By विनय मिश्रा नई दिल्ली: भारत मंडपम में 44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में इस बार सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है इंदौर का चमड़े के खिलौनों का अनोखा शिल्प, जिसने देश-विदेश से आए दर्शकों को हैरान कर दिया है। हॉल नंबर 5, प्रथम तल, मध्यप्रदेश पवेलियन में लगे Sharif Arts Company के स्टॉल पर लोगों की उमड़ती भीड़ यह साबित कर रही है कि असली कला को पहचान मिलनी ही चाहिए।
यह अद्वितीय कला कोई साधारण कला नहीं — बल्कि GI टैग (Geographical Indication) प्राप्त कला है, जो पूरे विश्व में केवल और केवल इंदौर में ही बनाई जाती है।
Leather Toys को “मध्यप्रदेश की शान” और गर्व से “Shaan-e MP Leather Toys Indore” के नाम से जाना जाता है।
⭐ कला इतनी जीवंत कि खिलौने नहीं, जीव प्रतीत होते हैं:
शेर, बाघ, घोड़े, ऊँट, हाथी और वन्य जीवों की प्रतिकृतियाँ इतनी वास्तविक दिखाई देती हैं कि लोग पहली बार देखकर भ्रमित हो जाते हैं कि ये खिलौने हैं या जीवित जानवर।
शरीर की मांसपेशियों की बारीकी, त्वचा का फैलाव, चेहरे के भाव, पूंछ और आकृति की लचक इतनी स्वाभाविक है कि दर्शक इन्हें छूकर वास्तविकता परखते नजर आते हैं।
⭐ इस विरासत के संरक्षक — इंदौर के शरीफ़ खान:
इस शानदार कला के पीछे हैं Sharif Arts Company के Owner और कलाकार शरीफ़ खान, जो मध्यप्रदेश के इंदौर के रहने वाले हैं और पीढ़ियों से इस कला को आगे बढ़ा रहे हैं।
यह कला RRR (Reduce – Reuse – Recycle) Concept पर आधारित है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल तरीके से सामग्री का उपयोग किया जाता है — इसी वजह से इसे Responsible Art भी कहा जाता है।
अपने अद्वितीय योगदान के लिए शरीफ़ खान को नगर निगम इंदौर के कमिश्नर द्वारा सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हो चुका है, जो उनके हुनर और समर्पण का प्रमाण है।
⭐ भारत शिखर टाइम्स से बातचीत में युवाओं को बड़ा संदेश
हमारे रिपोर्टर से विशेष बातचीत में शरीफ़ खान ने सिर्फ कला की कहानी नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा —
“आज की युवा पीढ़ी नौकरी के पीछे भाग रही है, जबकि अगर वही अपनी परंपरा और अपनी हस्तकला पर काम करे तो बिज़नेस की दुनिया में नाम, पैसा और शोहरत सब हासिल कर सकती है। हमारी कला में आज भी अनगिनत संभावनाएँ हैं — बस उसे अपनाने की हिम्मत चाहिए।”
शरीफ़ खान के यह विचार मेले में मौजूद युवा आगंतुकों के दिल को छू गए। बहुत से लोग कला और उद्यमिता को नए नज़रिये से समझते हुए नज़र आए।
⭐ भीड़, सराहना और गर्व — इंदौर की कला छोरों पर:
दर्शकों, विदेशी डेलीगेशन, कला प्रेमियों और खरीदारों की भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि
असली हस्तकला कभी पुरानी नहीं होती — असली कला हमेशा दिल जीतती है।
Sharif Arts Company का स्टॉल न सिर्फ व्यापार मेले का आकर्षण बना हुआ है, बल्कि इंदौर और मध्यप्रदेश की कला को वैश्विक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन गया है।
निष्कर्ष:
GI टैग वाली यह Leather Toys Art सिर्फ एक व्यापार नहीं — बल्कि भारतीय विरासत, कारीगरी और आत्मसम्मान की प्रतीक है। और आज भारत मंडपम में मिली ऐतिहासिक सराहना ने यह साबित कर दिया है कि
Shaan-e MP, Leather Toys Indore सिर्फ कला नहीं — बल्कि इंदौर की पहचान, गौरव और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।


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