By विनय मिश्रा नई दिल्ली: सामाजिक सेवा, मानवाधिकार जागरूकता और जनहित कार्यों में लंबे समय से सक्रिय वरिष्ठ समाजसेवी एवं इंडियन रेलवे सर्विस के रिटायर्ड अधिकारी मुकेश मोहन गौतम को वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स रिसर्च काउंसिल (World Human Rights Research Council), उत्तर प्रदेश में स्टेट एडवाइजर, जनरल सेल नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद सामाजिक और मानवाधिकार क्षेत्र से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
गौतम जी वर्षों से समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। मानवाधिकारों के प्रति उनकी जागरूकता मुहिम और सामाजिक समर्पण को देखते हुए परिषद ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
इंडियन रेलवे सर्विस में अपनी सेवाएं देने के दौरान भी उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन और जनसेवा की मिसाल पेश की। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपना अधिक समय सामाजिक कार्यों और मानवाधिकार संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया। समाज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
मुकेश मोहन गौतम जी को सामाजिक सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रेसिडेंट अवॉर्ड तथा नेशनल सर्विस रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा मानवाधिकारों की सुरक्षा, जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में उनके विशेष योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित “भारत रत्न लिगेसी अवॉर्ड” भी प्रदान किया गया है।
वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स रिसर्च काउंसिल के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि गौतम जी के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक दृष्टिकोण से संगठन को नई मजबूती मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश में मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े अभियानों को और गति प्राप्त होगी।
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम जी ने कहा कि वे समाज के हर वर्ग तक मानवाधिकारों की जानकारी पहुंचाने, पीड़ितों को न्याय दिलाने और युवाओं को जागरूक करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते रहेंगे।

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