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Delhi Chinese Film Festival 2026: दिल्ली में पहली बार सजेगा चीनी फिल्मों का महाकुंभ, ट्रॉफी-मेडल का भव्य अनावरण; भारत-चीन सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगी नई उड़ान!

By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 28 अक्टूबर 2026, राजधानी दिल्ली में भारतीय और चीनी सिनेमा के संगम का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। पहली बार आयोजित होने जा रहा 1st Delhi International Film Festival Chinese Film Festival 2026 भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संवाद, कलात्मक सहयोग और फिल्म निर्माण की संभावनाओं को नई दिशा देने की पहल है। इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन 30 और 31 अक्टूबर को नई दिल्ली के फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम, महादेव रोड में किया जाएगा। खास बात यह है कि इस आयोजन में दोनों देशों की 10 से अधिक फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ सिनेमा वर्कशॉप, सह-निर्माण पर चर्चा और पुरस्कार समारोह जैसे विशेष कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

Delhi Chinese Film Festival 2026 की प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में घोषणा, आधिकारिक ट्रॉफी और मेडल का अनावरण।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में हुई ऐतिहासिक घोषणा, आधिकारिक ट्रॉफी और मेडल का अनावरण

इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव की आधिकारिक घोषणा 28 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महोत्सव की आधिकारिक ट्रॉफी और मेडल का भव्य अनावरण रहा। इन पुरस्कारों के माध्यम से उत्कृष्ट फिल्मों और रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन केवल फिल्मों की स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और चीन के फिल्म जगत को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

इस महोत्सव का आयोजन चीनी दूतावास, दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और संस्कृति मंत्रालय की स्वायत्त संस्था नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की भागीदारी इस आयोजन को खास बनाती है, क्योंकि इसके माध्यम से फिल्म और रंगमंच से जुड़े विद्यार्थियों, कलाकारों तथा फिल्म निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

चीनी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिकों ने साझा किया सांस्कृतिक सहयोग का दृष्टिकोण

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के दूतावास के मिनिस्टर काउंसलर वांग शिनमिंग और फर्स्ट सेक्रेटरी डॉ. झांग हेलिन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। दोनों राजनयिकों ने महोत्सव की ट्रॉफी और मेडल का अनावरण किया। इस अवसर पर फर्स्ट सेक्रेटरी गुआन वेनवू और थर्ड सेक्रेटरी गाओ फेंग भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन के सांस्कृतिक और राजनयिक महत्व को रेखांकित किया।

मीडिया को संबोधित करते हुए मिनिस्टर काउंसलर वांग शिनमिंग ने कहा कि यह फिल्म महोत्सव साझा कलात्मक विरासत को सामने लाने का एक ऐतिहासिक मंच प्रदान करता है। उनके अनुसार, सिनेमा भाषाई सीमाओं से परे जाकर लोगों के दिलों तक पहुंचने की क्षमता रखता है। इस पहल से भारत और चीन के लोगों के बीच सांस्कृतिक समझ और आपसी संवाद को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

चीनी दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी डॉ. झांग हेलिन ने भी सिनेमा को दोनों देशों के नागरिकों के बीच बेहतर समझ और मित्रता विकसित करने का प्रभावशाली माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं, जीवनशैली और विचारों को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों के बीच नए सहयोग की संभावनाएं भी पैदा कर सकते हैं।

राम किशोर परचा बोले—विश्व सिनेमा और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे

दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक अध्यक्ष एवं फेस्टिवल डायरेक्टर राम किशोर परचा ने इस पहल को महोत्सव की 15 वर्षों की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। वरिष्ठ फिल्म पत्रकार परचा के अनुसार, दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल लगातार राजधानी के दर्शकों तक विश्व सिनेमा की विविध और उत्कृष्ट फिल्मों को पहुंचाने का प्रयास करता रहा है। चीनी दूतावास और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के साथ यह सहयोग उसी प्रयास को आगे बढ़ाने वाला नया अध्याय है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महोत्सव से भारतीय और चीनी फिल्म निर्माताओं के बीच रचनात्मक संवाद बढ़ेगा तथा भविष्य में सह-निर्माण यानी को-प्रोडक्शन और तकनीकी सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी। फिल्म जगत के लिए ऐसे मंच महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनके माध्यम से अलग-अलग देशों के कलाकार अपनी कहानियों, फिल्म निर्माण की तकनीकों और सांस्कृतिक अनुभवों को साझा कर सकते हैं।

फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम में होगा आयोजन, 10 से अधिक फिल्मों की स्क्रीनिंग

