By विनय मिश्रा नई दिल्ली: दिनांक 11 जनवरी 2026, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (NDWBF) 2026 के अवसर पर आयोजित प्रतिष्ठित बी2बी मंच CEOSpeak का 13वां संस्करण 11 जनवरी को होटल अशोक, नई दिल्ली में भव्य रूप से संपन्न हुआ। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT), भारत द्वारा आयोजित इस उच्चस्तरीय मंच में भारतीय और वैश्विक प्रकाशन जगत के शीर्ष नेतृत्व ने “प्रकाशन के भविष्य को समझना” विषय पर गहन विमर्श किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, अध्यक्ष, एनबीटी ने CEOSpeak को एक नीति-केंद्रित मंच बताते हुए कहा कि यह मंच व्यावसायिक गतिविधियों से अलग हटकर रणनीतिक सोच और संवाद को बढ़ावा देता है। उन्होंने बताया कि भारत का प्रकाशन उद्योग 12 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है और इसमें 9,000 से अधिक प्रकाशक तथा 21,000 खुदरा विक्रेता शामिल हैं। AI, ऑगमेंटेड रियलिटी और मशीन लर्निंग जैसे तकनीकी नवाचार संपादन, उत्पादन और कंटेंट वितरण की दिशा बदल रहे हैं।
आनंदाराव वी. पाटिल, IAS, अतिरिक्त सचिव, शिक्षा मंत्रालय ने नीति निर्माताओं और प्रकाशकों के बीच संरचित संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया, दीक्षा और ई-पाठशाला जैसी डिजिटल पहलें ज्ञान तक पहुंच बढ़ा रही हैं, वहीं AI, ऑडियोबुक और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी तकनीकें रचनात्मकता को प्रतिस्थापित नहीं बल्कि सशक्त कर रही हैं।
इस अवसर पर अतिथि देश कतर और फोकस कंट्री स्पेन की विशेष भागीदारी भी रही। मारिया गिल बुर्मन, निदेशक, इंस्टीट्यूटो सर्वेंटेस, नई दिल्ली ने भारतीय प्रकाशकों के साथ सहयोग, बहुभाषी साहित्य, कविता पाठ, बाल साहित्य और गैलिशियन साहित्य को बढ़ावा देने की पहलों की जानकारी दी।
वहीं आस्मा अल-कुवारी, निदेशक, नब्जा पब्लिशिंग हाउस, कतर ने कतर के प्रकाशन उद्योग के सांस्कृतिक संरक्षण से ज्ञान-आधारित उद्योग बनने की यात्रा को साझा किया। उन्होंने बाल साहित्य की बढ़ती मांग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय वितरण, उत्पादन लागत और संपादकीय विशेषज्ञता जैसी चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
जोसे मैनुअल अंता, प्रबंध निदेशक, फेडरेशन ऑफ पब्लिशर्स गिल्ड ऑफ स्पेन ने स्पेन के संगठित प्रकाशन मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि वहां हर वर्ष लगभग 60,000 प्रिंट और 27,000 डिजिटल शीर्षक प्रकाशित होते हैं। उन्होंने भरोसेमंद डेटा, संतुलित नियमन और सहयोग को मजबूत प्रकाशन पारिस्थितिकी तंत्र की कुंजी बताया।
स्पेन सरकार की ओर से जीसस गोंजालेज़, उप महानिदेशक ने अनुवाद अनुदान नीति की जानकारी दी, जिसके तहत विदेशी भाषाओं में स्पेनिश साहित्य के अनुवाद को वित्तीय सहायता दी जाती है। कार्यक्रम का संचालन कुमार विक्रम, मुख्य संपादक एवं संयुक्त निदेशक, एनबीटी ने किया।
समापन संबोधन में युवराज मलिक, निदेशक, एनबीटी ने कहा कि भारत का 12 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रकाशन उद्योग शिक्षा-प्रधान है, जिसमें 45% हिस्सेदारी क्षेत्रीय भाषाओं की है। उन्होंने पुणे बुक फेस्टिवल, राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय, स्कूलों में अनिवार्य पठन समय, अनुवाद अनुदान और “थ्री टी” (Translate, Transform, Transfer) कार्यक्रम को भारत की वैश्विक ज्ञान नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
दूसरे सत्र में “प्रकाशन का भविष्य” विषय पर विशेषज्ञ पैनल चर्चा हुई, जिसका संचालन प्रणव गुप्ता, प्रबंध निदेशक, प्रिंट्स पब्लिकेशंस ने किया। चर्चा में जापान, इज़राइल, स्पेन, कतर और भारत के प्रकाशन विशेषज्ञों ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, AI का जिम्मेदार उपयोग, कॉपीराइट सुरक्षा, अनुवाद, प्रिंट-ऑन-डिमांड और सतत विकास जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए।
CEOSpeak 2026 ने यह स्पष्ट किया कि प्रकाशन उद्योग केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, शिक्षा और वैश्विक ज्ञान-विनिमय का सशक्त माध्यम है। यह मंच भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के बीच प्रकाशन जगत को नई दिशा देने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

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