By विनय मिश्रा नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने गुरुवार को राजघाट स्थित गांधी दर्शन परिसर से ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ किया। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव खादी, स्वदेशी, रोजगार, ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के संदेश को देशभर में जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ KVIC अध्यक्ष मनोज गोयल ने किया। इस अवसर पर दिल्ली के पूर्व मेयर जयप्रकाश, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कारीगर, PMEGP लाभार्थी, प्रशिक्षु, KVIC अधिकारी-कर्मचारी और देश के विभिन्न हिस्सों से ऑनलाइन जुड़े कारीगर एवं प्रतिभागी मौजूद रहे। गांधी दर्शन की धरती से शुरू हुए इस अभियान ने खादी को केवल कपड़े के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार, स्वावलंबन और स्वदेशी अर्थव्यवस्था से जोड़ने का संदेश दिया।
25 वर्षों की सेवा यात्रा को 25 दीपों से किया गया प्रतीकात्मक सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की यात्रा को कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कारीगरों ने #AshirwadKaDiya के साथ केक काटा और ‘संकल्प से सिद्धि’ के प्रतीक के रूप में 25 दीप प्रज्वलित किए। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
KVIC अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की 25 वर्षों की यात्रा में सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की भावना महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ के माध्यम से खादी, स्वदेशी, रोजगार और आत्मनिर्भरता का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
‘खादी’ से रोजगार और आत्मनिर्भरता तक, KVIC ने दिखाया बड़ा विजन
गोयल जी ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं है, बल्कि यह आत्मसम्मान, ग्रामीण रोजगार, स्वदेशी और स्थानीय अर्थव्यवस्था की पहचान है। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे अभियानों ने स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण उद्यमिता को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि अब जरूरत खादी को नए बाजार, नई तकनीक और नई पीढ़ी से जोड़ने की है। ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव’ इसी दिशा में एक ऐसा मंच बनाने का प्रयास है, जहां कारीगर, उद्यमी, युवा, संस्थाएं और उपभोक्ता एक साथ स्वदेशी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भागीदार बन सकें।
PMEGP लाभार्थियों के खातों में ₹289 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर KVIC ने PMEGP के 3,366 लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 289 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की। KVIC के अनुसार, इन परियोजनाओं से देशभर में नई इकाइयों की स्थापना होगी और लगभग 37,026 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं के लिए बैंकों की ओर से लगभग 873 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम के दौरान PMEGP के तहत 5,000 नई इकाइयों का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया गया। KVIC अध्यक्ष ने कहा कि PMEGP का मूल उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला उद्यमी बनाना है।
कारीगरों को मशीनरी और टूलकिट, रोजगार की दिशा में नई ताकत
कार्यक्रम में दिल्ली और पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों को मशीनरी एवं टूलकिट भी वितरित किए गए। KVIC अध्यक्ष ने कहा कि ये उपकरण सिर्फ मशीनें या टूलकिट नहीं हैं, बल्कि कारीगरों के लिए काम, आय, आत्मनिर्भरता और सम्मान के नए अवसरों का माध्यम हैं।
कारीगरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ उनकी पारंपरिक कला और कौशल को बाजार उपलब्ध कराना भी महोत्सव के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। KVIC का जोर इस बात पर है कि ग्रामीण और पारंपरिक कारीगर बदलते बाजार की जरूरतों के अनुरूप अपनी उत्पादकता और आय दोनों बढ़ा सकें।
KVIC ने लॉन्च किए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म, खादी को टेक्नोलॉजी का सहारा
कार्यक्रम के दौरान KVIC की डिजिटल सेवाओं को आधुनिक और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण डिजिटल पहल शुरू की गईं। इनमें E-Commerce Portal, PMEGP Online EDP Portal, PMEGP Online EDP Mobile App, हिन्दी वैभव पोर्टल और KVIC Digital 2.0 शामिल हैं।
इन डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों को ऑनलाइन सेवाओं, प्रशिक्षण, उद्यमिता और बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ना है। इससे पारंपरिक खादी क्षेत्र को डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ने और उत्पादों की पहुंच को व्यापक बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
