By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 3 अक्टूबर 2026, क्रिकेट के मैदान से सामाजिक बदलाव की नई कहानी लिखने की तैयारी है। जिस पहल की शुरुआत कभी रेस्टोरेंट क्रिकेट लीग (Restaurant Cricket League) के रूप में हुई थी, वह अब अपने विस्तारित स्वरूप के साथ ‘राष्ट्रीय क्रिकेट लीग (Rashtriya Cricket League - RCL)’ बन चुकी है। नाम में आया यह बदलाव महज पहचान बदलने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लीग के बढ़ते दायरे, विविध भागीदारी और उस बड़े सामाजिक उद्देश्य का संकेत है, जिसके केंद्र में है—‘हंगर फ्री भारत’ यानी भूख और खाद्य बर्बादी के खिलाफ जन-जागरूकता।
राष्ट्रीय क्रिकेट लीग के नए नाम और लोगो का लॉन्च इस पहल के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। RCL अब किसी एक व्यवसाय, संस्था या समुदाय तक सीमित क्रिकेट आयोजन नहीं रहना चाहती, बल्कि क्रिकेट की लोकप्रियता को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़कर देश के अलग-अलग वर्गों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मैदान पर मुकाबला होगा, लेकिन असली लक्ष्य मैदान के बाहर एक बड़ा बदलाव लाना है।
‘राष्ट्रीय’ शब्द RCL की सोच के केंद्र में है। इसका उद्देश्य भारत के अलग-अलग राज्यों, क्षेत्रों, पेशों, समुदायों और सामाजिक पृष्ठभूमियों से जुड़े लोगों को क्रिकेट की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से एक मंच पर लाना है। यही विविधता इस लीग को पारंपरिक क्रिकेट प्रतियोगिताओं से अलग पहचान देती है—जहां टीमों की पहचान सिर्फ जर्सी से नहीं, बल्कि उनके सामाजिक प्रतिनिधित्व से भी होगी।
इसी विज़न को दर्शाने वाला राष्ट्रीय क्रिकेट लीग का लोगो भी लॉन्च किया गया। लोगो के अनावरण के साथ RCL ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाले दिनों में क्रिकेट को केवल प्रतिस्पर्धा और मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे मानवता, सेवा, करुणा और सामाजिक जागरूकता का प्रभावशाली माध्यम बनाया जाएगा।
राष्ट्रीय क्रिकेट लीग का आयोजन 22 से 25 अक्टूबर 2026 तक नेशनल स्टेडियम क्रिकेट ग्राउंड, नई दिल्ली में किया जाएगा। इस लीग की सबसे खास बात इसकी टीमों और प्रतिभागियों की असाधारण विविधता होगी। मैदान पर ट्रांसजेंडर समुदाय, भारतीय महिला मूक-बधिर क्रिकेट टीम, पत्रकार, किसान, शेफ, डॉक्टर, विद्यार्थी, इंडिगो एयरलाइंस, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, नेपाल से आए प्रतिभागी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग अपनी-अपनी टीमों के प्रतिनिधित्व के साथ नजर आएंगे।
यानी RCL में क्रिकेट केवल बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच मुकाबला नहीं होगा, बल्कि यह अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच एकता, सहभागिता और समानता का संदेश भी देगा। किसान से लेकर शेफ तक, डॉक्टर से लेकर पत्रकार तक और खिलाड़ी से लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तक—एक ही मैदान पर अलग-अलग पहचानें एक साझा उद्देश्य के लिए साथ दिखाई देंगी।
