By प्रदीप कुमार नई दिल्ली : दिनांक 13 जुलाई 2026, गाजियाबाद के वसुंधरा में विशाल सिख सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में सिख समाज की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। सम्मेलन का आयोजन एनसीआर गुरुद्वारा फाउंडेशन ने किया। सम्मेलन में सिख पंथ की चढ़दी कला, प्रगति, समृद्धि और पंथक एकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह कहलों ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि एनसीआर गुरुद्वारा फाउंडेशन न केवल दिल्ली बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र के सिख समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इस फाउंडेशन का गठन ही इस उद्देश्य से किया गया था कि दिल्ली से बाहर रहने वाले समस्त एनसीआर क्षेत्र के सिख समाज को एक मंच पर लाकर आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ पंथ की उन्नति के लिए कार्य किया जा सके।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की वर्तमान टीम ने हमेशा पंथ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और पंथ की चढ़दी कला के लिए कार्य किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में चुनाव जीतने के बाद तत्कालीन अकाली दल नेतृत्व ने उन्हें पंथ के हित में कार्य करने के बजाय उन लोगों के साथ काम करने के लिए कहा जो हमेशा पंथ में विभाजन पैदा करते रहे हैं। ऐसे में पूरी टीम ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि वे केवल और केवल पंथ के लिए कार्य करेंगे और दिल्ली की संगत के आदेश के अनुसार अलग राह अपनाकर स्वयं को एक बार फिर पंथ की सेवा के लिए समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि समय की सबसे बड़ी आवश्यकता पंथ में पूर्ण एकता स्थापित करना है। फिल्म 'सतलुज' का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह फिल्म पंथ के दर्द को प्रस्तुत करती है और इसका संदेश संगत तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है। इसी कारण दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में इस फिल्म के प्रदर्शन की व्यवस्था की गई है, क्योंकि यह फिल्म सिख समाज की भावनाओं से जुड़ी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान कमेटी ने गुरू हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों के कर्मचारियों के पिछले 20 वर्षों से लंबित बकाया का समाधान करने की दिशा में तेज़ी से कार्य किया है। अकाल पुरख की कृपा से आज 90 प्रतिशत से अधिक स्टाफ एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुका है और स्कूलों को बचाने का कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली के साबत-सूरत सिख परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष नीति बनाई गई थी और अब जल्द ही पूरे एनसीआर क्षेत्र के सिख बच्चों के लिए भी ऐसी नीति लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि एनसीआर क्षेत्र का कोई भी सिख विद्यार्थी जिसने सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) उत्तीर्ण कर ली होगी, उसकी आगे की पूरी पढ़ाई का खर्च दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी वहन करेगी ताकि अधिक से अधिक सिख युवा आईएएस और आईपीएस अधिकारी बन सकें।
पंथक एकता की शक्ति का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्तराखंड में हिंसा और पुलिस कार्रवाई के मामले में गिरफ्तार किए गए निहंग युवकों को केवल दो दिनों में रिहा कराया गया, जबकि ऐसे मामलों में जमानत मिलने में कई-कई वर्ष लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि पंथ की एकजुटता के कारण उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, डीजीपी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर यह मामला सुलझाया गया। इससे पहले किसान आंदोलन के दौरान भी कमेटी ने 165 किसानों की जमानत करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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