By विनय मिश्रा नई दिल्ली : दिनांक 27 सितंबर 2026 को राजधानी के ऐतिहासिक गांधी स्मृति परिसर में रविवार को सिनेमा, आध्यात्मिकता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संगम देखने को मिला। फिल्म ‘शिरडी साईं बाबा’ के निर्माता और शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी आशिम खेत्रपाल ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम को विशेष समारोह में ‘Citation of Honour’ से सम्मानित किया।
यह समारोह शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति (GSDS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, आस्था और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों को प्रोत्साहित करना रहा।
समारोह में गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल, शिरडी लोकसभा क्षेत्र के सांसद भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक आशिम खेत्रपाल और साईं बाबा पीस अवॉर्ड्स की इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिस्ट संजना जॉन विशेष रूप से मौजूद रहीं।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ की ओर से निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्य, बाल कलाकार विहान शेगड़े, निर्माता नम्रता और रागिनी सोना सहित फिल्म की टीम ने समारोह में हिस्सा लिया। विहान शेगड़े ने फिल्म में 14 वर्षीय बाबा की भूमिका निभाई है।
आशिम खेत्रपाल ने पूरी टीम को किया सम्मानित
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण उस समय रहा, जब आशिम खेत्रपाल ने ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम को ‘Citation of Honour’ प्रदान किया। सम्मान समारोह के दौरान फिल्म से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं के प्रयासों को सराहा गया। इस पहल के जरिए आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर सिनेमा निर्माण के प्रयासों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
आशिम खेत्रपाल बोले- सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं
इस अवसर पर आशिम खेत्रपाल ने कहा कि आज से 26 साल पहले उन्होंने शिरडी के साईं बाबा के जीवन पर फिल्म ‘Shirdi Sai Baba’ बनाई थी। इसका उद्देश्य साईं बाबा के संदेशों और उनकी जनकल्याण की भावना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था।
उन्होंने कहा कि ‘हनुमान अंश’ के निर्माताओं और कलाकारों ने भी ऐसी फिल्म बनाई है, जो दर्शकों के भीतर आस्था और धार्मिक चेतना को जागृत करती है। पूरी टीम को ‘Citation of Honour’ से सम्मानित करते हुए उन्हें विशेष आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है।
आशिम खेत्रपाल के मुताबिक, सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करने का एक सशक्त जरिया भी है।
विजय गोयल ने भी फिल्म की पहल की सराहना की
गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में हमारी आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के स्मृति स्थल पर फिल्म की पूरी टीम का सम्मान होना अपने आप में विशेष महत्व रखता है। यह सम्मान उन कलाकारों और फिल्मकारों के प्रयासों को प्रोत्साहित करता है, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को सिनेमा के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं।
गांधी स्मृति परिसर में आध्यात्मिकता और सिनेमा का संगम
समारोह में ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम का सम्मान मुख्य आकर्षण रहा। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की।
ऐतिहासिक गांधी स्मृति परिसर में आयोजित यह समारोह शांति, सद्भाव, सांस्कृतिक जागरूकता और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने की साझा पहल का हिस्सा रहा। कार्यक्रम में सिनेमा को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विचारों से जोड़ने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर आशिम खेत्रपाल ने ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने फिल्मकारों से भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से प्रेरित विषयों पर सार्थक सिनेमा बनाने का आह्वान किया। समारोह सम्मान और शुभकामनाओं के साथ संपन्न हुआ।


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