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Alpha Movie Review: Alia Bhatt की Spy Thriller ने जीता दिल या किया निराश? पढ़ें पूरा Review

By विनय मिश्रा नई दिल्लीसबसे पहले तो Alpha के बारे में बता देना चाहता हूँ कि इस फिल्म को देखने जाते समय कोई किंतु-परंतु या ज़्यादा ऊल-जुलूल लॉजिक मत लगाइए। बस थिएटर में बैठिए और दमदार एक्शन, स्टाइलिश स्पाई मिशन, शानदार विजुअल्स और ग्लैमर से भरपूर इस फिल्म का आनंद उठाइए। अगर आप यशराज स्पाई यूनिवर्स के फैन हैं, तो यह फिल्म आपको अंत तक बांधे रखती है। आइए अब बात करते हैं फिल्म की कहानी की।

Alpha Movie Review पोस्टर, जिसमें आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल और अनिल कपूर दमदार एक्शन अवतार में नजर आ रहे हैं।

फिल्म की शुरुआत कारगिल युद्ध में शहीद हुए एक भारतीय सैनिक के भावनात्मक दृश्य से होती है। इसके बाद कहानी में बड़ा ट्विस्ट आता है, जहाँ बॉबी देओल एक पाकिस्तानी एजेंट के रूप में सामने आते हैं। वह पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स से ट्रेनिंग लेकर भारत में एक आम नागरिक की पहचान बनाकर रहते हैं और धीरे-धीरे भारतीय स्पेशल फोर्स में भी शामिल हो जाते हैं।

अपने गुप्त मिशन "मिशन अल्फा" को पूरा करने के लिए बॉबी देओल एक वैज्ञानिक के साथ मिलकर अल्फा कैप्सूल तैयार करते हैं। दूसरी ओर अनिल कपूर की पत्नी जुड़वां बेटियों को जन्म देती हैं। प्रसव के दौरान अनिल कपूर अपनी पत्नी की ताकत बढ़ाने के इरादे से उसे अल्फा कैप्सूल देते हैं, लेकिन इसका उल्टा असर होता है और उसकी मौत हो जाती है।

इसके बाद बॉबी देओल दोनों बच्चियों में से एक बेटी, आलिया भट्ट (सीता), को अपने साथ ले जाते हैं। वह उसे अपनी बेटी की तरह पालते हैं, लेकिन इसके पीछे उनका असली मकसद बेहद खतरनाक होता है। वह सीता को अपने मिशन अल्फा का सबसे बड़ा हथियार बनाना चाहते हैं।

यहीं से फिल्म की असली कहानी शुरू होती है, जहाँ रिश्तों, धोखे, देशभक्ति और एक खतरनाक मिशन के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिलता है।

निर्देशक शिव रावल ने फिल्म को तेज रफ्तार में पेश किया है। कहानी कहीं भी ज्यादा देर तक नहीं रुकती और एक्शन, चेज़ सीक्वेंस तथा स्पाई मिशन लगातार दर्शकों को जोड़े रखते हैं। फिल्म में कई जगह हॉलीवुड स्पाई फिल्मों की झलक महसूस होती है, लेकिन भारतीय भावनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक संघर्ष इसे अपनी अलग पहचान देने की कोशिश करते हैं। हालांकि स्क्रीनप्ले कुछ जगह और मजबूत हो सकता था, जिससे कहानी का असर और गहरा बनता।

अगर अभिनय की बात करें तो आलिया भट्ट पूरी फिल्म की जान हैं। उन्होंने साबित किया है कि वह सिर्फ रोमांटिक या इमोशनल किरदारों तक सीमित नहीं हैं। तलवारबाजी, हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और हाई-ऑक्टेन स्टंट्स में उनका आत्मविश्वास साफ दिखाई देता है। वहीं भावनात्मक दृश्यों में भी उन्होंने सीता के भीतर चल रहे संघर्ष, दर्द और दृढ़ संकल्प को प्रभावशाली ढंग से निभाया है।

शरवरी फिल्म में नई ऊर्जा लेकर आती हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस शानदार है और आलिया के साथ उनकी केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। दोनों की साझेदारी यह साबित करती है कि महिला-प्रधान एक्शन फिल्में भी बड़े स्तर पर दर्शकों को बांध सकती हैं।

बॉबी देओल एक बार फिर नकारात्मक भूमिका में प्रभाव छोड़ते हैं। उनकी शांत लेकिन खतरनाक मौजूदगी हर दृश्य में तनाव पैदा करती है। कुछ संवाद और बैकस्टोरी थोड़ी और मजबूत हो सकती थी, लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस इस कमी को काफी हद तक पूरा कर देती है।

अनिल कपूर कहानी को भावनात्मक आधार देते हैं। उनका अनुभव हर दृश्य में दिखाई देता है और सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद उनका किरदार कहानी को मजबूती देता है।

फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज ऋतिक रोशन का 'कबीर' के रूप में कैमियो है। उनकी एंट्री थिएटर में उत्साह बढ़ा देती है और साफ संकेत देती है कि यह कहानी आगे यशराज स्पाई यूनिवर्स को और बड़े स्तर पर जोड़ने वाली है।

तकनीकी रूप से फिल्म काफी मजबूत है। एक्शन सीक्वेंस बड़े पैमाने पर फिल्माए गए हैं और सिनेमैटोग्राफी कई दृश्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का लुक देती है। वीएफएक्स ज्यादातर जगह प्रभावशाली हैं, हालांकि कुछ सीन्स में कृत्रिमता महसूस होती है। बैकग्राउंड स्कोर एक्शन को और दमदार बनाता है, लेकिन गाने कहानी की रफ्तार को थोड़ा धीमा कर देते हैं और कुछ जगह अनावश्यक भी लगते हैं।

जहाँ फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका स्टाइलिश एक्शन, दमदार महिला किरदार और विजुअल प्रेजेंटेशन है, वहीं कमजोर पक्ष इसकी अनुमानित कहानी और कुछ जगहों पर सतही स्क्रीनप्ले है। कई ट्विस्ट पहले से अंदाजा लगाने लायक हैं, जिससे क्लाइमैक्स का प्रभाव थोड़ा कम हो जाता है।

फाइनल वर्डिक्ट: अगर आप कहानी में गहराई से ज्यादा मनोरंजन, तेज रफ्तार एक्शन, शानदार विजुअल्स और आलिया-शरवरी की दमदार जोड़ी देखना चाहते हैं, तो Alpha आपको निराश नहीं करेगी। यह यशराज स्पाई यूनिवर्स को आगे बढ़ाने वाली एक स्टाइलिश फिल्म है, जो अपनी कमियों के बावजूद थिएटर में देखने लायक अनुभव देती है।

रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐☆ (4/5)

तो अब सारे बहाने छोड़िए और इस वीकेंड थिएटर जाकर action movie का मजा लेना चाहते हो तो Alpha का भरपूर आनंद उठाइए।

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