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राष्ट्रएकता का संकल्प, बच्चों में संस्कारों का संचार: मानव उत्कर्ष फाउंडेशन ने सरदार पटेल जयंती को बनाया राष्ट्रीय चेतना का महापर्व

By विनय मिश्रा नई दिल्लीआजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत विकास पूरी स्थित कमल पब्लिक स्कूल में मानव उत्कर्ष फाउंडेशन की ओर से भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती अत्यंत भव्यता, राष्ट्रभक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। यह आयोजन न केवल एक जयंती समारोह था, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का एक सार्थक प्रयास भी रहा।

राष्ट्रएकता का संकल्प, बच्चों में संस्कारों का संचार: मानव उत्कर्ष फाउंडेशन ने सरदार पटेल जयंती को बनाया राष्ट्रीय चेतना का महापर्व

कार्यक्रम की शुरुआत 10 जनवरी को आयोजित एक प्रेरणादायक सेमिनार से हुई, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और समाज के लोगों को सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, उनके दृढ़ संकल्प, अनुशासन और देश की एकता व अखंडता के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार सरदार पटेल ने अपने अद्वितीय नेतृत्व और राजनीतिक सूझबूझ से सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर भारत को एक मजबूत और अखंड राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्हें सही अर्थों में “लौह पुरुष” कहा जाता है, जिनके आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

*इसके पश्चात 11 व 12 जनवरी को बच्चों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा हैं* जिनमें भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता एवं नुक्कड़ नाटक प्रमुख रहे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों ने सरदार पटेल के आदर्शों, राष्ट्रप्रेम, त्याग, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से समाज को एकता, भाईचारे और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया गया। इन सभी गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक चेतना को जागृत करना रहा। इस कार्यक्रम में संस्था के चेयरमैन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी अनिल कुमार और मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार शर्मा जी भी मौजूद रहे।

कार्यक्रमों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए 13 जनवरी को एक भव्य रैली का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें छात्र, शिक्षक, अभिभावक और संस्था के सदस्य भाग लेकर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुँचाएंगे। इस अवसर पर मानव उत्कर्ष फाउंडेशन के सामाजिक योगदान पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। गौरतलब है कि मानव उत्कर्ष फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2016 में हुई थी और यह संस्था दिल्ली में पंजीकृत है। संस्था के चेयरमैन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी अनिल कुमार के नेतृत्व में फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। संस्था का विशेष फोकस भारतीय संस्कृति, सभ्यता और नैतिक मूल्यों की पुनः स्थापना पर है, ताकि समाज की जड़ों को मजबूत किया जा सके।

मानव उत्कर्ष फाउंडेशन समाज के सभी वर्गों को जागरूक करने का कार्य करती है और आज की सबसे बड़ी समस्या—बच्चों में बढ़ता डिप्रेशन, मानसिक तनाव और पारिवारिक विघटन—पर गंभीरता से काम कर रही है। संस्था यह सवाल समाज के सामने रखती है कि यदि हमारी शिक्षा व्यवस्था वास्तव में श्रेष्ठ होती, तो हर दिन नए अनाथालय, वृद्धाश्रम और जेलों के निर्माण की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। आज की शिक्षा व्यवस्था बच्चों पर अत्यधिक बोझ डाल रही है, जिससे वे मानसिक दबाव और अवसाद का शिकार हो रहे हैं।

इसी समस्या के समाधान के लिए मानव उत्कर्ष फाउंडेशन एक्टिवेशन ट्रेनिंग के माध्यम से बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने, उनके भीतर आत्मविश्वास जागृत करने और उन्हें जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देने का कार्य कर रही है, ताकि बच्चे अपने परिवार, समाज और देश से जुड़े रह सकें।

इस प्रेरणादायक, राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत और सामाजिक चेतना से जुड़े सफल आयोजन के लिए क्षेत्रवासियों, अभिभावकों और शिक्षाविदों ने मानव उत्कर्ष फाउंडेशन तथा इसके चेयरमैन अनिल कुमार के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में मानव उत्कर्ष फाउंडेशन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मानव उत्कर्ष फाउंडेशन आज के समय में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है। बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने का जो प्रयास संस्था द्वारा किया जा रहा है, वह समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद को दूर करने के लिए मानव उत्कर्ष फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय हैं और अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कृष्ण कुमार शर्मा ने आशा व्यक्त की कि संस्था भविष्य में भी इसी समर्पण और निष्ठा के साथ समाज हित में कार्य करती रहेगी।

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