Published by : BST News Desk
महाराष्ट्र : कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट (सी.यू.पी.ए) ने महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के साथ मिलकर कैम्ब्रिज क्लाइमेट क्वेस्ट कार्यक्रम शुरू किया है। यह जलवायु की चुनौतियों का सामना करने के मकसद से नई पीढ़ी को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह पहल छात्रों को जलवायु शिक्षा का मुख्य हिस्सा बनाती है। इसके माध्यम से युवाओं को जरूरी ज्ञान, कौशल, समस्याएँ हल करने और सही फैसले लेने की क्षमता दी जाएगी, ताकि वे सतत विकास की चुनौतियों का सामना कर सकें।
इस समझौते (एमओयू) पर डॉ. हेमंत वासेकर (आईएएस), डायरेक्टर एससीईआरटी, महाराष्ट्र सरकार और अरुण राजमणि, मैनेजिंग डायरेक्टर (दक्षिण एशिया), कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता श्री दादाजी भुसे (स्कूल शिक्षा मंत्री), पंकजा ताई मुंडे (पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री), डॉ. पंकज भोयर (राज्य मंत्री – स्कूल शिक्षा, गृह (ग्रामीण), आवास, खनन और सहकारिता) की मौजूदगी में हुआ। इनके साथ रणजीत सिंह देओल (गवर्नमेंट ऑफ महाराष्ट्र के स्कूल एजुकेशन और स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सैक्रेटरी), संजय एल. यादव (समग्र शिक्षा अभियान के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर) और स्कूल शिक्षा विभाग व कैम्ब्रिज के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
यह कार्यक्रम अंग्रेज़ी और मराठी भाषा में कैम्ब्रिज के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से चलाया जाएगा। महाराष्ट्र के लगभग 2 लाख छात्रों तक इसके पहुँचने की उम्मीद है। यह योजना कक्षा 8 और 9 के छात्रों के लिए है, जो सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को जलवायु और पर्यावरण के बारे में सही समझ देना और उन्हें पर्यावरण की रक्षा और बेहतर भविष्य के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करना है।
मंत्रालय में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा के लिए माननीय राज्य मंत्री, डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि, “कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के साथ किए गए एक बड़े समझौते के अंतर्गत क्लाइमेट क्वेस्ट प्रोग्राम के लिए हुए इस एम.ओ.यू के माध्यम से महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों में जलवायु की शिक्षा बढ़ाने की दिशा में एक जरूरी कदम उठाया है। 8वीं और 9वीं क्लास के स्टूडेंट्स के लिए शुरू किए जा रहे ‘क्लाइमेट क्वेस्ट’ ई-लर्निंग प्रोग्राम द्वारा छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण का ज्ञान दिया जाएगा, तथा वास्तविक दुनिया की समस्याओं से जिम्मेदारीपूर्वक निपटने के लिए तैयार किया जाएगा। स्कूलों में यह प्रोग्राम एक सस्टेनेबल और पर्यावरण के प्रति जवाबदेह भविष्य का निर्माण करने की महाराष्ट्र सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सही शिक्षा देकर उन्हें पर्यावरण की रक्षा करने में समर्थ बनाना है। कैम्ब्रिज से मेरा निवेदन है कि यह प्रोग्राम मराठी भाषा में भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि इससे महाराष्ट्र के अधिक से अधिक छात्र जुड़ सकें।
यह बात विशेष रूप से गौर करने वाली है कि यह प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्रों को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट (सी.यू.पी.ए) और महाराष्ट्र सरकार की ओर से एक जॉइंट सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
इस पहल के लिए मैं सी.यू.पी.ए और हमारे स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई देता हूं, और उम्मीद करता हूँ कि इस प्रोग्राम में ज्यादा से ज्यादा छात्र हिस्सा लेंगे।”
स्कूल शिक्षा के लिए माननीय कैबिनेट मंत्री, दादाजी भुसे ने कहा कि, “इस प्रोग्राम में छात्रों को पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और संबंधित टॉपिक्स पर विस्तृत पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया जाएगा। शुरू में यह प्रोग्राम कक्षा 8 और 9 के छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे बाद में अन्य कक्षाओं के लिए भी शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, विभाग द्वारा विशेष पहलों के माध्यम से छात्रों के बीच स्वच्छता की जागरूकता बढ़ाआई जाएगी। व्यक्तिगत स्वच्छता और स्कूल एवं घर के पास साफ-सफाई रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जून में पर्यावरण रक्षा की गतिविधियों में हिस्सा लिया जाएगा।”
पंकजा ताई मुंडे, माननीय कैबिनेट मंत्री, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन एवं पशुपालन ने कहा, “कैम्ब्रिज क्लाइमेट क्वेस्ट स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई एक ई-लर्निंग पहल है। शिक्षा विभाग और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट इंडिया के बीच इस समझौतेपत्र से छात्रों के बीच पर्यावरण सुरक्षा की जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।”
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर – साउथ एशिया, अरुण राजमणि ने कहा, “सस्टेनेबल विकास की चुनौतियों का हल शुरू होता है, शिक्षा से, जो छात्रों को समाधानों का विकास करने के लिए शिक्षा, कौशल और समस्या हल करने की क्षमता प्रदान करती है। कैम्ब्रिज में हमारी मुख्य प्राथमिकता छात्रों को सस्टेनेबल विकास पर केंद्रित और शोध पर आधारित शिक्षा के माध्यम से तैयार करना है।
हमारी और महाराष्ट्र सरकार की यह पार्टनरशिप जलवायु शिक्षा का विस्तार करने और पूरे राज्य के छात्रों की सूचित, जवाबदेह और भविष्य के लिए तैयार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
स्कूल स्तर पर जलवायु से जुड़ी पढ़ाई शुरू करके इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को जलवायु परिवर्तन को समझने में मदद करना है। साथ ही उन्हें यह भी समझाना है कि भविष्य में वे ही समस्याओं का हल निकालने वाले और फैसले लेने वाले बन सकते हैं, जो समाज, उद्योग और लोगों को पर्यावरण की समस्याओं से निपटने में मदद करेंगे।
क्लाइमेट क्वेस्ट कार्यक्रम में छात्रों को जलवायु परिवर्तन के बारे में आसान तरीके से पढ़ाया जाता है। इसमें बताया जाता है कि इसका प्रकृति, लोगों और देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, संसाधनों का सही उपयोग और पर्यावरण की रक्षा जैसे अच्छे उपाय भी समझाए जाते हैं। इस कार्यक्रम में गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है, जिससे छात्र पर्यावरण की समस्याओं को समझ सकें और उनका हल सोच सकें। वे जो सीखते हैं उसे अपने रोज़मर्रा के जीवन में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह कार्यक्रम छात्रों को भविष्य में बढ़ रही ग्रीन (हरित) अर्थव्यवस्था में मिलने वाले अवसरों के लिए भी तैयार करता है।
इस सहयोग के तहत कैम्ब्रिज कार्यक्रम के लिए पढ़ाई की सामग्री (मॉड्यूल) देगा, शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा, इस्तेमाल करने की गाइड देगा, छात्रों की प्रगति देखने के लिए निगरानी डैशबोर्ड की सुविधा देगा, और कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को प्रमाणपत्र भी देगा।
कार्यक्रम शुरू करने के लिए शिक्षकों को पहले जानकारी दी जाएगी, छात्रों का नाम दर्ज किया जाएगा, फिर उन्हें तैयार किए गए पाठ पढ़ाए जाएंगे। कोर्स पूरा करने पर छात्रों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। यह कार्यक्रम एससीईआरटी, जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) और महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के माध्यम से चलाया जाएगा।

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