By विनय मिश्रा नई दिल्ली: दिनांक 13 नवम्बर 2025, दिल्ली के भारत मंडपम (प्रगति मैदान) में 14 से 27 नवम्बर 2025 तक चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में पार्टनर स्टेट बिहार का बिहार मंडप को बिहार सरकार के उद्योग विभाग के उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान इस बार आई.टी.पी.ओ. द्वारा इस वर्ष मेले की थीम एक भारत श्रेष्ठ भारत के अनुरूप नायाब रूप दिया गया है ।
बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा बिहार पवेलियन का क्रियान्वयन एजेंसी के रुप में उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान को बिहार पवेलियन के आयोजन एवं सजाने संवारने की जिम्मेवारी दी गई है l
बिहार पवेलियन को मेले का थीम एक भारत श्रेष्ठ भारत के अनुरूप बिहार के कलाकारों द्वारा हाथों से निर्मित मिथिला पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग, टिकुली आर्ट आदि बिहार के नायाब पेंटिंग से सजाया गया है l
बिहार पवेलियन में प्रदर्शनी सह बिक्री के हेंडलुम एवं हेंडीक्राफ्ट , जीविका दीदी, कंफेड (सुधा),तथा बिहार खादी एवं अन्य स्टाल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर बिहार के पारंपरिक हस्तकलाओं एवं हस्तकरघा उत्पाद जिनमें नालंदा का बाबन बूटी, भागलपुर का सिल्क, मिथिलांचल का मधुबनी पेंटिंग, पटना की टीकुली कला इत्यादि को स्थान दिया गया है lइसके अलावा बिहार खादी के उत्पाद एवं जीविका दीदी का स्टॉल भी मुख्य आकर्षक होंगे।
मेले के स्टेट फूड कोर्ट में बिहार के जीविका दीदी द्वारा संचालित दीदी की रसोई में बिहार के विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन मिलेगा।
बिहार पवेलियन को प्रत्येक वर्ष मेले के थीम के अनुरूप नयाब डिजाइन एवं रूपरेखा से सजाया जाता है। इस वर्ष बिहार मंडप के मुख्य द्वार को सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में निर्माण हो रहा सीतामाता का मंदिर का प्रारूप बनाया गया है एवं मुख्य द्वार के बगल में पावापुरी मंदिर के प्रारूप का निर्माण किया गया है l बिहार मंडप के सेन्ट्रल हॉल में बना बिहार संग्रहालय लोगों को आकर्षित करेगा।

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