By प्रदीप कुमार नई दिल्ली : दिनांक 5 जून 2026, नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट ने इंस्टीट्यूट फॉर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (आईआईडी) की स्थापना की घोषणा की है। यह बुनियादी ढांचा वित्तपोषण (इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग) को समर्पित संस्थान होगा। यह संबंधित पूरे सिस्टम में ज्ञान के प्रसार, क्षमता निर्माण और कौशल विकास के लिए व्यापक केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
इस संस्थान का उद्घाटन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पर्यवेक्षण विभाग की प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक (चीफ जनरल मैनेजर-इन-चार्ज) मोनिशा चक्रवर्ती ने संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया। आईआईडी की परिकल्पना बुनियादी बुनियादी ढांचा क्षेत्र में कर्ज प्रवाह से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए की गई है। यह विशेष ज्ञान प्रदान करने, तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने और विभिन्न हितधारकों के बीच मानकीकृत श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां (बेस्ट प्रैक्टिसेज) स्थापित करने के लिए योजनाबद्ध संस्थागत व्यवस्था की महत्ता बताता है। नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ) संजीव वैद के नेतृत्व में मुंबई में आईआईडी की स्थापना की गई।
संस्थान ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैंक मैनेजमेंट (एनआईबीएम) के साथ साझेदारी कर प्रोजेक्ट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस पर पहला कार्यक्रम शुरू किया है। "एक सप्ताह के इस कार्यक्रम में यह सिखाया जाएगा कि किसी परियोजना का आकलन कैसे किया जाए, वह आर्थिक रूप से कितनी लाभकारी है, उसका पर्यावरण पर क्या असर होगा और कर्ज मिलने के बाद उसकी प्रगति व धन के उपयोग पर नजर कैसे रखी जाए। इस उद्घाटन कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों और बुनियादी ढांचा वित्तपोषण संस्थानों के 47 पेशेवरों ने भाग लिया।
भविष्य में यह संस्थान राज्य प्राधिकरणों और शहरी स्थानीय निकायों के लिए विशेष पाठ्यक्रम शुरू करेगा, ताकि परियोजना रिपोर्ट तैयार करने, वित्तीय संरचना तैयार करने, अनुपालन (कम्प्लायंस) और निवेशकों के साथ संवाद (इन्वेस्टर एंगेजमेंट) जैसे क्षेत्रों में संस्थागत क्षमताओं को मजबूत किया जा सके।
नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट के प्रबंध निदेशक राजकिरण राय जी.ने कहा, "इंस्टीट्यूट फॉर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (आईआईडी) की शुरुआत भारत के बुनियादी ढांचा वित्तपोषण तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। ज्ञान और कौशल विकास के लिए व्यवस्थित मंच तैयार कर हमारा उद्देश्य सभी हितधारकों को मजबूत बनाना है, ताकि वे टिकाऊ और कुशल बुनियादी ढांचा विकास को आगे बढ़ा सकें। मैं इस अवसर पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैंक मैनेजमेंट (एनआईबीएम) द्वारा संस्थान के उद्घाटन कार्यक्रम को तैयार करने में किए गए अमूल्य प्रयासों के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। हमारा विजन इंस्टीट्यूट फॉर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में स्थापित करना है। यह क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा। क्षमताओं को मजबूत करेगा। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में विचार नेतृत्व (थॉट लीडरशिप) को प्रोत्साहित करेगा।"
भारतीय रिजर्व बैंक के पर्यवेक्षण विभाग की प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक मोनिशा चक्रवर्ती ने कहा, "बुनियादी ढांचा वित्तपोषण भारत के विकास की आधारशिला है। यह संस्थान वित्तीय संस्थानों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत की विशेषज्ञता को एक साथ लाकर सीखने, ज्ञान साझा करने और सहयोग के लिए एक समावेशी मंच तैयार करेगा। इस पहल के माध्यम से श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को और मजबूत किया जाएगा। तकनीकी क्षमताओं में निरंतर वृद्धि होगी। समग्र बुनियादी ढांचा वित्तपोषण तंत्र को और सुदृढ़ बनाया जाएगा।"

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