By विनय मिश्रा नई दिल्ली : बॉलीवुड में संवेदनशील और गंभीर विषयों पर बनने वाली फिल्मों की चर्चा के बीच क्राइम थ्रिलर ‘दायरा’ को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। 16 सितंबर को राजधानी दिल्ली के पीवीआर चाणक्यपुरी में फिल्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जहां अभिनेत्री करीना कपूर खान, अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मेघना गुलजार ने फिल्म, किरदारों और इसकी कहानी से जुड़े अहम पहलुओं पर बातचीत की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे खास आकर्षण करीना कपूर खान का डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार रहा। अभिनेत्री ने बताया कि यह भूमिका पारंपरिक फिल्मों में दिखाई जाने वाली महिला पुलिस अधिकारी की छवि से काफी अलग है। उनके मुताबिक, ‘दायरा’ में एक ऐसी महिला अधिकारी को सामने लाने की कोशिश की गई है, जो अपनी पहचान और संवेदनशीलता को बरकरार रखते हुए अपने पेशे में पूरी मजबूती के साथ फैसले लेती है।
करीना कपूर खान ने महिला पुलिस किरदारों को लेकर फिल्मों में बनी आम धारणा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अक्सर महिला पुलिस अधिकारियों को स्क्रीन पर बेहद सख्त, रफ-टफ और पुरुषों जैसी शारीरिक भाषा वाले किरदार के तौर पर पेश किया जाता है। ‘दायरा’ इस तय खांचे से बाहर निकलते हुए एक ऐसी पुलिस अधिकारी की कहानी सामने लाता है, जिसकी ताकत सिर्फ उसके तेवर में नहीं, बल्कि उसकी सोच, संवेदनशीलता और निर्णय लेने की क्षमता में भी दिखाई देती है।
करीना ने बताया कि निर्देशक मेघना गुलजार की शुरुआत से ही इस किरदार को लेकर एक स्पष्ट सोच थी। उन्होंने कहा कि अजूनी कोहली अपनी फेमिनिन पहचान को छिपाने की कोशिश नहीं करतीं, बल्कि उसी के साथ अपने कर्तव्य को पूरी दृढ़ता से निभाती हैं। वह लिपस्टिक लगाती हैं, मुस्कुराती हैं और सामान्य जीवन की सहजता को बनाए रखती हैं, लेकिन जब कानून और न्याय से जुड़ा फैसला लेने की बात आती है तो वह अपने रुख पर पूरी तरह कायम रहती हैं।
फिल्म ‘दायरा’ को कई सच्ची घटनाओं से प्रेरित पुलिस प्रोसीजरल ड्रामा बताया गया है। कहानी एक गंभीर गैंगरेप और मर्डर केस की जांच के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है, जहां डीसीपी अजूनी कोहली और डीसीपी रमन कुमार की जांच प्रक्रिया और न्याय को देखने के अलग-अलग नजरिए कहानी को एक खास टकराव और गहराई देते हैं। यही अलग दृष्टिकोण फिल्म के कथानक को सिर्फ एक क्राइम केस तक सीमित नहीं रहने देता, बल्कि न्याय और जिम्मेदारी से जुड़े कई सवालों को सामने लाता है।
निर्देशक मेघना गुलजार एक बार फिर ऐसे विषय के साथ नजर आ रही हैं, जिसमें अपराध की जांच के साथ-साथ व्यवस्था और समाज के कई पहलुओं को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। ‘तलवार’ और ‘छपाक’ जैसी फिल्मों के बाद मेघना की यह फिल्म भी गंभीर सामाजिक विषय को सिनेमाई अंदाज में पेश करने की कोशिश करती दिखाई देती है, जहां पुलिस व्यवस्था, जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और न्याय के अलग-अलग पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सवालों ने भी फिल्म को लेकर माहौल को खास बना दिया। पत्रकारों ने कलाकारों और निर्देशक से कहानी की संवेदनशीलता, पुलिस किरदारों की तैयारी, फिल्म के विषय और इसके पीछे की सोच से जुड़े कई सवाल किए। करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन और मेघना गुलजार ने इन सवालों के जवाब देते हुए फिल्म के किरदारों और इसकी कहानी की दिशा पर कई अहम बातें साझा कीं।
‘दायरा’ की सबसे बड़ी खासियत इसके गंभीर विषय और अलग नजरिए को माना जा रहा है। करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे कलाकारों की मौजूदगी के साथ मेघना गुलजार का निर्देशन फिल्म को एक अलग पहचान देने की कोशिश करता है। एक गंभीर अपराध, दो अलग पुलिस दृष्टिकोण और न्याय को लेकर उठते सवाल—‘दायरा’ की कहानी दर्शकों के सामने सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि उससे जुड़े कई जटिल सवाल भी रखने का प्रयास करती है।

0 टिप्पणियाँ