भारत का प्रमुख संस्थान है और जिसके संस्थापक मेजर एच.पी.एस. अहलुवालिया की प्रेरणा से इसकी नींव रखी गई थी – ने आज अपनी नई पहचान की घोषणा की। इस मौके पर ISIC ने अपने बड़े बदलाव की शुरुआत की घोषणा की, जिसके तहत यह अब ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में कार्य करेगा। यह विशेष अवसर “The New Chapter Unfolds – A New Vision, in a New Avatar” थीम के साथ मनाया गया, जो ISIC की उस यात्रा का प्रतीक है जिसमें यह एक सिंगल स्पेशियलिटी अस्पताल से आगे बढ़कर अब मल्टीस्पेशियलिटी स्वास्थ्य केंद्र बन गया है। हर मरीज को दयालुता और बेहतर इलाज प्रदान करने के अपने उद्देश्य और एकीकृत विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं में वैश्विक अग्रणी बनने के मिशन के साथ, यह रूपांतरण ISIC के लिए एक नए युग की शुरुआत है। इस अवसर पर संस्था ने अपना नया लोगो भी जारी किया — जो इसके संस्थापक की भावना को संजोए रखते हुए आधुनिक और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को दर्शाता है।
अब अस्पताल में कार्डियक साइंसेज़, रीनल साइंसेज़, न्यूरोसायंसेज़ और गैस्ट्रो साइंसेज़ की नई सुविधाएं होंगी।ऑर्थोपेडिक्स और स्पाइन इसके मुख्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बने रहेंगे, जबकि अगले चरण में कैंसर विभाग भी शुरू किया जाएगा। हर विभाग में आधुनिक जांच, अनुसंधान और रिहैबिलिटेशन की सुविधाएं होंगी, ताकि मरीजों को शुरुआती देखभाल से लेकर पूरी तरह स्वस्थ होने तक एक ही जगह पर समग्र इलाज मिल सके। संस्थान अगले पांच वर्षों में अपनी क्षमता 200 से बढ़ाकर 600 बिस्तरों तक करने की योजना पर काम कर रहा है। पहले चरण में 100 नए बेड, नया 15-बेड वाला डायलिसिस यूनिट, उन्नत डायग्नोस्टिक उपकरण, और डिजिटल सिस्टम जोड़े जाएंगे। अस्पताल अपने मरीज-केंद्रित डिजाइन, आपातकालीन सेवाओं और डिजिटल इंटीग्रेशन को भी मजबूत कर रहा है, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली, सहज और संवेदनशील देखभाल मिल सके।
संस्थान की यात्रा पर विचार साझा करते हुए, भोली अहलुवालिया, चेयरपर्सन, ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने कहा: “ISIC की शुरुआत एक व्यक्ति के साहस से हुई थी — जब मेजर एच.पी.एस. अहलुवालिया ने अपनी व्यक्तिगत कठिनाई को समाज की सेवा और समावेशन के मिशन में बदल दिया। पिछले तीन दशकों से यह भावना हमें हजारों लोगों में फिर से उम्मीद, गरिमा और चलने की क्षमता लौटाने के लिए प्रेरित करती रही है। अब जब हम ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल बन रहे हैं, तो हम आज और आने वाले कल की स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं — लेकिन उन मूल्यों के साथ, जिनसे हमारी शुरुआत हुई थी। यह परिवर्तन हमें एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय और संपूर्ण इलाज प्रदान करने की क्षमता देता है। हमारी पहचान हमारी सहानुभूति और समाज के प्रति जिम्मेदारी की संस्कृति है — जो हमारे CSR कार्यों में झलकती है, जैसे मुफ्त जांच शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, और बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए सुविधाएं। हम इस नए चरण में भी सेवा, सहानुभूति और एक स्वस्थ, समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में प्रतिबद्ध हैं।”
संस्थान की दीर्घकालिक रणनीति पर बोलते हुए, सुगंध अहलुवालिया, चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर, ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ने कहा: “ISIC का मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में रूपांतरण, विकास और निरंतरता दोनों का प्रतीक है — यह हमारी मजबूत नींव पर आधारित है, जिसमें हमने रीढ़ और रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है, और अब हम व्यापक एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ रहे हैं। हमारा उद्देश्य है एक ऐसा सिस्टम बनाना जो मरीज-प्रथम हो, जहाँ उन्नत चिकित्सा विशेषज्ञता, सहानुभूति और नवाचार साथ आएं। हम हर नए विभाग में वही गुणवत्ता, टीमवर्क और ईमानदारी बनाए रखना चाहते हैं, जो पिछले तीन दशकों से ISIC की पहचान रही है। वर्षों से ISIC अनुसंधान, शिक्षा और चिकित्सा नवाचार का केंद्र बन चुका है, जहाँ कई नई तकनीकों की शुरुआत हुई है। अब हम AI, रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थ में निवेश कर रहे हैं ताकि टेलीमेडिसिन और रिमोट रिहैबिलिटेशन को और बेहतर बनाया जा सके। हमारा लोगो आज भी हमारी पहचान को दर्शाता है — दृढ़ता, सशक्तिकरण और उम्मीद का प्रतीक।”
संस्थान की विकास योजनाओं पर जानकारी देते हुए, डॉ. आशीष चंद्रा, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ने कहा: “हमारा विस्तार उत्तर भारत के सबसे उन्नत और मरीज-केंद्रित अस्पतालों में से एक बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हम तकनीक को मानवीय देखभाल से जोड़ रहे हैं ताकि हर प्रक्रिया — जांच से लेकर इलाज और रिकवरी तक — तेज़, पारदर्शी और सहज हो। हमारा हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन सिस्टम, जो मोबाइल ऐप और मरीज पोर्टल से जुड़ा है, मरीजों को रिपोर्ट, परामर्श और अपडेट की आसान पहुंच देता है। साथ ही, हम अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सिस्टम, डॉक्टरों के प्रशिक्षण और क्लीनिकल टैलेंट में भी निवेश कर रहे हैं, ताकि हम अपनी मुख्य प्रतिबद्धता — उत्कृष्टता और भरोसा — को बनाए रखें। हमारे लिए विकास का अर्थ सिर्फ क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि हर मरीज के अनुभव को बेहतर बनाना है।”
लगभग 20% CAGR, 75% ओक्यूपेंसी रेट और 90% से अधिक NPS के साथ, ISIC अब निरंतर और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका आधुनिक डिजिटल इकोसिस्टम — जिसमें मरीज पोर्टल, मोबाइल ऐप और AI-सक्षम सिस्टम शामिल हैं — मरीजों को पारदर्शी, सहज और सुलभ स्वास्थ्य अनुभव प्रदान करता है।



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