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Australia की Parliament में बजा भारत का डंका! Hanuman Chalisa, National Anthem और Bharat Gaurav Awards ने जीता दिल

By प्रदीप कुमार नई दिल्ली : 11 जून 2026, ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित पार्लियामेंट ऑफ विक्टोरिया के क्वीन्स हॉल में संस्कृति युवा संस्था द्वारा आयोजित 13वां भारत गौरव पुरस्कार समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत भारत एवं ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रगान के साथ हुई तथा मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज द्वारा हनुमान चालीसा के पाठ से पूरे वातावरण में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की दिव्यता का संचार हुआ। विक्टोरिया की संसद में पहली बार हनुमान चालीसा का पाठ होने को उपस्थित अतिथियों ने ऐतिहासिक क्षण बताया।

Parliament of Victoria में आयोजित Bharat Gaurav Awards समारोह के दौरान हनुमान चालीसा पाठ, भारतीय राष्ट्रगान और 25 अंतरराष्ट्रीय विभूतियों का सम्मान।

इस अवसर पर भारत सहित 18 देशों से आए प्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 25 अंतरराष्ट्रीय विभूतियों को “भारत गौरव अलंकरण” से सम्मानित किया गया। संस्कृति युवा संस्था द्वारा वर्ष 2012 से आयोजित किए जा रहे भारत गौरव अवार्ड्स आज विश्वभर में भारतीय मूल के लोगों के लिए सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में से एक माने जाते हैं। इससे पूर्व यह सम्मान समारोह लंदन की पार्लियामेंट, फ्रांस की सीनेट, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (न्यूयॉर्क) तथा दुबई जैसे वैश्विक मंचों पर आयोजित हो चुका है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज, विक्टोरिया सरकार के पर्यावरण मंत्री स्टीव डिमोपोलोस, विक्टोरियन मल्टीकल्चरल कमीशन के अध्यक्ष विवियन (विव) गुयेन एएम, विक्टोरिया के सांसद मेंग हेंग टैक तथा प्रयागराज महाकुंभ के मुख्य सलाहकार राकेश कुमार शुक्ला उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने भारतीय समुदाय के वैश्विक योगदान की सराहना करते हुए सम्मानित प्रतिभाओं को शुभकामनाएं दीं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने ऑनलाइन संदेश में कहा कि भारतीय प्रतिभाएं आज विश्व के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रही हैं। भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और ज्ञान परंपरा के कारण विश्वभर में भारत का सम्मान निरंतर बढ़ रहा है तथा प्रवासी भारतीय विभिन्न देशों में भारत के सशक्त सांस्कृतिक दूत के रूप में कार्य कर रहे हैं।

संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने कहा कि संस्था पिछले 13 वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना के कार्यों में सक्रिय है तथा भारत गौरव अवार्ड्स का उद्देश्य उन विभूतियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने कार्यों से समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की संसद में इस समारोह का आयोजन भारतीय समुदाय के लिए गर्व और गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति, योग, अध्यात्म, शिक्षा, विज्ञान और उद्यमिता के क्षेत्र में विश्वभर में अपनी विशेष पहचान बना रही है और भारत गौरव अवार्ड्स ऐसे ही उत्कृष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित करने का माध्यम है।

कार्यक्रम के दौरान मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की संसद में हनुमान चालीसा का पाठ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और मानव कल्याण के सार्वभौमिक संदेश का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं तथा उनका संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।

समारोह का एक विशेष आकर्षण देश के प्रसिद्ध विज्ञापन जगत के पुरोधा, पद्मभूषण एवं हाल ही में मरणोपरांत पद्मविभूषण से सम्मानित स्वर्गीय पीयूष पांडे को प्रदान किया गया भारत गौरव अवार्ड रहा। उनका सम्मान उनके भांजे निहार ने ग्रहण किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने खड़े होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा भारतीय विज्ञापन जगत और रचनात्मकता के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण किया।

कार्यक्रम संयोजक सुनील खेतपालिया ने बताया कि इस वर्ष सम्मानित होने वाली विभूतियों में महाराष्ट्र की प्रथम महिला अमृता फडणवीस, पद्मश्री सम्मानित सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की

थम सांसद कौशल्या वाघेला, उद्योगपति सनवर हर्षवाल, पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायिका डॉ. सोमा घोष ल, आध्यात्मिक गुरु करौली शंकरदास जी महाराज, न्यूजीलैंड के सामुदायिक नेता नरेन्द्र भाना, दिल्ली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन विवेक यादव, आयुर्वेद एवं वैलनेस विशेषज्ञ रीटा सगरानी, अमेरिका के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक जैन, पर्यावरणविद् सहर भामला, उद्योगपति डॉ. जी. शनमुगा राजा, शिक्षाविद् प्रो. डॉ. निर्मला एस. मौर्य, अमेरिकी उद्योगपति रणधीर ठाकुर, ब्रह्माकुमारीज के ग्लोबल सचिव राजयोगी बी.के. सूर्या भाईजी, प्रसिद्ध योगाचार्य ढाकाराम, ऑस्ट्रेलिया में मल्टीकल्चरल क्रिकेट एम्बेसडर संजय शर्मा, आध्यात्मिक गुरु स्वामी अद्वैतानंद गिरी, भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक गठबंधन की सह-अध्यक्ष डॉ. रतन विर्क, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व चेयरमैन डॉ. सेतुरत्नम रवि, समाजसेवी स्व. निर्मल कुमार जैन सेठी, विरासत संरक्षण विशेषज्ञ राम सवानी, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के प्रथम मेयर प्रदीप तिवारी तथा उद्योगपति प्रवीण शर्मा सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल रहीं।

सभी सम्मानित प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं “भारत गौरव” अलंकरण प्रदान किया गया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने इसे भारतीय संस्कृति, वैश्विक भारतीय समुदाय की उपलब्धियों तथा भारत-ऑस्ट्रेलिया मैत्री संबंधों को सुदृढ़ करने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन बताया।

इस अवसर पर प्रयाग महाकुंभ के सलाहकार राकेश कुमार शुक्ला एवं कार्यक्रम संयोजक सुनील खेतपालिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अतिथियों का स्वागत संस्कृति युवा संस्था के उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, सुनील जैन, ऑस्ट्रेलिया चैप्टर के चेयरमैन रवि शर्मा, अमित चांवला, सतीश शर्मा, ऋषभ शर्मा, अदित हरिया, नीलम मिश्रा, सौम्यता मिश्रा एवं ज्योति ने किया। सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम सयोंजक सुनील खेतपालिया ने किया। कार्यक्रम कार्यक्रम का सफल संचालन सौम्यता मिश्रा ने किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, उद्यमियों, आध्यात्मिक गुरुओं तथा विभिन्न देशों से आए गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक भारतीय समुदाय की उपलब्धियों का उत्सव मनाया।

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