राष्ट्रीय क्रिकेट लीग की ट्रॉफी, लोगो और जर्सी लॉन्च के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे अभियान की दिशा और उद्देश्य को सामने रखा गया। आयोजकों के अनुसार RCL का लक्ष्य सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित करना नहीं है। क्रिकेट की लोकप्रियता का इस्तेमाल भूख, खाद्य बर्बादी और जरूरतमंद लोगों तक अतिरिक्त भोजन पहुंचाने की आवश्यकता जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर देशव्यापी चर्चा और जागरूकता पैदा करने के लिए किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी ने इस पहल को और व्यापक स्वरूप दिया। सामाजिक कार्यकर्ता महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, अभिनेता अरुण बख्शी, अवतार गिल और अभिनव चतुर्वेदी, DPS इंदिरापुरम की प्रिंसिपल प्रिया जॉन, Shark Tank प्रतिभागी एवं किसान जुगाड़ू कमलेश, प्रसिद्ध शेफ मनजीत गिल, भारतीय महिला मूक-बधिर क्रिकेट टीम की कप्तान काजल, नेपाल से रत्ना तामांग, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आरव चोपड़ा, पत्रकार अनूप, इंडिगो एयरलाइंस से अमित कुमार, डॉ. कुलसौरभ कौशिक सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन में विविधता की तस्वीर पेश की।
यह विविध भागीदारी ‘हंगर फ्री भारत’ के मूल विचार को मजबूती देती है कि भूख किसी जाति, समुदाय, पेशे या पहचान को देखकर नहीं आती और इसलिए भूख के खिलाफ लड़ाई भी किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। आयोजकों का संदेश साफ है—जिसके पास संसाधन हैं, वह जरूरतमंद तक भोजन पहुंचाने में योगदान दे सकता है और भोजन की बर्बादी रोकना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बन सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में खाद्य बर्बादी रोकने की अपील के संदर्भ से हुई। इस संदर्भ ने कार्यक्रम के सामाजिक संदेश को और स्पष्ट किया और यह रेखांकित किया कि भोजन की बर्बादी केवल खाने का नुकसान नहीं, बल्कि उस भोजन को पैदा करने वाले किसान की मेहनत, संसाधनों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है।
‘हंगर फ्री भारत’ इसी सोच को चर्चा से आगे ले जाकर व्यवहार और भागीदारी में बदलने की दिशा में काम करने का दावा करता है। पहल के तहत व्यक्तियों, संस्थानों, धार्मिक स्थलों, सामाजिक संगठनों, कॉरपोरेट्स और विभिन्न समुदायों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भोजन बचाने और जरूरतमंदों तक अतिरिक्त भोजन पहुंचाने की सोच जन-अभियान का रूप ले सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक रही राष्ट्रीय क्रिकेट लीग का उद्घाटन चैरिटी मैच। यह मुकाबला सनातन गुरुओं की टीम और सुपरस्टार्स की टीम के बीच खेला जाएगा। सनातन टीम का नेतृत्व आचार्य बालकृष्ण करेंगे, जबकि सुपरस्टार्स टीम की कप्तानी प्रसिद्ध अभिनेता राकेश बेदी करेंगे। इस अनोखे मुकाबले के जरिए क्रिकेट, अध्यात्म, मनोरंजन और सामाजिक सेवा को एक ही मंच पर लाने की कोशिश की गई है।
सुपरस्टार्स टीम में विंदू दारा सिंह, अवतार गिल, अरुण बख्शी, रज़ा मुराद, शाहबाज़ खान, अभिनव चतुर्वेदी, सुनील पाल, बनवारी लाल झोल सहित अन्य प्रसिद्ध हस्तियों के शामिल होने की घोषणा की गई है। इस मुकाबले से जुड़ी स्टार पावर का इस्तेमाल ‘हंगर फ्री भारत’ के संदेश को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
उद्घाटन मुकाबले की खासियत केवल मैदान पर उतरने वाली हस्तियां नहीं होंगी, बल्कि इसके पीछे छिपा संदेश भी होगा। सनातन गुरुओं और फिल्म जगत की हस्तियों का एक साथ क्रिकेट खेलना यह संदेश देने की कोशिश है कि मानवता, करुणा और सेवा जैसे उद्देश्य किसी एक विचार या वर्ग तक सीमित नहीं होते। क्रिकेट यहां एक ऐसा माध्यम बनेगा, जिसके जरिए सामाजिक जिम्मेदारी की बात सीधे लोगों तक पहुंचाई जा सके।
