By प्रदीप कुमार नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ऑपरेशनल मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए रिफाइनिंग, मार्केटिंग, नेटवर्क विस्तार और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में मजबूत प्रगति दर्ज की है। हालांकि, कुछ वित्तीय प्रभावों के चलते तिमाही में शुद्ध घाटा भी दर्ज किया गया।
30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के दौरान ऑपरेशन्स से कंपनी का रेवेन्यू ₹1,45,126 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,20,135 करोड़ था। एक्सपोर्ट सेस से पहले ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) US$ 23.80 प्रति बैरल रहा, जो पिछले वर्ष के US$ 3.08 प्रति बैरल की तुलना में काफी अधिक है। वहीं टैक्स के बाद स्टैंडअलोन स्तर पर कंपनी को ₹11,526 करोड़ का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में ₹4,371 करोड़ का लाभ दर्ज किया गया था। कंसोलिडेटेड स्तर पर भी कंपनी को ₹12,265 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ।
रिफाइनिंग सेक्टर में HPCL का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। पहली तिमाही में रिफाइनरियों ने 6.52 MMT क्रूड थ्रूपुट दर्ज किया, जो क्षमता का 107 प्रतिशत है। विशाख रिफाइनरी ने 3.97 MMT (106%) और मुंबई रिफाइनरी ने 2.55 MMT (108%) क्रूड प्रोसेस किया। तिमाही के दौरान रिफाइनरियों ने पहली बार दो नए ग्रेड के क्रूड ऑयल का भी सफलतापूर्वक प्रोसेसिंग किया।
मार्केटिंग और सेल्स परफॉर्मेंस के तहत कुल बिक्री (एक्सपोर्ट सहित) 13.12 MMT रही, जिसमें 0.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। पेट्रोल और डीजल की कुल बिक्री 8.8 MMT रही, जो 8.1 प्रतिशत अधिक है। LPG की बिक्री 1,729 TMT तथा पाइपलाइन थ्रूपुट 6.61 MMT रहा।
कंपनी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर भी तेजी से निवेश कर रही है। पहली तिमाही में ₹1,734 करोड़ का कैपेक्स किया गया। इस दौरान रिफाइनिंग और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नई क्षमताएं विकसित करने और सहायक एवं संयुक्त उद्यम कंपनियों में निवेश पर विशेष जोर दिया गया।
HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) का कमर्शियल ऑपरेशन 22 जून 2026 को घोषित किया गया था, जबकि 4 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया। वहीं HPLNG छारा टर्मिनल को हर मौसम में संचालन के लिए गुजरात मैरीटाइम बोर्ड से सैद्धांतिक मंजूरी भी प्राप्त हुई।
30 जून 2026 तक HPCL के देशभर में 25,160 रिटेल आउटलेट, 6,391 LPG डिस्ट्रीब्यूटर और 54,586 PNG कनेक्शन मौजूद हैं। CGD नेटवर्क के तहत इस तिमाही में 598 इंच-किमी स्टील पाइपलाइन और 693 इंच-किमी MDPE पाइपलाइन बिछाई गई।
कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ को गति देने के लिए कई नई पहल भी शुरू की हैं। 'समृद्धि 2.0' प्रोग्राम के जरिए EBITDA में ₹1,500 करोड़ सुधार का लक्ष्य रखा गया है। HP ग्रीन R&D सेंटर अब तक 787 पेटेंट फाइल कर चुका है, जिनमें 320 पेटेंट मंजूर हो चुके हैं।
नॉन-फ्यूल बिजनेस को मजबूत करने के लिए HPCL ने Burger King, Travel Food Services, Devyani International, FoodMojo, Chai Fast, Araku Coffee, SARAS और Safal के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इसके अलावा Petromin के सहयोग से अगले तीन वर्षों में देशभर में 1,000 क्विक व्हीकल केयर सेंटर विकसित किए जाएंगे।
AI, एजेंटिक AI, डिजिटल ट्विन्स, इंडस्ट्रियल IoT, क्लाउड प्लेटफॉर्म, रोबोटिक्स और ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए HPCL अपने रिफाइनिंग, सप्लाई चेन और मार्केटिंग सिस्टम को भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भी कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है। 30 जून 2026 तक HPCL के पास 2,289 CNG आउटलेट, 23,928 सोलर-पावर्ड रिटेल आउटलेट और 5,806 EV चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं। इस तिमाही में जलगांव और झांसी में नए सोलर प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए।
कुल मिलाकर, पहली तिमाही के नतीजे यह संकेत देते हैं कि HPCL केवल पारंपरिक पेट्रोलियम कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन उसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाता है।

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