दो दिवसीय चीनी फिल्म महोत्सव का आयोजन 30 और 31 अक्टूबर 2026 को फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम (FDA), महादेव रोड, नई दिल्ली में होगा। पहले इसकी योजना नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा परिसर में आयोजन करने की थी, लेकिन वहां के व्यस्त शैक्षणिक कार्यक्रम के कारण आयोजन स्थल में बदलाव किया गया। आयोजकों के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्मों की स्क्रीनिंग के लिए संयुक्त रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया है।

महोत्सव के दौरान भारत और चीन की 10 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। दर्शकों को विभिन्न विषयों, सामाजिक अनुभवों और सांस्कृतिक दृष्टिकोणों पर आधारित सिनेमाई कहानियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। इस तरह यह आयोजन फिल्म प्रेमियों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ दूसरे देश की संस्कृति, इतिहास और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समझने का भी अवसर बनेगा।

चीनी राजदूत शू फेइहोंग करेंगे महोत्सव का उद्घाटन

महोत्सव के उद्घाटन समारोह में भारत में चीन के राजदूत महामहिम शू फेइहोंग विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह 30 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। आयोजन में अन्य देशों के राजदूतों और वरिष्ठ राजनयिकों के भी शामिल होने की उम्मीद है।

राजनयिकों की भागीदारी इस सांस्कृतिक आयोजन को अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान करेगी। भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संपर्क को बढ़ावा देने के साथ यह महोत्सव दोनों देशों के कलाकारों, संस्थानों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों के बीच संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराएगा। उद्घाटन समारोह के साथ ही दो दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत होगी।

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के सहयोग से सिनेमा वर्कशॉप, को-प्रोडक्शन पर विशेष चर्चा

इस महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के सहयोग से आयोजित होने वाली विशेष सिनेमा वर्कशॉप होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 और 31 अक्टूबर दोनों दिन दोपहर 3 बजे कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह सत्र फिल्म और रंगमंच के विद्यार्थियों, उभरते कलाकारों तथा सिनेमा में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

कार्यशाला के माध्यम से सिनेमा की रचनात्मक प्रक्रिया और फिल्म निर्माण से जुड़े अनुभवों पर चर्चा का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, 31 अक्टूबर को भारतीय और चीनी सिनेमा के बीच को-प्रोडक्शन तथा सहयोग की संभावनाओं पर विशेष टॉक आयोजित की जाएगी। इसमें दोनों देशों के फिल्म उद्योगों के बीच भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं, रचनात्मक साझेदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

चर्चित थिएटर निर्देशक अरविंद गौड़ संभालेंगे जूरी की कमान

फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित फिल्मों के मूल्यांकन और पुरस्कारों के लिए गठित जूरी का नेतृत्व जाने-माने थिएटर निर्देशक अरविंद गौड़ करेंगे। उनके नेतृत्व में जूरी विभिन्न फिल्मों का मूल्यांकन कर सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन करेगी। महोत्सव के दौरान प्रदर्शित फिल्मों की कलात्मक अभिव्यक्ति, कहानी और रचनात्मक पक्ष को सम्मानित करने का यह अवसर होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनावरण की गई आधिकारिक ट्रॉफी और मेडल चयनित विजेताओं को प्रदान किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 31 अक्टूबर को शाम 6 बजे समापन समारोह और पुरस्कार वितरण आयोजित होगा। इस समारोह के साथ दो दिवसीय महोत्सव का समापन होगा और उत्कृष्ट सिनेमाई प्रस्तुतियों को सम्मानित किया जाएगा।

उद्घाटन फिल्म ‘द कंपोजर’: संगीत, इतिहास और मानवीय रिश्तों की कहानी

महोत्सव की शुरुआत फिल्म ‘द कंपोजर’ (The Composer) से होगी। निर्देशक जियरझाती याहेफु की यह फिल्म चीन के महान संगीतकार शियान शिंगहाई के जीवन और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कज़ाख संगीतकार बख्तिझान बायकादामोव के साथ उनके मानवीय संबंधों पर आधारित है। संगीत और इतिहास की पृष्ठभूमि में बुनी गई यह कहानी कठिन परिस्थितियों के बीच मानवीय रिश्तों और रचनात्मकता के महत्व को सामने लाती है।

उद्घाटन फिल्म का चयन महोत्सव को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ प्रदान करता है। संगीत जैसी सार्वभौमिक कला के माध्यम से यह फिल्म दर्शकों को अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के बीच मानवीय जुड़ाव को समझने का अवसर देगी। फिल्म की कहानी इस विचार को भी रेखांकित करती है कि कला और रचनात्मकता भौगोलिक सीमाओं से परे लोगों को जोड़ सकती हैं।

