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PNB Rajbhasha Samaroh 2026: पीएनबी ने राजभाषा समारोह एवं कवि सम्मेलन में हिंदी का बढ़ाया गौरव, उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों और अंचलों को मिली लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड

By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 23 अक्टूबर 2026, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन और बैंकिंग सेवाओं में हिंदी के बढ़ते उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने प्रधान कार्यालय, द्वारका, नई दिल्ली में भव्य राजभाषा समारोह सह कवि सम्मेलन एवं मुख्य राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया। हिंदी माह के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न अंचलों के प्रतिनिधियों और साहित्य जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया। समारोह में राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों एवं अंचल कार्यालयों को सम्मानित कर हिंदी में कामकाज को नई गति देने का संदेश दिया गया।

PNB Rajbhasha Samaroh 2026 दिल्ली में अशोक चंद्र और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राजभाषा पुरस्कार वितरण, पत्रिकाओं का विमोचन एवं कवि सम्मेलन।

राजभाषा के उत्कृष्ट कार्यों को मिला सम्मान, लाला लाजपत राय शील्ड से पुरस्कृत हुए विजेता

समारोह का प्रमुख आकर्षण लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड योजना के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान रहा। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र तथा कार्यपालक निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव ने विजेता विभागों और अंचल कार्यालयों को शील्ड प्रदान की। इस सम्मान का उद्देश्य बैंक के विभिन्न कार्यालयों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग, राजभाषा संबंधी कार्यों में उत्कृष्टता और हिंदी में कार्यालयीन कामकाज को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से बैंक ने यह संदेश दिया कि राजभाषा का विकास संस्थागत प्रतिबद्धता और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।

शीर्ष प्रबंधन की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ, ‘पीएनबी प्रवाह’ सहित प्रकाशनों का विमोचन

कार्यक्रम का शुभारंभ बैंक के शीर्ष अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव, मुख्य सतर्कता अधिकारी राघवेन्द्र कुमार, मुख्य महाप्रबंधक विशेष कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक आशीष करमरकर तथा सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) डॉ. अनिल कुमार शर्मा उपस्थित रहे। समारोह के दौरान बैंक की पत्रिका ‘पीएनबी प्रवाह’ का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही बैंक की गृह पत्रिका ‘पीएनबी प्रतिभा’, ‘राजभाषा चित्रकथा’ और ‘डिजिटल लाइब्रेरी’ का लोकार्पण किया गया। इन प्रकाशनों को बैंक में हिंदी साहित्य, रचनात्मक अभिव्यक्ति, राजभाषा जागरूकता और डिजिटल माध्यमों से हिंदी सामग्री की उपलब्धता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा सकता है।

‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कारों से पीएनबी की उपलब्धियों को मिली नई पहचान

प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र ने छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में पंजाब नैशनल बैंक की गृह पत्रिका ‘पीएनबी प्रतिभा’ और दिल्ली (बैंक) नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) को दो ‘राजभाषा कीर्ति’ प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए बैंक के सभी स्टाफ सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पंजाब नैशनल बैंक राजभाषा के कार्यान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। बैंक की यह उपलब्धि हिंदी में रचनात्मक कार्यों और राजभाषा संबंधी पहलों को आगे बढ़ाने में कर्मचारियों की भूमिका को भी रेखांकित करती है।

डिजिटल बैंकिंग में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं पर जोर

समारोह को संबोधित करते हुए अशोक चंद्र ने डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्राहकों तक डिजिटल सुविधाएं उनकी भाषा में पहुंचाना बैंक की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। बैंकिंग सेवाओं में भाषाई सुगमता बढ़ने से ग्राहकों को डिजिटल माध्यमों को समझने और उनका उपयोग करने में सहायता मिल सकती है। ऐसे में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में सुविधाओं का विस्तार वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समारोह ने इस बात पर भी जोर दिया कि राजभाषा का उपयोग केवल कार्यालयीन औपचारिकता तक सीमित न रहकर ग्राहकों से संवाद और सेवा वितरण का भी प्रभावी माध्यम बने।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए किया प्रेरित

समारोह में मुख्य महाप्रबंधक (राजभाषा) विशेष कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वागत करते हुए राजभाषा संबंधी गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया। कार्यपालक निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव ने स्टाफ सदस्यों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में राजभाषा के क्षेत्र में बैंक की उपलब्धियों और पहलों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधनों के माध्यम से कर्मचारियों को दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया गया।

कवि सम्मेलन में साहित्य और कविता का संगम, कवियों की प्रस्तुति ने बांधा समां

राजभाषा समारोह की काव्य संध्या ने कार्यक्रम को साहित्यिक रंगों से सराबोर कर दिया। प्रख्यात कवि डॉ. प्रवीण शुक्ल और कवयित्री पद्मिनी शर्मा ने अपनी प्रभावशाली एवं ऊर्जावान काव्य प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कवि सम्मेलन ने हिंदी भाषा की साहित्यिक समृद्धि, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि हिंदी का संवर्धन केवल प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्यों के माध्यम से ही नहीं, बल्कि कविता, साहित्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भी किया जा सकता है।

राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन और भाषाई समावेशन की दिशा में पीएनबी की पहल

पंजाब नैशनल बैंक का यह आयोजन हिंदी के प्रचार-प्रसार, कार्यालयीन कामकाज में राजभाषा के प्रयोग और डिजिटल बैंकिंग में भाषाई समावेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। पुरस्कार वितरण, प्रकाशनों के विमोचन, वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधन और कवि सम्मेलन के संयोजन ने कार्यक्रम को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया। समारोह के माध्यम से बैंक ने राजभाषा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए हिंदी को संस्थागत संवाद, रचनात्मक अभिव्यक्ति और ग्राहक सेवाओं से जोड़ने के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

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