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Bhutan JSW Literature Award 2026: Ashwin Sanghi बने पहले विजेता, भारतीय साहित्य को मिला Global Honour

By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: भारत के प्रतिष्ठित और सर्वाधिक लोकप्रिय बेस्टसेलिंग लेखकों में शुमार अश्विन सांघी को भूटान के प्रतिष्ठित द्रुक्युल्स लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल द्वारा स्थापित प्रथम जेएसडब्ल्यू साहित्य पुरस्कार दिया जाएगा। उन्हें इस वर्ष "द आर्ट ऑफ बीइंग ह्यूमन" विषय पर आयोजित महोत्सव के 15वें संस्करण में इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

भूटान के पहले JSW साहित्य पुरस्कार के लिए चयनित भारतीय बेस्टसेलिंग लेखक अश्विन सांघी, थिम्फू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में होंगे सम्मानित।

भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय लेखकों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। अश्विन सांघी का चयन इस बात का संकेत है कि भारतीय साहित्य अब वैश्विक पाठकों और साहित्यिक संस्थाओं के बीच मजबूत पहचान बना चुका है।

जेएसडब्ल्यू साहित्य पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2025 में भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के उपलक्ष्य में की गई थी। इस पहल का उद्देश्य रचनात्मकता, संस्कृति और विचारों की उस शक्ति का सम्मान करना है, जो साझा मानवीय अनुभव को समृद्ध बनाती है।

JSW साहित्य पुरस्कार की शुरुआत केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि रचनात्मक सोच और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करने की पहल भी मानी जा रही है। इससे आने वाले वर्षों में दुनिया भर के लेखकों और कलाकारों को नया मंच मिलने की उम्मीद है।

इस पुरस्कार का पहला सम्मान द्रुक्युल्स लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल, जिसे 'भूटान इकोज़' के नाम से भी जाना जाता है, के दौरान प्रदान किया जाएगा। साहित्य, संस्कृति और कला का यह वार्षिक अंतरराष्ट्रीय महोत्सव भूटान की राजधानी थिम्फू में 1 से 3 अगस्त, 2026 तक आयोजित होगा।

थिम्फू में आयोजित होने वाला यह महोत्सव हर वर्ष विभिन्न देशों के साहित्यकारों, कलाकारों और विचारकों को एक साथ लाता है। ऐसे आयोजन देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हालाँकि जेएसडब्ल्यू पुरस्कारों की शुरुआत फिलहाल साहित्य और कला के क्षेत्र से की जा रही है,लेकिन आयोजकों का कहना है कि भविष्य में इस पहल का दायरा और व्यापक किया जा सकता है। समय के साथ इन पुरस्कारों के माध्यम से दुनिया भर के उन असाधारण व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया जा सकेगा, जिन्होंने अपने आजीवन योगदान या उत्कृष्ट रचनात्मक कार्यों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होते, बल्कि उस देश की साहित्यिक परंपरा और रचनात्मक क्षमता को भी वैश्विक पहचान दिलाते हैं, जहां से सम्मानित लेखक आते हैं।

अश्विन सांघी ने इस पुरस्कार के लिए चुने जाने पर कहा, "भूटान की महारानी माता ग्यालुम दोर्जी वांगमो वांगचुक, जिनके प्रति मेरे मन में गहरा सम्मान है, उनके हाथों पहला जेएसडब्ल्यू साहित्य पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। मेरे समूचे साहित्यिक जीवन का आधार इस विश्वास पर टिका है कि लोकप्रिय कथा-साहित्य बौद्धिक रूप से समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गहराई से जुड़ा हो सकता है,बिना कहानी कहने के आनंद से कोई समझौता किए। इस विश्वास को भूटान जैसे देश में मान्यता मिलना, जिसने हमेशा मेरे हृदय में विशेष स्थान बनाया है। यह मेरे लिए अत्यंत सार्थक और भावुक करने वाला अनुभव है।"

अश्विन सांघी की लेखन शैली ने युवा पाठकों के साथ-साथ शोधकर्ताओं और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के बीच भी अलग पहचान बनाई है। उनकी किताबें कई वर्षों से बेस्टसेलर सूची में शामिल होती रही हैं।

द्रुक्युल्स लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल की संस्थापक महारानी माता ग्यालुम दोर्जी वांगमो वांगचुक ने कहा, "श्री अश्विन सांघी ने अपनी उल्लेखनीय साहित्यिक कृतियों के माध्यम से इतिहास, पौराणिक परंपराओं, संस्कृति और समकालीन विचारों को एक साथ जोड़ते हुए जटिल विषयों को दुनिया भर के पाठकों के लिए सहज और रोचक बनाया है। प्राचीन और आधुनिक दृष्टिकोणों के बीच सेतु बनाने तथा गहन शोध को प्रभावशाली कथा-कला के साथ प्रस्तुत करने की उनकी अद्वितीय क्षमता उन्हें इस पुरस्कार का पहला प्राप्तकर्ता बनने के लिए पूर्णतः उपयुक्त बनाती है। यह पुरस्कार साहित्य की शाश्वत शक्ति और उसके स्थायी महत्व का सम्मान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।"

आयोजकों का मानना है कि साहित्य समाज को जोड़ने और नई सोच विकसित करने का सबसे प्रभावशाली माध्यम है। इसी उद्देश्य के साथ इस सम्मान की शुरुआत की गई है ताकि उत्कृष्ट लेखन को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन मिल सके।

अश्विन सांघी भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय और बेस्टसेलिंग लेखकों में से एक हैं। उन्होंने द रोज़ाबल लाइन, चानक्याज़ चैंट, द कृष्णा की, द सियालकोट सागा, कीपर्स ऑफ द कालचक्र, द वॉल्ट ऑफ विष्णु और द मैजिशियंस ऑफ मज़्दा जैसी चर्चित ऐतिहासिक और पौराणिक थ्रिलर कृतियाँ लिखी हैं।

उनकी लेखन शैली इतिहास, पौराणिक कथाओं और समकालीन विचारों के अनूठे समन्वय के लिए जानी जाती है। यही विशिष्ट दृष्टिकोण उन्हें भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के पाठकों के बीच व्यापक लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाता है।

भूटान के पहले JSW साहित्य पुरस्कार के लिए अश्विन सांघी का चयन भारतीय साहित्य जगत के लिए गर्व का क्षण है। यह सम्मान न केवल उनकी रचनात्मक यात्रा को नई ऊंचाई देता है, बल्कि दुनिया के सामने भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा और प्रभाव को भी मजबूती से स्थापित करता है।

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