By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 10 अगस्त 2026, राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में जल क्षेत्र की तकनीक, कारोबार और नवाचार का तीन दिवसीय बड़ा मंच EAW Global Aqua Expo 2026 शनिवार को संपन्न हो गया। अंतिम दिन एक्सपो में देश-विदेश से जुड़े जल विशेषज्ञों, तकनीकी कंपनियों, यूटिलिटी, EPC कंपनियों, सलाहकारों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में Water Security केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि Technology, Business और Sustainable Development का भी बड़ा आधार बनने जा रही है।
अर्थ वाटर फाउंडेशन की ओर से आयोजित और ASSOCHAM के लीड इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में आयोजित एक्सपो के 21वें संस्करण में कारोबार से लेकर तकनीकी प्रदर्शन और ज्ञान-विनिमय तक कई स्तरों पर गतिविधियां हुईं। ‘Shaping the Future of Water Through Innovation, Sustainability and Collaboration’ थीम के साथ आयोजित इस एक्सपो में जल संकट के समाधान के साथ-साथ नई तकनीकों को बाजार तक पहुंचाने और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर खास जोर रहा।
ETP, STP और ZLD पर Technical Masterclass ने खींचा ध्यान
एक्सपो के अंतिम दिन EAW Water Academy के तहत ‘ETP, STP and ZLD Design Calculation and Troubleshooting’ विषय पर विशेष तकनीकी मास्टरक्लास आयोजित की गई। डॉ. लोकेश कुमार के नेतृत्व में हुए इस सत्र में प्लांट इंजीनियरों, ऑपरेटरों, सलाहकारों, EPC टीमों, यूटिलिटी और नगर निकाय के कर्मचारियों के साथ युवा प्रोफेशनल्स तथा शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। यहां सिर्फ तकनीक की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि प्लांट में आने वाली वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान पर भी चर्चा हुई।
मास्टरक्लास में Design Calculation, Plant Troubleshooting, Compliance और Zero Liquid Discharge (ZLD) जैसे महत्वपूर्ण विषयों को केंद्र में रखा गया। विशेषज्ञों ने बताया कि उद्योगों में पानी की बढ़ती जरूरत और पर्यावरणीय मानकों के बीच ऐसी तकनीकों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इस प्रशिक्षण ने एक्सपो को केवल प्रदर्शनी तक सीमित न रखकर Knowledge और Skill Development का प्लेटफॉर्म भी बनाया।
Business-to-Business Meetings से बने नए कारोबारी अवसर
तीन दिनों के दौरान एक्सपो में Business-to-Business (B2B) Meetings और Technical Partnerships पर विशेष फोकस रहा। Global Water Business Lounge में यूटिलिटी, EPC कंपनियों, निवेशकों और निर्यातकों के बीच सीधे संवाद का मंच तैयार किया गया। इसका उद्देश्य केवल कंपनियों को अपनी तकनीक दिखाना नहीं, बल्कि संभावित खरीदारों और साझेदारों तक सीधे पहुंच बनाना था।
वहीं Government and Facilitation Hub तथा SEPC Export Promotion and Market Information Table के जरिए बाजार और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा हुई। Innovation Spotlight Arena में नई तकनीकों, प्रोडक्ट्स और Startup Solutions ने ध्यान खींचा। इससे तकनीकी कंपनियों को उद्योग के Decision Makers के सामने अपने समाधान रखने और भविष्य की संभावित साझेदारियों के रास्ते तलाशने का अवसर मिला।
पहले दिन Water Transition और Smart Technology पर रहा फोकस
एक्सपो के पहले दिन का मुख्य फोकस ‘Navigating India’s Water Transition: Technology, Policy and Circularity’ रहा। ‘India Water Mandate 2030’ से लेकर Viksit Bharat 2047 के लिए Industrial Water Security तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी। CEO Water Leadership Forum, Industrial Water Capacity Building and Skill Development और Smart Water 4.0 जैसे सत्रों में भविष्य की जल व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने पर चर्चा हुई।
AI, Waste-to-Wealth, Circular Water Economy, ESG और Climate-Ready Water Infrastructure जैसे विषयों ने भी पहले दिन चर्चा का केंद्र बनाए रखा। इन सत्रों में यह सवाल प्रमुख रहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के बीच भारत किस तरह ऐसी जल व्यवस्था तैयार कर सकता है, जो तकनीकी रूप से स्मार्ट होने के साथ-साथ पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ भी हो।
