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Book of Life 2026: ‘शख्सियत’ का ग्रैंड गैला में विमोचन, डॉ. कुमार प्रशांत मानव को मिला गौरव सम्मान

By विनय मिश्रा नई दिल्लीसाहित्य, मानव सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े एक भव्य आयोजन में 18 सितंबर 2026 को शालीमार बाग स्थित द पैराडाइज में एक यादगार शाम का आयोजन हुआ। इस ग्रैंड गैला फंक्शन में डॉ. कुमार प्रशांत मानव की आत्मकथा ‘शख्सियत’ और प्रेरणादायी पुस्तक ‘बुक ऑफ लाइफ’ के चौथे संस्करण का भव्य विमोचन किया गया। आयोजन के दौरान दोनों पुस्तकों का नि:शुल्क वितरण भी किया गया, जिससे समारोह ने साहित्यिक आयोजन से आगे बढ़कर समाज में सकारात्मक विचारों और मानवीय मूल्यों को पहुंचाने का संदेश दिया।

‘बुक ऑफ लाइफ’ और ‘शख्सियत’ विमोचन समारोह में डॉ. कुमार प्रशांत मानव को सम्मान

यह विशेष समारोह स्पॉट लाइट कम्युनिकेशन एवं हीलिंग टच एंटरप्रेन्योर्स फाउंडेशन (रजि.) के तत्वावधान में डॉ. कुमार प्रशांत मानव के मार्गदर्शन और श्री जय सिंह कटारिया, प्रबंध निदेशक, स्पॉट लाइट कम्युनिकेशन एवं हीलिंग टच एंटरप्रेन्योर्स फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुस्तकों के विमोचन के साथ डॉ. कुमार प्रशांत मानव की वर्षों की यात्रा, उनके सामाजिक कार्यों और उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया।

‘शख्सियत’ में दर्ज है संघर्ष, सेवा और उपलब्धियों की कहानी

डॉ. कुमार प्रशांत मानव की आत्मकथा ‘शख्सियत’ केवल उनके जीवन की घटनाओं का संकलन नहीं, बल्कि उनके जीवन-सफर, अनुभवों, सेवाभावी कार्यों और उपलब्धियों को सामने रखने वाला विस्तृत दस्तावेज बताया गया। पुस्तक के माध्यम से उनके जीवन के विभिन्न पड़ावों और मानवता के प्रति उनके समर्पण को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। यही वजह रही कि इसके विमोचन को समारोह का प्रमुख आकर्षण माना गया।

सम्मान के साथ सेवा का संदेश

समारोह के दौरान डॉ. कुमार प्रशांत मानव को ‘स्पॉट लाइट गौरव अवॉर्ड 2026’ से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके कार्यों और मानव सेवा से जुड़े प्रयासों को मंच से विशेष पहचान देने का अवसर बना। सम्मान समारोह के दौरान पुस्तक विमोचन और पुरस्कार—दोनों ने कार्यक्रम को एक विशिष्ट स्वरूप दिया, जहां साहित्य, सामाजिक सेवा और सम्मान एक ही मंच पर दिखाई दिए।

किताबों को कारोबार नहीं, विचारों के प्रसार का माध्यम बनाने का प्रयास

डॉ. कुमार प्रशांत मानव की पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष उनकी पुस्तकों का नि:शुल्क वितरण है। ‘बुक ऑफ लाइफ (बिल्डिंग ए बेटर फ्यूचर)’ और ‘शख्सियत’ को विभिन्न संस्थानों, पुस्तकालयों और स्कूली छात्रों तक नि:शुल्क पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, इस पहल के पीछे व्यावसायिक लाभ के बजाय मानवता, करुणा और सकारात्मक सोच के विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का उद्देश्य है।

‘बुक ऑफ लाइफ’ के चौथे संस्करण में ऐतिहासिक पत्राचार भी शामिल

‘बुक ऑफ लाइफ’ का चौथा संस्करण भी समारोह में विशेष चर्चा का विषय रहा। पुस्तक में डॉ. कुमार प्रशांत मानव के अनुसार, उनकी देशभक्ति और सामाजिक दृष्टिकोण से जुड़े दुर्लभ ऐतिहासिक पत्राचार को स्थान दिया गया है। इनमें वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने रक्त से लिखा गया एक पत्र भी शामिल बताया गया है। इस पत्राचार को पुस्तक के महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

आने वाली पीढ़ियों के लिए विचारों की विरासत

आयोजन का संदेश केवल पुस्तक विमोचन तक सीमित नहीं रहा। ‘बुक ऑफ लाइफ’ और ‘शख्सियत’ के माध्यम से मानवता, करुणा, सेवा और सकारात्मक सोच जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने की पहल पर जोर दिया गया। पुस्तकों के नि:शुल्क वितरण को इसी विचारधारा का हिस्सा बताया गया, ताकि ये रचनाएं अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंच सकें और आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों से जुड़ी एक विचारात्मक विरासत के रूप में काम कर सकें।

इस तरह 18 सितंबर को आयोजित यह ग्रैंड गैला फंक्शन पुस्तक विमोचन, सम्मान और सामाजिक संदेश—तीनों का संगम बना। ‘शख्सियत’ और ‘बुक ऑफ लाइफ’ के माध्यम से डॉ. कुमार प्रशांत मानव की जीवन-यात्रा और उनके बताए मानवीय मूल्यों को व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास इस आयोजन की केंद्रीय विशेषता रही।

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