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Odisha Semiconductor Push: ओडिशा को मिले ₹23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 6,100 रोजगार की संभावना; Naraj में बनेगा ‘Odisha Silicon Valley’

By प्रदीप कुमार नई दिल्ली :  देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ओडिशा ने अपनी तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को एक नई रफ्तार देने का संकेत दिया है। SEMICON India 2026 के दौरान ओडिशा सरकार को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़े करीब ₹23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य सरकार के अनुसार, इन प्रस्तावों में लगभग 6,100 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावित क्षमता है।

Odisha Silicon Valley: CM Mohan Charan Majhi ने 870 एकड़ में सेमीकंडक्टर और IT हब की घोषणा की

सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर ओडिशा की बड़ी छलांग

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने SEMICON India 2026 के मंच को राज्य की तकनीकी और औद्योगिक महत्वाकांक्षाओं को दुनिया के सामने रखने के अवसर के तौर पर इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ लगातार हाई-लेवल बैठकें कर निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन से जुड़े संभावित सहयोग पर चर्चा की। राज्य का फोकस अब केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करने तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के अलग-अलग हिस्सों में परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ओडिशा की सेमीकंडक्टर यात्रा अब इरादे से अमल की दिशा में बढ़ रही है। उनका कहना है कि राज्य ने सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ प्रमुख परियोजनाओं को क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। SEMICON India 2026 में उद्योग जगत के साथ हुई बातचीत का उद्देश्य निवेश की इस गति को आगे बढ़ाना और ओडिशा में सेमीकंडक्टर निवेश का अगला दौर लाना है।

SEMICON India 2026 में Odisha को ₹23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, Naraj में बनेगा 870 एकड़ का Silicon Valley हब

870 एकड़ में बनेगा ‘Odisha Silicon Valley’

ओडिशा की इस रणनीति का सबसे बड़ा आकर्षण कटक के पास नाराज (Naraj) में प्रस्तावित ‘Odisha Silicon Valley’ है। मुख्यमंत्री ने नाराज में करीब 870 एकड़ क्षेत्र में एक बड़े टेक्नोलॉजी हब के विकास की घोषणा की है। प्रस्तावित क्षेत्र में बड़े Semiconductor, Electronics और IT Projects को एकीकृत रूप से विकसित करने की योजना है, जिससे राज्य में तकनीकी उद्योगों के लिए एक बड़ा क्लस्टर तैयार किया जा सके।

सरकार की योजना केवल अलग-अलग कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। Odisha Silicon Valley को एक इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जहां मैन्युफैक्चरिंग के साथ टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आईटी से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सके। इससे नाराज को ओडिशा के उभरते सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।

Global कंपनियों से हाई-लेवल बातचीत

SEMICON India 2026 के दौरान मुख्यमंत्री और ओडिशा सरकार के प्रतिनिधियों ने कई ग्लोबल और घरेलू सेमीकंडक्टर एवं टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बातचीत में जापान, स्वीडन और ताइवान के प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा के अलावा Lam Research, Applied Materials, SiCSem, 3D Glass Solutions, Cyient, Linde और HORIBA India जैसी कंपनियों के साथ भी बातचीत शामिल रही।

इन बैठकों से ओडिशा की रणनीति का एक और पहलू सामने आता है—राज्य सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में सिर्फ अंतिम उत्पाद निर्माण पर निर्भर रहने के बजाय पूरी सप्लाई चेन और उससे जुड़े उद्योगों को आकर्षित करना चाहता है। यही वजह है कि निवेशकों के साथ बातचीत में मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सपोर्टिंग टेक्नोलॉजी, सामग्री, उपकरण, डिजाइन और अन्य संबंधित क्षेत्रों पर भी फोकस किया जा रहा है।

QuadQuantum के साथ SiC Wafer Facility पर LoI

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ओडिशा के प्रयासों के बीच QuadQuantum के साथ Letter of Intent (LoI) पर हस्ताक्षर भी एक अहम घटनाक्रम रहा। यह प्रस्तावित सुविधा Silicon Carbide यानी SiC substrate wafers के निर्माण से जुड़ी है।

SiC आधारित सेमीकंडक्टर तकनीक पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में प्रस्तावित SiC substrate wafer facility ओडिशा के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक नए औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ सकती है। हालांकि, LoI को निवेश/परियोजना के अंतिम रूप से स्थापित होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए; आगे परियोजना के क्रियान्वयन के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं और अनुमोदनों की आवश्यकता होगी।

₹23,600 करोड़ के प्रस्तावों से निवेश का बड़ा संकेत

SEMICON India 2026 में ओडिशा सरकार को मिले करीब ₹23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव राज्य के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को विस्तार देने की योजना का अहम हिस्सा हैं। राज्य सरकार के मुताबिक, इन प्रस्तावों में लगभग 6,100 संभावित रोजगार अवसर पैदा करने की क्षमता है। सरकार इन्हें Semicon 2.0 के तहत व्यापक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है।

इन आंकड़ों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में केवल एक प्लांट स्थापित करना पर्याप्त नहीं होता। इसके साथ उपकरण, सामग्री, पैकेजिंग, डिजाइन, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, रिसर्च और कुशल मानव संसाधन जैसे कई क्षेत्रों की जरूरत होती है। ओडिशा की मौजूदा रणनीति इन्हीं अलग-अलग कड़ियों को एक साथ जोड़कर एक व्यापक इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में है।

Naraj क्यों बन सकता है रणनीतिक टेक्नोलॉजी हब?

कटक-भुवनेश्वर अर्बन कॉरिडोर में स्थित Naraj को प्रस्तावित Silicon Valley के लिए रणनीतिक स्थान के रूप में पेश किया गया है। राज्य सरकार के अनुसार, यहां से प्रमुख नेशनल हाईवे और पारादीप तथा धामरा जैसे बड़े बंदरगाहों तक मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध है। यह कनेक्टिविटी सेमीकंडक्टर उपकरण, कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही से जुड़ी लॉजिस्टिक्स जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

यही कनेक्टिविटी Naraj को भविष्य में Semiconductor Supply Chain, Electronics Manufacturing और Allied Industries के संभावित क्लस्टर के रूप में विकसित करने में मदद कर सकती है। यदि प्रस्तावित परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो यहां केवल चिप से जुड़े उद्योग ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी से जुड़े अन्य कारोबारों के लिए भी अवसर बन सकते हैं।

Odisha का लक्ष्य: निवेश से आगे, पूरा Semiconductor Ecosystem

ओडिशा सरकार की मौजूदा रणनीति को देखें तो राज्य का लक्ष्य सिर्फ कुछ बड़ी कंपनियों को आकर्षित करना नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, SiC तकनीक, चिप डिजाइन, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट जैसी गतिविधियों को एक व्यापक नेटवर्क में जोड़ना है। राज्य के Odisha Pavilion में भी Silicon Carbide semiconductors, advanced packaging, glass-substrate technologies, power electronics और semiconductor design एवं education से जुड़ी क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया।

SEMICON India 2026 में हुई गतिविधियों से यह स्पष्ट है कि ओडिशा सेमीकंडक्टर सेक्टर में अपनी मौजूदगी को विस्तार देने के लिए निवेश, वैश्विक साझेदारी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे—तीनों मोर्चों पर काम कर रहा है। अब बड़ी चुनौती इन निवेश प्रस्तावों और समझौतों को समयबद्ध तरीके से वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की होगी।

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