By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 11 अक्टूबर 2026, दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला कमेटी की रामलीला का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने काशी, मथुरा और दिल्ली से पधारे विद्वान पंडितों की उपस्थिति में पूर्ण विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश का पूजन किया। गणेश वंदना और वैदिक मंत्रों के साथ शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन ने रामलीला के पहले दिन को विशेष बना दिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण खंडेलवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
रामलीला के प्रथम दिन धार्मिक प्रसंगों और भव्य मंचन ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति, आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की गौरवशाली परंपरा से जोड़ने का संदेश दिया। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि गणेश पूजन के बाद भगवान शिव-पार्वती प्रसंग, नारद मोह, विश्वमोहिनी स्वयंवर, रावण-कुंभकर्ण की तपस्या और रावण-वेदवती संवाद जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का आकर्षक मंचन किया गया। इन प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों के सामने रामायण की घटनाओं, भक्ति भाव और धर्म-अधर्म के बीच संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
रामलीला के मंच पर उस समय खास आकर्षण देखने को मिला, जब चार सौ से अधिक फिल्मों में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता पेंटल ने नारद मुनि की भूमिका निभाई। अपने अभिनय और संवादों से उन्होंने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और रामभक्तों की खूब वाहवाही बटोरी। पौराणिक प्रसंगों को जीवंत अंदाज में प्रस्तुत करने वाली उनकी भूमिका ने मंचन को और भी रोचक बना दिया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण की कथाओं को करीब से महसूस किया।
रामलीला मंचन के बाद आयोजित सुप्रसिद्ध भजन गायक एवं हनुमंत कृपा पात्र रसराज जी महाराज की भजन संध्या ने पूरे आयोजन को भक्तिमय बना दिया। रसराज जी महाराज ने अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज में प्रभु श्रीराम के भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे लाल किला मैदान का वातावरण राममय हो उठा। भजनों की मधुर धुनों के बीच उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। धार्मिक मंचन के बाद भजन संध्या ने कार्यक्रम में आस्था, आध्यात्मिकता और भक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने आयोजन में सपरिवार शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं और रामभक्तों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से रामलीला के आगामी कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक कथा का मंचन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आदर्शों और पारिवारिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इस आयोजन के जरिए श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े आदर्शों और प्रेरणादायक प्रसंगों को जानने का अवसर मिल रहा है।
कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि रामलीला के दूसरे दिन, सोमवार 12 अक्टूबर 2026 को कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का भव्य मंचन किया जाएगा। इनमें पुत्रेष्टि यज्ञ, प्रभु श्रीराम का जन्म, नामकरण संस्कार, महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा, ताड़का वध और सुबाहु वध प्रमुख रूप से शामिल हैं। दूसरे दिन के मंचन में भगवान श्रीराम के जन्म से जुड़े प्रसंगों और राक्षसी शक्तियों से ऋषियों के यज्ञ की रक्षा की कथा को मंच पर जीवंत किया जाएगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित पहुंचकर रामलीला का आनंद लेने और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है।

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