पहले दिन डॉ. राज भूषण चौधरी, मुख्य अतिथि, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार; डॉ. अंबिका शर्मा, असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल, ASSOCHAM; सिद्धार्थ के. देसाई, को-चेयर, नेशनल काउंसिल ऑन वाटर, ASSOCHAM एवं किशोर पंप्स; तुर्बाशु भट्टाचार्य, को-चेयर, नेशनल वाटर काउंसिल, ASSOCHAM एवं Roserve Enviro; शंकर वेंकटेश्वरन, इंडस्ट्री वेटरन एवं मॉडरेटर; अमित कपूर, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, IOTA Group एवं Nico Nanobubble; अनिरुद्ध दुबे, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, दिल्ली जल बोर्ड; तथा डॉ. डी. थारा, IAS, मंत्रालय आवासन एवं शहरी कार्य समेत कई विशेषज्ञों ने भाग लिया।
दूसरे दिन Global Water Business और Water Resilience पर मंथन
दूसरे दिन एक्सपो का फोकस Global Water Business and Resilience पर रहा। World Sustainable Water Summit, Water Security, Infrastructure and Partnerships तथा South Asia Rainwater Forum जैसे महत्वपूर्ण मंचों पर भारतीय जल कंपनियों के लिए वैश्विक बाजार की संभावनाओं, जल अवसंरचना के वित्तपोषण और नई तकनीकों पर चर्चा हुई।
बारिश के पानी को बचाने से लेकर बड़े स्तर पर जल सुरक्षा सुनिश्चित करने तक कई मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि Rainwater Harvesting, Community Participation और Innovative Water Technologies को स्थानीय जरूरतों के साथ जोड़कर ही लंबे समय का समाधान तैयार किया जा सकता है।
दूसरे दिन श्री दुर्गा शंकर मिश्रा, IAS, पूर्व मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार; श्री प्रशांत कुमार, IAS, प्रधान सचिव, जल संसाधन, झारखंड सरकार; पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, जल संरक्षण विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता; डॉ. तनुजा अरियानंदा, CEO एवं कन्वीनर, SARNET; श्री हान हेइजेन, अध्यक्ष, International Rainwater Harvesting Alliance; सुश्री कर्मा उडेन, Senior Program Officer, Tarayana Foundation, Bhutan; डॉ. एस.वी. मुरुगन, Chief Operating Officer, National Agro Foundation; श्री सलाहुद्दीन सैफी, Principal Lead–Water Management, S.M. Sehgal Foundation; और सुश्री स्वाति भाटिया, Deputy Program Manager, Water Program, Centre for Science and Environment समेत कई विशेषज्ञ शामिल हुए।
शिवानी घोरावत ने बताया—साझेदारियों को समाधान में बदलना अगला लक्ष्य
अर्थ वाटर फाउंडेशन की संस्थापक शिवानी घोरावत ने कहा कि किसी भी Water Sector मंच की सफलता केवल भीड़ या प्रदर्शकों की संख्या से नहीं, बल्कि उससे बनने वाली साझेदारियों और नए अवसरों से तय होती है। उनके अनुसार इस संस्करण में तकनीकी कंपनियों, खरीदारों, यूटिलिटी, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने का प्रयास सफल रहा।
उन्होंने कहा कि अब चुनौती इन संपर्कों और चर्चाओं को ऐसे Practical Water Solutions में बदलने की है, जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके। यानी एक्सपो में हुए संवाद अब सिर्फ चर्चा तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक जल समस्याओं के समाधान में दिखाई दें—यही आयोजन की अगली दिशा होगी।
200+ Exhibitors और 5,000+ Professionals ने बनाया बड़ा मंच
तीन दिनों में EAW Global Aqua Expo ने Technology, Business, Market Access और Knowledge Exchange को एक ही मंच पर जोड़ने का प्रयास किया। आयोजन के दस्तावेज के अनुसार एक्सपो में 200 से अधिक प्रदर्शक, 5,000 से अधिक पेशेवर, 50 से अधिक वक्ता और 500 से अधिक B2B Meetings का लक्ष्य रखा गया था। अंतिम आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि आयोजन के बाद की जानी थी।
एक्सपो के समापन के साथ भारत के Water Industry Ecosystem में नए कारोबारी संपर्क, तकनीकी सहयोग और वैश्विक बाजार की संभावनाओं को लेकर उम्मीदें भी बढ़ी हैं। खास बात यह रही कि आयोजन में Technology Showcase से लेकर Technical Training और B2B Networking तक जल क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई।
Hyderabad में अगला पड़ाव, Delhi में फिर जुटेगा Water Sector
EAW Global Aqua Expo का अगला South India Edition फरवरी 2027 में हैदराबाद में आयोजित किया जाएगा, जबकि इसका 22वां National Edition अगस्त 2027 में नई दिल्ली में होगा। यानी भारत के Water Sector में Technology, Innovation और Business Collaboration की यह श्रृंखला अगले साल भी जारी रहेगी।


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