By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: भाई गुरदीप सिंह, भाई हरजीत सिंह और भाई गुरमीत सिंह के जत्थे को दूसरे शिरोमणि रागी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में 23वें राग दरबार कीर्तन समागम में यह सम्मान प्रदान किया।
इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका, महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों तथा धर्म प्रचार समिति के चेयरमैन जसप्रीत सिंह करमसर ने कहा कि यह राग दरबार कीर्तन समागम प्रत्येक माह आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य उन कीर्तनियों और रागी सिंहों को मंच प्रदान करना है, जो गुरमत रागों में कीर्तन करने की विशेष दक्षता रखते हैं, ताकि संगतें गुरु साहिबानों द्वारा स्थापित प्राचीन गुरमत कीर्तन परंपरा से जुड़ सकें। इस पहल की शुरुआत कई माह पहले सिंह साहिब ज्ञानी रंजीत सिंह ने की थी, जिसे संगतों का भरपूर सहयोग और समर्थन प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों द्वारा आरंभ की गई कीर्तन शैली को अपनाना और उसकी मर्यादा को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि राग दरबार कीर्तन समागम के साथ-साथ पिछले वर्ष से गुरुघर के कीर्तनियों के सम्मान हेतु शिरोमणि रागी अवॉर्ड की शुरुआत की गई। पहले वर्ष यह सम्मान भाई गुरमीत सिंह शांत के जत्थे को प्रदान किया गया था। इसके अंतर्गत सम्मान पत्र के साथ 11 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई थी तथा यह घोषणा की गई थी कि प्रत्येक वर्ष एक शिरोमणि रागी को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
इसी कड़ी में इस वर्ष 50 वर्षों से अधिक समय से गुरमत कीर्तन की सेवा निभा रहे भाई गुरदीप सिंह, भाई हरजीत सिंह और भाई गुरमीत सिंह के जत्थे को यह सम्मान प्रदान किया गया। इस जत्थे ने दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों में पाँच दशकों तक निष्कलंक और समर्पित भाव से कीर्तन सेवा निभाई है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से सिंह सभाओं के ग्रंथी सिंहों, कीर्तनियों और सेवादारों के बच्चों की गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों में 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफ की जा रही है। यदि किसी को इसकी जानकारी नहीं है तो वह इस योजना का लाभ अवश्य उठाए।
उन्होंने आगे बताया कि खालसा साजना दिवस पर आयोजित विशाल अमृत संचार समागम में यह घोषणा की गई थी कि जिन परिवारों ने अमृत छककर अमृतधारी जीवन अपनाया है, उनके बच्चों की शिक्षा भी गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों में नि:शुल्क होगी।
उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए बड़ी संख्या में परिवारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और अगले दो दिनों के भीतर सभी पात्र परिवारों को स्वीकृति पत्र जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद उनके बच्चों की 12वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी तरह नि:शुल्क होगी।


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