इस अवसर पर अरविंद कुमार ने विशेष रूप से श्री एस. के. तिजारावाला के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस पहल में सनातन गुरुओं के आशीर्वाद और सहभागिता को संभव बनाने में उनका महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। आयोजकों के अनुसार संतों और आध्यात्मिक जगत का जुड़ाव इस अभियान के संदेश को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्रीय क्रिकेट लीग और ‘हंगर फ्री भारत’ के संस्थापक अरविंद कुमार ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अलग-अलग पहचान और पेशों से जुड़े लोग एक ही उद्देश्य के लिए एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं।
अरविंद कुमार ने कहा कि किसान, शेफ, विद्यार्थी, नेपाल से आए प्रतिभागी, इन्फ्लुएंसर्स, अभिनेता, खिलाड़ी, पत्रकार और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों का एक साथ खड़ा होना ही इस पहल की असली ताकत है। उनके अनुसार RCL का उद्देश्य केवल क्रिकेट का आयोजन करना नहीं, बल्कि क्रिकेट को ऐसा माध्यम बनाना है जिसके जरिए समाज भोजन की कीमत, भूख की गंभीरता और खाद्य बर्बादी रोकने की जिम्मेदारी को समझ सके।
उन्होंने यह भी बताया कि TIMES OF INDIA - TIMES NIE ने ‘Brush Against Hunger’ ड्रॉइंग प्रतियोगिता के माध्यम से ‘हंगर फ्री भारत’ मिशन के समर्थन की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस पहल के जरिए हजारों विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बच्चों के माध्यम से भोजन की बर्बादी रोकने और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश अगली पीढ़ी तक पहुंच सके।
स्कूलों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्टेडियम में लीग के दौरान ‘हंगर फ्री भारत’ की शपथ दिलाने की योजना भी इस अभियान को केवल क्रिकेट आयोजन से आगे ले जाती है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल दर्शक बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का सक्रिय भागीदार बनाना है।
अरविंद कुमार ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से लगातार बढ़ रही भागीदारी इस बात का संकेत है कि ‘हंगर फ्री भारत’ अब किसी एक संस्था या समुदाय का अभियान नहीं रह गया है, बल्कि सामूहिक भागीदारी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका मानना है कि जब खेल, मनोरंजन, शिक्षा, उद्योग, सामाजिक संगठन और आम नागरिक एक ही उद्देश्य से जुड़ते हैं, तो किसी भी सामाजिक संदेश का प्रभाव कई गुना बढ़ सकता है।
अभिनेता अरुण बख्शी ने RCL के विचार की सराहना करते हुए कहा कि क्रिकेट में बनाए जाने वाले हर रन को ‘हंगर फ्री भारत’ के संदेश से जोड़ना एक अलग और प्रभावशाली सोच है। उन्होंने कहा कि अगर क्रिकेट का एक रन किसी जरूरतमंद की थाली तक भोजन पहुंचाने के संदेश का माध्यम बन सकता है, तो उस रन की अहमियत सिर्फ स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रहती।
अरुण बख्शी के अनुसार यह केवल क्रिकेट लीग नहीं, बल्कि मानवता और सेवा की भावना से खेला जाने वाला क्रिकेट है। उन्होंने कहा कि जब खेल और मनोरंजन का इस्तेमाल किसी गंभीर सामाजिक मुद्दे पर जागरूकता पैदा करने के लिए किया जाता है, तो उसका संदेश लाखों लोगों तक पहुंचने की क्षमता रखता है।
अभिनेता अवतार गिल ने भी राष्ट्रीय क्रिकेट लीग के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोगों को एक साथ लाने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि RCL सेलिब्रिटीज, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को एक ऐसे सामाजिक उद्देश्य से जोड़ रही है, जिसका सीधा संबंध समाज के जरूरतमंद वर्ग से है।
महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी को विशेष महत्व देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर समुदाय के सदस्यों का विभिन्न वर्गों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना समावेशिता का महत्वपूर्ण संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भूख किसी पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं करती, इसलिए मानवता और सेवा की जिम्मेदारी की भी कोई सीमा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें केवल सामाजिक अभियान नहीं होतीं, बल्कि वे समाज को यह संदेश देती हैं कि हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है, हर आवाज की जगह है और हर समुदाय मानवता के बड़े उद्देश्य में योगदान दे सकता है।
DPS इंदिरापुरम की प्रिंसिपल प्रिया जॉन ने सामाजिक अभियानों में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल और बच्चे जिम्मेदार उपभोग, भोजन के सम्मान और खाद्य बर्बादी रोकने के संदेश को परिवारों और समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जुगाड़ू कमलेश ने किसानों और खाद्य उत्पादकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भोजन की थाली तक पहुंचने के पीछे किसान की मेहनत जुड़ी होती है। इसलिए भोजन का सम्मान करने का अर्थ उस मेहनत का सम्मान करना भी है। खाद्य बर्बादी रोकने की सोच को उन्होंने कृषि और खाद्य व्यवस्था की वास्तविकता से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रसिद्ध शेफ मनजीत गिल ने खाद्य और हॉस्पिटैलिटी उद्योग की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उनके अनुसार भोजन तैयार करने से लेकर उसे परोसने तक हर स्तर पर जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर खाद्य बर्बादी को कम किया जा सकता है। उन्होंने भोजन को केवल उत्पाद नहीं बल्कि मेहनत और संसाधनों से जुड़ी मूल्यवान वस्तु के रूप में देखने की आवश्यकता पर बल दिया।
पत्रकार अनूप ने क्रिकेट जैसे लोकप्रिय मंच के माध्यम से सामाजिक संदेश को बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मीडिया इस अभियान को निरंतर जन-जागरूकता से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, ताकि ‘हंगर फ्री भारत’ का संदेश आयोजन समाप्त होने के बाद भी लोगों तक पहुंचता रहे।
अभिनेता अभिनव चतुर्वेदी ने कहा कि खेल और मनोरंजन में लोगों को जोड़ने की असाधारण क्षमता है। यदि इस प्रभाव का इस्तेमाल किसी सकारात्मक सामाजिक उद्देश्य के लिए किया जाए, तो उसका असर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है। उन्होंने RCL और ‘हंगर फ्री भारत’ पहल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
अरविंद कुमार ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन का भी विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अतुल वासन उन प्रमुख क्रिकेटरों में रहे हैं, जिन्होंने शुरुआत से ही लीग और इसके उद्देश्य को समर्थन दिया तथा RCL को उचित क्रिकेट नियमों और पेशेवर मानकों के अनुरूप आयोजित करने के प्रयासों में सहयोग किया।
राष्ट्रीय क्रिकेट लीग की पूरी अवधारणा को एक पंक्ति में कहा जाए तो यह एक नया नाम, एक बड़ा विज़न और अलग-अलग पहचान वाले लोगों को एक उद्देश्य पर जोड़ने की कोशिश है। यहां क्रिकेट प्रतियोगिता है, लेकिन उसके पीछे सामाजिक चेतना का संदेश है।
RCL का संदेश साफ है—क्रिकेट माध्यम है, मानवता मिशन है। मैदान एक है, खिलाड़ी अलग-अलग हैं और उद्देश्य एक है।
राष्ट्रीय क्रिकेट लीग—एक नया नाम। एक बड़ा विज़न। विभिन्न समुदाय—एक मंच। एक संकल्प—‘हंगर फ्री भारत’।

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