By विनय मिश्रा नई दिल्ली: दिनांक 14 नवंबर 2025, दक्षिण एशियाई क्षेत्र के सबसे बहुप्रतीक्षित बी2बी और बी2सी आयोजनों में से एक, भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 (14-27 नवंबर), का उद्घाटन भारत सरकार के माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद द्वारा शुक्रवार, 14 नवंबर, 2025 को शाम 5.30 बजे ऑडिटोरियम-1, भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया गया।
आईआईटीएफ 2025 का आयोजन भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तत्वावधान में भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा किया जा रहा है। पहले पाँच दिन (14-18 नवंबर) बी2बी संवादों के लिए व्यावसायिक दिवस के रूप में निर्धारित हैं, और उसके बाद 19-27 नवंबर तक सभी के लिए सामान्य दिवस होंगे।
थीम — “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”:
यह थीम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के संकल्प का प्रतीक है। मेले में आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी उत्पादों, नवाचार और स्थानीय उद्यमिता पर विशेष फोकस रहेगा। प्रधानमंत्री का यह संदेश मेले की भावना को और सशक्त बनाता है। “स्वदेशी को बढ़ावा देना केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता का उत्सव है।”
अंतरराष्ट्रीय सहभागिता:
आईआईटीएफ 2025 वैश्विक व्यापार साझेदारी और तकनीकी आदान-प्रदान के लिए एक प्रमुख मंच बना है। इस वर्ष 11 देश—थाईलैंड, मलेशिया, स्वीडन, चीन, दक्षिण कोरिया, तुर्की, मिस्र, यूएई, ईरान, लेबनान और ट्यूनीशिया—अपनी तकनीक और नवाचार का प्रदर्शन कर रहे हैं।
राज्य सहभागिता:
पार्टनर स्टेट्स: बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश
फोकस स्टेट: झारखंड:
सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश थीम-आधारित हॉल में अपने उत्पाद, हस्तशिल्प, उद्योग, पर्यटन और नवाचारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
हॉल-वाइज प्रमुख आकर्षण:
भारत मंडपम के विभिन्न हॉलों में बहु-क्षेत्रीय प्रदर्शनी लगाई गई है, जो उद्योग, MSMEs, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, हैंडीक्राफ्ट, कृषि, लाइफस्टाइल और विनिर्माण क्षेत्रों को कवर करती है।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा 19 नवंबर 2025 से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा। टिकट भारत मंडपम ऐप और डीएमआरसी ऐप पर उपलब्ध हैं। इंडिया का सांस्कृतिक रंगमंच—Business Meets Culture व्यापार के साथ-साथ आईआईटीएफ 2025 भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी जश्न मनाता है। हाल 1, हाल 2 और हाल 5 के पास स्थित तीन ओपन-एयर एम्फीथिएटर्स में रोजाना सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें विभिन्न राज्यों द्वारा प्रस्तुत—लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य, क्षेत्रीय व्यंजन, कला और हस्तशिल्प आगंतुकों को न केवल व्यापारिक अवसर मिलेंगे, बल्कि भारत की कला, संस्कृति और खानपान की समृद्ध परंपरा का जीवंत अनुभव भी मिलेगा।

0 टिप्पणियाँ