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MOC Cancer Care Pusa Road New Center शुरू, दिल्ली में कैंसर मरीजों को बड़ी राहत | 10 सेंटर का लक्ष्य

By विनय मिश्रा नई दिल्लीदिनांक 30 अगस्त 2026, भारत के प्रमुख विशेषीकृत ऑन्कोलॉजी नेटवर्क में से एक एम.ओ.सी कैंसर केयर ने दिल्ली में कैंसर उपचार की पहुंच को और मजबूत करते हुए पूसा रोड, नई दिल्ली में अपने नए सेंटर की शुरुआत की है। नए सेंटर के खुलने से राजधानी के मरीजों को विशेषीकृत कैंसर उपचार के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होने की उम्मीद है। सेंटर का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. उन्नत पी. पंडित, कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन्स एंड ट्रेड मार्क्स, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड, वाणिज्य मंत्रालय की उपस्थिति में हुआ।

MOC Cancer Care Pusa Road New Center उद्घाटन कार्यक्रम में अतिथि और डॉक्टर

कीमोथेरेपी से इम्यूनोथेरेपी तक एक ही छत के नीचे उपचार

नया पूसा रोड सेंटर ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी सेवाओं पर केंद्रित होगा। यहां कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और होलिस्टिक कैंसर केयर जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। सेंटर को सेमी-आईसीयू-सक्षम सेटअप के रूप में विकसित किया गया है, जिससे उपयुक्त मामलों में मरीजों को हर उपचार के लिए 24 घंटे अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता कम हो सकती है। दिल्ली के केंद्रीय और आसानी से जुड़ने वाले क्षेत्र में सेंटर की मौजूदगी का उद्देश्य कैंसर उपचार को मरीजों के घर के और करीब लाना तथा बार-बार आने-जाने से जुड़ी आर्थिक, लॉजिस्टिक और भावनात्मक परेशानियों को कम करना है।

कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच इलाज की पहुंच बनी बड़ी चुनौती

उद्घाटन अवसर पर प्रो. डॉ. उन्नत पी. पंडित ने कैंसर केयर में केवल अत्याधुनिक उपचार ही नहीं, बल्कि मरीजों तक उपचार की आसान पहुंच को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “कैंसर की देखभाल केवल अस्पताल या सेंटर में दिए जाने वाले उपचार तक सीमित नहीं है। यह इस बात से भी जुड़ी है कि मरीज उस देखभाल तक कितनी आसानी से पहुँच सकते हैं और अपने पूरे उपचार के दौरान उसे कितनी निरंतरता के साथ प्राप्त कर सकते हैं।” उन्होंने दिल्ली में हर वर्ष लगभग 30,000 नए कैंसर मामलों और करीब 15,000 कैंसर से संबंधित मौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2026 में नए मामलों की अनुमानित संख्या लगभग 35,000 तक पहुंचने की संभावना के बीच विशेषीकृत कैंसर केयर की पहुंच मजबूत करना बेहद जरूरी है।

Pusa Road New Center के उद्घाटन पर MOC Cancer Care की टीम और गणमान्य अतिथि

महीनों चलने वाले कैंसर उपचार में घर के करीब सेंटर क्यों अहम?

कैंसर का इलाज अक्सर एक बार के उपचार तक सीमित नहीं रहता। मरीजों को कई महीनों तक डॉक्टर से परामर्श, जांच, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और अन्य उपचार सत्रों के लिए बार-बार सेंटर जाना पड़ सकता है। ऐसे में उपचार केंद्र की दूरी मरीज और परिवार दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। घर के नजदीक विशेषज्ञ कैंसर केयर उपलब्ध होने से उपचार की निरंतरता बनाए रखने और बार-बार लंबी यात्रा के बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है। दिल्ली में कैंसर का बोझ पिछले पांच वर्षों में लगभग 13 प्रतिशत बढ़ा है और दिल्ली पॉपुलेशन-बेस्ड कैंसरी रजिस्ट्री ने 2026 में करीब 35,000 नए कैंसर मामलों का अनुमान लगाया था।

