By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 17 अक्टूबर 2026, देश-विदेश में विख्यात लव कुश रामलीला कमेटी द्वारा लाल किला मैदान में आयोजित भव्य रामलीला में सोने की विशाल लंका के दहन का रोमांचक दृश्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। जैसे ही भगवान हनुमान ने लंका में आग लगाई, पूरा लीला स्थल ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा। देखते ही देखते सोने की विशाल लंका धू-धू कर जलने लगी और इस अद्भुत दृश्य ने वहां मौजूद हजारों रामभक्तों को भाव-विभोर कर दिया। रामभक्तों ने जयकारों और तालियों के साथ इस प्रसंग का स्वागत किया। भक्ति, उत्साह और रोमांच से भरपूर इस दृश्य ने लाल किला मैदान को राममय बना दिया।
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि लीला के दौरान विशाल क्रेनों की सहायता से जब हनुमान जी लगभग 250 फीट की ऊंचाई पर आकाश मार्ग से भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी को अपने कंधों पर उठाकर पहुंचे, तो दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। आसमान में साकार हुए इस भव्य दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए हजारों रामभक्तों ने अपने फोन निकाल लिए। देखते ही देखते मोबाइल कैमरों की चमकती रोशनी से पूरा लीला मैदान जगमगा उठा। आकाश में हनुमान जी का यह अद्भुत प्रवेश रामभक्तों के लिए आकर्षण का ऐसा क्षण बना, जिसने आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने लीला स्थल पर पहुंचकर प्रभु श्रीराम की लीला का अवलोकन किया और भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लिया। गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। इस दौरान रामलीला के भव्य मंचन और भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवंत करती प्रस्तुतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
लीला मंच पर भगवान श्रीराम की शबरी से भेंट, राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध, सीता जी की खोज, लंकनी से भेंट, रावण-सीता संवाद, अक्षय कुमार वध और रावण-हनुमान संवाद जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। प्रत्येक प्रसंग में कलाकारों के अभिनय, भव्य मंच सज्जा और आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं ने कथा को जीवंत रूप प्रदान किया। विशेष रूप से हनुमान जी और रावण के बीच संवाद तथा इसके बाद हुए लंका दहन ने दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। जैसे ही लंका आग की लपटों से घिरी, पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा और दर्शकों ने इस दृश्य का जोरदार स्वागत किया।
कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि लीला स्थल पर पधारे दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, असम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल तथा अन्य गणमान्य अतिथियों को कमेटी की ओर से स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि लव कुश रामलीला कमेटी का उद्देश्य भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, सत्य, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा के संदेश को भव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि नई पीढ़ी भी भारतीय संस्कृति और गौरवशाली धार्मिक परंपराओं से जुड़ सके।
इस भव्य आयोजन के अवसर पर सर्वश्री पवन गुप्ता, सत्यभूषण जैन, अखिल सिंघल, बृजमोहन गोयल, अंकुर गोयल, गौरव सूरी, प्रवीण गोयल और संदीप भूटानी सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। लाल किला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां और लंका दहन के दौरान गूंजते जय श्रीराम के उद्घोष ने आयोजन को यादगार बना दिया। भव्यता, तकनीक और श्रद्धा से सजी इस रामलीला ने एक बार फिर भगवान श्रीराम की कथा के प्रति लोगों की अटूट आस्था और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की जीवंतता को प्रदर्शित किया।


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