760 वर्कशेड और नवीनीकृत भंडारों का भी ऑनलाइन शुभारंभ
महोत्सव के दौरान देशभर में 760 व्यक्तिगत एवं ग्रुप वर्कशेड तथा नवीनीकृत भंडारों का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया गया। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया, ताकि उपभोक्ताओं को स्थानीय उत्पादों और कारीगरों के हुनर से सीधे जोड़ने का अवसर मिल सके।
कार्यक्रम स्थल पर चरखा कताई का सजीव प्रदर्शन, सेल्फी प्वाइंट और ‘स्वदेशी संकल्प’ जैसी गतिविधियों ने आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप दिया। विभिन्न कौशल विकास पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
स्वच्छता, पौधारोपण और स्वदेशी—सेवा संकल्प का व्यापक संदेश
गांधी दर्शन स्थित KVIC कार्यालय परिसर में स्वच्छता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। KVIC अध्यक्ष मनोज गोयल ने पौधारोपण कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में सेवा को केवल एक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए स्वच्छता, पर्यावरण, रोजगार और कारीगर सम्मान से जोड़ने पर जोर दिया गया।
गोयल जी ने कहा कि “स्वच्छता भी सेवा है, स्वदेशी भी सेवा है, रोजगार देना भी सेवा है और कारीगर का सम्मान भी सेवा है।” उन्होंने देशभर के कारीगरों, खादी संस्थाओं, PMEGP लाभार्थियों, युवाओं और KVIC परिवार से इस महोत्सव में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
17 अक्टूबर तक देशभर में चलेगा ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव’
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव के तहत देशभर में स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, खादी यात्रा, स्वदेशी संकल्प शपथ, जागरूकता कार्यक्रम, कारीगर संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों, गांवों, गली-मोहल्लों और खादी संस्थाओं को भी इन गतिविधियों से जोड़ने की योजना है।
KVIC अध्यक्ष ने कहा कि प्रयास यह है कि ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ केवल किसी एक विभाग का कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि जन-जन की भागीदारी वाला अभियान और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता का बड़ा मंच बने। उन्होंने कहा कि हर स्कूल में खादी की बात हो, हर गांव में ग्रामोद्योग की बात हो और हर बाजार में स्वदेशी की बात हो।
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ से भी जोड़ा गया महोत्सव
‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव’ को 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान से भी जोड़ा गया है। इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है।
इस जुड़ाव के जरिए खादी और ग्रामोद्योग के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के संदेश को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। KVIC के अनुसार, महोत्सव के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।
KVIC के मुताबिक खादी-ग्रामोद्योग कारोबार ₹1.87 लाख करोड़ के पार
मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने पिछले वर्षों में नए आयाम हासिल किए हैं। उनके बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि इस क्षेत्र के माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि खादी अब आत्मनिर्भर भारत, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘लोकल टू ग्लोबल’ और विकसित भारत-2047 के संकल्प से भी जुड़ रही है। KVIC अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ेगा।
‘सेवा संकल्प’ से खादी को जनभागीदारी के नए अभियान में बदलने की कोशिश
‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026’ के शुभारंभ के साथ KVIC ने खादी को रोजगार, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल बाजार और स्वदेशी अर्थव्यवस्था के व्यापक अभियान से जोड़ने का संदेश दिया है। अब 17 अक्टूबर तक देशभर में होने वाली गतिविधियों के जरिए यह देखने को मिलेगा कि कारीगरों, युवाओं, उद्यमियों और आम उपभोक्ताओं की भागीदारी किस तरह इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देती है।
KVIC का फोकस इस महोत्सव के जरिए खादी की परंपरा को आधुनिक बाजार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के साथ-साथ कारीगरों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है। गांधी दर्शन से शुरू हुआ यह एक महीने का अभियान अब देशभर में खादी, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के संदेश को आगे बढ़ाएगा।




0 टिप्पणियाँ