पुरुषों में फेफड़े-ओरल कैविटी, महिलाओं में ब्रेस्ट-सर्वाइकल कैंसर बड़ी चिंता

दिल्ली में कैंसर का प्रभाव पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग रूपों में दिखाई देता है। पुरुषों में फेफड़ों, ओरल कैविटी और प्रोस्टेट कैंसर मिलकर सभी कैंसर मामलों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं, जबकि महिलाओं में स्तन, सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर मिलकर लगभग 40 प्रतिशत मामलों में योगदान देते हैं। ऐसे आंकड़े बताते हैं कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई केवल उपचार तक सीमित नहीं रह सकती। समय पर जांच, शुरुआती पहचान, जागरूकता और जोखिम वाले कारकों से बचाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वायु प्रदूषण, बदलती जीवनशैली तथा पर्यावरणीय और आहार संबंधी जोखिम भी कैंसर के जोखिम को लेकर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनते जा रहे हैं।

दिल्ली-NCR में बढ़ेगा एम.ओ.सी का नेटवर्क, 10 सेंटर का लक्ष्य

पूसा रोड सेंटर NCR में एम.ओ.सी कैंसर केयर का चौथा सेंटर है और यह दिल्ली में पांच सेंटर स्थापित करने की व्यापक विस्तार योजना का हिस्सा है। आगामी प्रीत विहार सेंटर के शुरू होने से राजधानी में नेटवर्क की पहुंच और मजबूत होने की उम्मीद है। भारत में 32 सेंटर और 62 ऑन्कोलॉजिस्ट्स के साथ एम.ओ.सी कैंसर केयर कैंसर विशेषज्ञता को मरीजों के समुदाय और घर के करीब पहुंचाने वाले मॉडल पर अपना नेटवर्क विस्तार कर रहा है। दिल्ली-NCR में 10 सेंटर स्थापित करने की योजना के साथ संगठन का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक विशेषज्ञ कैंसर देखभाल पहुंचाना है।

“घर के करीब उपचार से मरीजों को बड़ा अंतर महसूस हो सकता है”

एम.ओ.सी कैंसर केयर, पूसा रोड की मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. तन्वी सिंह ने कहा कि कैंसर उपचार करा रहे मरीजों के लिए इलाज का घर के करीब उपलब्ध होना महत्वपूर्ण अंतर पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा, “जब देखभाल घर के नजदीक उपलब्ध होती है, तो मरीज अपनी उपचार टीम के साथ बेहतर निरंतरता बनाए रख सकते हैं और बार-बार यात्रा के कारण होने वाली परेशानियों को कम कर सकते हैं।” उन्होंने बताया कि एम.ओ.सी का यह मॉडल एविडेंस-बेस्ड ट्रीटमेंट, मल्टीडिसिप्लीनरी केयर और निरंतर सीखने पर आधारित है।

इलाज के साथ रोकथाम और शुरुआती पहचान पर भी फोकस

एम.ओ.सी कैंसर केयर का यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर जोर बढ़ रहा है। यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिए जाने के बीच एम.ओ.सी कैंसर केयर उपचार-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़कर जागरूकता, स्क्रीनिंग और शुरुआती निदान को भी अधिक सुलभ बनाने की दिशा में काम करने की बात कर रहा है। संगठन के बढ़ते नेटवर्क का उद्देश्य समुदायों तक केवल इलाज पहुंचाना ही नहीं, बल्कि कैंसर की समय पर पहचान और बचाव को लेकर जागरूकता को भी मजबूत करना है।

“निवारक कैंसर केयर को जमीन पर सुलभ बनाना जरूरी”

एम.ओ.सी कैंसर केयर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर-नॉर्थ इंडिया आदित्य बहादुर ने कहा कि संगठन के सेंटर ऑन्कोलॉजिस्ट्स के सामूहिक क्लिनिकल अनुभव को व्यापक, व्यक्तिगत और होलिस्टिक कैंसर केयर के साथ जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधाओं को उन समुदायों के और करीब लाना जरूरी है, जिनकी सेवा की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग पर राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते फोकस के बीच उन्होंने निवारक कैंसर देखभाल को केवल जागरूकता अभियान तक सीमित न रखकर उसे जमीन पर मरीजों के लिए अधिक सुलभ बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

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