समापन फिल्म ‘हर स्टोरी’ में दिखेगी महिलाओं के रिश्तों की दिलचस्प कहानी

महोत्सव का समापन वर्ष 2024 की चीनी कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ‘हर स्टोरी’ (Her Story) से होगा, जिसका मूल चीनी नाम ‘Hǎo dōngxi’ है। निर्देशक शाओ यिहुई की यह फिल्म एक सिंगल मदर और उसकी पड़ोसी के बीच विकसित होने वाले गहरे रिश्ते को केंद्र में रखती है। फिल्म महिलाओं के अनुभवों, आपसी सहयोग और रोजमर्रा की जिंदगी में बनने वाले भावनात्मक संबंधों को दिलचस्प अंदाज में प्रस्तुत करती है।

इस फिल्म के जरिए दर्शकों को समकालीन चीनी समाज और महिलाओं के जीवन से जुड़े अनुभवों की झलक देखने को मिलेगी। कॉमेडी और ड्रामा के मेल से बनी यह कहानी महोत्सव के समापन को एक अलग रंग देगी। उद्घाटन में इतिहास और संगीत पर आधारित फिल्म तथा समापन में महिलाओं के रिश्तों पर केंद्रित कहानी का चयन कार्यक्रम में विषयों की विविधता को सामने लाता है।

2012 से जारी है दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का सफर

दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की स्थापना वर्ष 2012 में दिल्ली के ऐतिहासिक शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में की गई थी। बीते वर्षों में इस मंच ने अंतरराष्ट्रीय फिल्मों और विभिन्न देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को राजधानी के दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। इसके सलाहकार बोर्ड की अध्यक्षता दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित फिल्म निर्देशक अडूर गोपालकृष्णन कर रहे हैं।

आयोजकों के अनुसार, महोत्सव के हाल ही में संपन्न 15वें संस्करण में 51 देशों की 178 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया था। इसके अतिरिक्त, दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ने मिस्र, जॉर्डन, इजराइल, अमेरिका और उत्तर कोरिया के प्योंगयांग अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव जैसे मंचों पर विशेष भारतीय कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य भारतीय सिनेमा और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाना तथा वैश्विक स्तर पर कलात्मक संवाद को प्रोत्साहित करना रहा है।

भारत-चीन सांस्कृतिक संवाद को मिलेगी नई दिशा

पहला दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल चीनी फिल्म फेस्टिवल 2026 ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने की आवश्यकता लगातार महसूस की जाती है। फिल्मों के माध्यम से किसी देश के इतिहास, सामाजिक जीवन, पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक मूल्यों को करीब से समझा जा सकता है। इस दृष्टि से यह महोत्सव दर्शकों के लिए मनोरंजन से आगे बढ़कर सांस्कृतिक अनुभव का मंच बन सकता है।

दोनों देशों की फिल्मों की स्क्रीनिंग, विद्यार्थियों के लिए कार्यशालाएं, सह-निर्माण पर चर्चा और पुरस्कार वितरण इस आयोजन को बहुआयामी बनाते हैं। यदि इस पहल से फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग विकसित होता है, तो भविष्य में संयुक्त फिल्म परियोजनाओं तथा रचनात्मक आदान-प्रदान के नए अवसर सामने आ सकते हैं।

महोत्सव का पूरा कार्यक्रम एक नजर में

- आयोजन: 1st Delhi International Film Festival Chinese Film Festival 2026

- तारीख: 30 और 31 अक्टूबर 2026

- स्थान: फिल्म डिवीजन ऑडिटोरियम (FDA), महादेव रोड, नई दिल्ली

- उद्घाटन समारोह: 30 अक्टूबर, सुबह 11:30 बजे

- विशिष्ट अतिथि: चीन के राजदूत श्री शू फेइहोंग

- सिनेमा वर्कशॉप: दोनों दिन दोपहर 3 बजे

- को-प्रोडक्शन एवं सहयोग पर टॉक: 31 अक्टूबर

- उद्घाटन फिल्म: ‘द कंपोजर’ (The Composer)

- समापन फिल्म: ‘हर स्टोरी’ (Her Story)

- समापन एवं पुरस्कार वितरण: 31 अक्टूबर, शाम 6 बजे

- जूरी प्रमुख: थिएटर निर्देशक अरविंद गौड़


निष्कर्ष: दिल्ली में पहली बार आयोजित होने जा रहा यह चीनी फिल्म महोत्सव भारतीय और चीनी सिनेमा को एक साझा मंच पर लाने की महत्वपूर्ण पहल है। फिल्मों, कार्यशालाओं और संवाद सत्रों के जरिए यह आयोजन दर्शकों को विश्व सिनेमा की विविधता से परिचित कराने के साथ दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग की नई संभावनाओं को भी सामने लाएगा।

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