Hot Posts

8/recent/ticker-posts

Luv Kush Ramlila: लाल किला मैदान में भव्य रामलीला, केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का निषाद राज अवतार; 15 अक्टूबर को मनोज तिवारी बनेंगे केवट!

By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 14 अक्टूबर 2026, दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित विश्वविख्यात लव कुश रामलीला में बुधवार को भक्ति, आस्था और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रभु श्रीराम की भव्य बारात शोभायात्रा से लेकर उनके वनगमन और निषाद राज से मिलन तक के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को रामकथा के महत्वपूर्ण पड़ावों से रूबरू कराया। लीला के दौरान केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने निषाद राज की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। मंचन के माध्यम से मर्यादा, त्याग, मित्रता और सामाजिक समरसता का संदेश भी सामने आया।

लव कुश रामलीला दिल्ली में निषाद राज की वेशभूषा में कलाकार पारंपरिक धनुष के साथ, रामलीला की भव्य तैयारी।

भव्य राम बारात शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को किया राममय

लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार, लीला स्थल पर प्रभु श्रीराम की भव्य बारात शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों, शहनाई, नफेरी, शंख, घड़ियाल और डमरू की गूंज के बीच रामभक्त भक्ति में लीन होकर आगे बढ़ते नजर आए। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह और धार्मिक उल्लास देखते ही बनता था। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनियों और भक्तिमय माहौल ने लाल किला मैदान को राममय बना दिया। इस आयोजन ने रामलीला की सांस्कृतिक भव्यता और भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

राज्याभिषेक की घोषणा से वनगमन तक, भावुक हुए दर्शक

लीला मंच पर सबसे पहले प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद मंथरा और कैकेयी के संवाद तथा कैकेयी और राजा दशरथ के बीच हुए भावनात्मक संवाद का मंचन हुआ। घटनाक्रम आगे बढ़ा तो श्रीराम के वनगमन के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। राजमहल के सुखों को त्यागकर पिता के वचन की मर्यादा निभाने के लिए वन जाने का श्रीराम का निर्णय त्याग, कर्तव्य और आदर्श जीवन का संदेश देता नजर आया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने रामकथा के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया।

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम बने निषाद राज, अभिनय को मिली सराहना

बुधवार की लीला का प्रमुख आकर्षण केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम द्वारा निषाद राज की भूमिका निभाना रहा। श्रीराम और निषाद राज की भेंट के प्रसंग ने मित्रता, आत्मीयता और सामाजिक समरसता की भावना को उजागर किया। मंच पर उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा और रामभक्तों ने उनके अभिनय की प्रशंसा की। इस प्रसंग ने यह संदेश दिया कि सच्चे संबंधों का आधार पद, प्रतिष्ठा या सामाजिक भेदभाव नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान और समर्पण है। लीला के दर्शन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आईएएस, आईपीएस, सचिव, अवर सचिव और भारत सरकार के अन्य अधिकारी भी पहुंचे।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत

लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि रामलीला देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। लोगों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए कमेटी ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस के जवानों के साथ कमेटी के स्वयंसेवक व्यवस्था संभाल रहे हैं। इसके अतिरिक्त मैदान के चारों ओर बाउंसर भी तैनात किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ का प्रबंधन और कार्यक्रम का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके। कमेटी का प्रयास है कि दर्शक सुरक्षित वातावरण में रामलीला का आनंद ले सकें।

15 अक्टूबर को आएंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मनोज तिवारी निभाएंगे केवट की भूमिका

कमेटी के महामंत्री सुभाष गोयल ने बताया कि 15 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लव कुश रामलीला के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। इस दिन रामकथा का एक और महत्वपूर्ण प्रसंग, यानी प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराने वाले केवट प्रसंग का विशेष मंचन किया जाएगा। इस प्रसंग में प्रसिद्ध गायक, अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी केवट की भूमिका निभाएंगे। श्रीराम और केवट के बीच भक्ति, प्रेम और समर्पण से जुड़ा यह प्रसंग दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहने वाला है। रामभक्तों को अगले दिन की लीला में एक बार फिर आस्था, संस्कृति और भव्य मंचन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