By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 21 अक्टूबर 2026, दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में बुधवार को भक्ति, संगीत और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। मशहूर गायक सुनील लोधी की हनुमान भजन क्लबिंग ने ऐसा समां बांधा कि पूरा लीला ग्राउंड जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा। भजनों की मधुर धुन, शानदार लाइव परफॉर्मेंस और रामभक्तों के जबरदस्त उत्साह ने इस शाम को यादगार बना दिया।
सुनील लोधी की एक झलक पाने को उमड़ी भीड़, शाम से ही भरने लगा मैदान
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि बुधवार को लीला ग्राउंड में रामभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही महिला, पुरुष, युवा, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में मैदान पहुंचने लगे थे। फिल्म हनुमान अंश के लोकप्रिय गायक सुनील लोधी और उनके बैंड की लाइव प्रस्तुति को लेकर दर्शकों में खास उत्साह देखने को मिला। साज एंड प्रखर बैंड की अनूठी संगीत प्रस्तुति ने भी लोगों के आकर्षण को बढ़ाया। भक्ति संगीत के इस विशेष आयोजन ने रामलीला के मंच को एक भव्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया।
माता सीता के अयोध्या आगमन से राम राज्याभिषेक तक का भावपूर्ण मंचन
हनुमान भजन क्लबिंग से पहले लव कुश रामलीला के मंच पर रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। लंका से माता सीता के अयोध्या आगमन, अग्नि परीक्षा, हनुमान-भरत संवाद और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक तक की लीला ने दर्शकों को रामायण के भावनात्मक और गौरवशाली प्रसंगों से जोड़ दिया। इस अवसर पर सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रभु श्रीराम को तिलक लगाकर उनके राज्याभिषेक की रस्म निभाई। धार्मिक आस्था और पारंपरिक मर्यादा से सजे इस आयोजन ने दर्शकों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग और धर्म की विजय का संदेश दिया।
चिराग पासवान, मनोज तिवारी और स्वाति सहित कई गणमान्य अतिथि पहुंचे
रामलीला के धार्मिक प्रसंगों के बाद मैदान में हनुमान भजन क्लबिंग का भव्य आगाज हुआ। इस विशेष आयोजन में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, सांसद एवं गायक मनोज तिवारी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पुत्री स्वाति और फिल्म हनुमान अंश की निर्माता अनुप्रिया सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी और हजारों रामभक्तों के उत्साह ने कार्यक्रम की रौनक को और बढ़ा दिया। धार्मिक मंच पर भक्ति संगीत की यह प्रस्तुति परंपरा और आधुनिक मनोरंजन का ऐसा मेल लेकर आई, जिसमें दर्शकों को एक अलग अनुभव मिला।
‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ भजन से गूंज उठा लाल किला मैदान
मशहूर एंकर काव्या कुल्हाड़ी ने लाइव हनुमान भजन क्लबिंग की शुरुआत की। जैसे ही गायक सुनील लोधी अपनी टीम के साथ मंच पर पहुंचे, दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। उनके लोकप्रिय भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ और ‘सागर नैया डार दई’ की गूंज से पूरा मैदान भक्तिमय हो उठा। सुनील लोधी ने एक के बाद एक अपने कई लोकप्रिय भजन प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शक तालियां बजाते, सुर मिलाते और हनुमान जी की भक्ति में लीन नजर आए। मंच से उठती भजनों की स्वर लहरियों और दर्शकों के जयकारों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
साज एंड प्रखर की अनोखी प्रस्तुति पर भक्ति के रंग में झूमे दर्शक
कार्यक्रम का आकर्षण उस समय और बढ़ गया, जब मशहूर पति-पत्नी की जोड़ी साज एंड प्रखर ने अपने बैंड के साथ भजनों को अनूठे संगीत अंदाज में पेश किया। पारंपरिक भक्ति गीतों की आधुनिक संगीत शैली ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। मैदान में मौजूद लोग संगीत की लय पर झूमते और गुनगुनाते नजर आए। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, सांसद मनोज तिवारी और स्वाति सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी के बीच पूरा आयोजन उत्साह से भर गया। भक्ति, संगीत और सामूहिक उल्लास से सजी इस शाम ने यह दिखाया कि भगवान हनुमान के भजन हर उम्र के लोगों को एक सूत्र में बांधने की ताकत रखते हैं।
हनुमान जी की गदा भेंट कर अतिथियों का किया सम्मान
लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से कार्यक्रम में पहुंचे सभी गणमान्य अतिथियों को शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक भगवान श्री हनुमान जी की गदा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कमेटी के महामंत्री सुभाष गोयल, चेयरमैन पवन गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्य भूषण जैन, अखिल सिंगल, अंकुर गोयल, सौरव गुप्ता, संदीप भूटानी, बृजमोहन गोयल, गौरव सुरी, प्रवीण सिंगल, संजय वर्मा, वीरू सिंधी और राजकुमार गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
लाल किला मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने लव कुश रामलीला के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को एक बार फिर जीवंत कर दिया। भगवान श्रीराम की लीला, हनुमान जी के भजनों और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों के बीच रामभक्त देर तक भक्ति और उत्सव के रंग में रंगे नजर आए। पूरा आयोजन श्रद्धा, संगीत और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ यादगार बन गया।

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