By विनय मिश्रा नई दिल्ली: दिनांक 12 जनवरी 2026, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (NDWBF) 2026 की एक प्रमुख बिज़नेस-टू-बिज़नेस पहल नई दिल्ली राइट्स टेबल (एनडीआरटी) का आज भारत मंडपम में शुभारंभ हुआ। इस पहल के माध्यम से एनडीडब्ल्यूबीएफ ने अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन व्यापार और राइट्स एक्सचेंज के एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा संचालित एनडीआरटी प्रकाशकों को विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में अनुवाद तथा वितरण अधिकारों पर बातचीत के लिए एक सुव्यवस्थित बाज़ार उपलब्ध कराता है।
विशेष रूप से एक पेशेवर व्यावसायिक मंच के रूप में डिज़ाइन किए गए एनडीआरटी (नई दिल्ली राइट्स टेबल) 2026 में कुल 85 प्रकाशक भाग ले रहे हैं, जिनमें लगभग 40 विदेशी प्रकाशक शामिल हैं। दो दिनों (12–13 जनवरी) में लगभग 600 पूर्व-निर्धारित बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके अंतर्गत आधे घंटे की बैठकों के माध्यम से प्रकाशकों को राइट्स अधिग्रहण, सह-प्रकाशन के अवसरों तथा दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर मिल रहा है।
राइट्स टेबल का औपचारिक उद्घाटन सुश्री क्लॉडिया कैसर वाइस प्रेसिडेंट (बिज़नेस डेवलपमेंट), फ्रैंकफर्ट बुक फेयर द्वारा किया गया, जिसके साथ उच्चस्तरीय राइट्स चर्चाओं की शुरुआत हुई। उद्घाटन सत्र के दौरान युवराज मलिक, निदेशक, एनबीटी, भारत ने क्लाॅडिया कैसर का अभिनंदन किया। उद्घाटन वक्तव्य देते हुए प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, अध्यक्ष, एनबीटी-भारत ने कहा कि फ्रैंकफर्ट बुक फेयर ने पिछले कुछ वर्षों में बी2बी और बी2सी मॉडलों का सफलतापूर्वक समन्वय किया है। उन्होंने बताया कि एनबीटी का उद्देश्य भारत के भीतर तथा बाहर गुणवत्तापूर्ण साहित्य के आदान-प्रदान को सुगम बनाना है, जिससे वैश्विक साहित्यिक संवाद को मजबूती मिल सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष एनडीआरटी के अंतर्गत भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों के बीच 600 से अधिक बैठकों का आयोजन निर्धारित है।
उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए क्लॉडिया कैसर ने भारत और फ्रैंकफर्ट बुक फेयर के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को रेखांकित किया और स्मरण कराया कि 1980 के दशक में भारत मेले का गेस्ट ऑफ ऑनर बनने वाला पहला एशियाई देश था। उन्होंने कहा कि फ्रैंकफर्ट में डेडिकेटेड इंडिया पवेलियन तब से एक नियमित और महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने नई दिल्ली पुस्तक मेला के बढ़ते स्वरूप की सराहना करते हुए एनडीडब्ल्यूबीएफ 2026 को सभी पाठकों के लिए निःशुल्क और सुलभ बनाने की एनबीटी की पहल का स्वागत किया।
अपने संबोधन में युवराज मलिक ने सार्थक अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन सहयोग के महत्व पर बल दिया और मात्रा से अधिक गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित साहित्यिक विशेषज्ञों को कोलंबिया के बोगोटा में आयोजित होने वाले आगामी बोगोटा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में भारत की गेस्ट ऑफ ऑनर प्रस्तुति में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर भारत 3,000 वर्ग मीटर के पवेलियन के माध्यम से अपनी समृद्ध बहुभाषी और ज्ञान परंपराओं को रेखांकित करते हुए प्रकाशन क्षेत्र की ताकत का प्रदर्शन करेगा।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 की व्यापक सफलता पर टिप्पणी करते हुए युवराज मलिक ने कहा कि मेले की थीम “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @75” विश्व स्तर पर पहली बार किसी देश की सैन्य विरासत को इतने बड़े सार्वजनिक पुस्तक महोत्सव के केंद्रीय विषय के रूप में प्रस्तुत करती है।
सत्र के दौरान कुमार विक्रम, मुख्य संपादक एवं संयुक्त निदेशक, एनबीटी-भारत ने न्यास द्वारा हाल ही में शुरू किए गए वित्तीय सहयोग कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य भारतीय एवं विदेशी प्रकाशकों को भारतीय पुस्तकों के विदेशी भाषाओं में अनुवाद हेतु समर्थन प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत विदेशी प्रकाशकों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे भारतीय साहित्य की वैश्विक पहुँच बढ़ सके और अनुवाद परियोजनाएँ व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बन सकें।
मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, सैकड़ों सुव्यवस्थित व्यावसायिक बैठकों और सशक्त संस्थागत समर्थन के साथ नई दिल्ली राइट्स टेबल 2026 वैश्विक प्रकाशन व्यापार के एक उभरते केंद्र के रूप में भारत की भूमिका को निरंतर मजबूत कर रहा है। प्रकाशकों, राइट्स पेशेवरों और उद्योग से जुड़े हितधारकों को 12–13 जनवरी को भारत मंडपम में आयोजित एनडीआरटी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 (10–18 जनवरी) का हिस्सा है।


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