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गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं से रोशन हुई 48वीं बाणी प्रतियोगिता — हजारों विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

By विनय मिश्रा नई दिल्लीमाता सुंदरी कॉलेज में 48वीं बाणी प्रतियोगिता का आयोजन माता सुंदरी कॉलेज ने पिछले 47 वर्षों से बाणी कीर्तन प्रतियोगिताओं के आयोजन की परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष भी 48वीं बाणी कीर्तन प्रतियोगिता का आयोजन किया। यह प्रतियोगिता न केवल कॉलेज स्तर पर आयोजित की गई बल्कि स्कूल स्तर पर भी नर्सरी, प्राइमरी, मिडिल, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में इस प्रतियोगिता में भाग लिया। इस वर्ष की प्रतियोगिता का मुख्य विषय नौवें गुरु तेग बहादुर साहिब जी को समर्पित था। इस बार गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस पर उनकी बाणी और तटस्थ पंथ की स्थापना को समानता और सामुदायिक सेवा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित किया गया। गुरुओं की शहादत के माध्यम से मनुष्यों में जो विचार स्थापित हुआ, वह दुनिया भर के लोगों को अन्य धर्मों को समान दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित करता है। इस वर्ष उनके द्वारा रचित बाणी को बाणी, भाषण, अखरकारी चित्रकला, प्रश्नावली और कीर्तन पाठ का आधार बनाने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरुओं की शिक्षाओं के प्रति समझ और रुचि पैदा करना था ताकि विद्यार्थी गुरुओं और सिख पंथ के बारे में अधिक से अधिक ज्ञान प्राप्त कर सकें।

गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं से रोशन हुई 48वीं बाणी प्रतियोगिता — हजारों विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

इस कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह कॉलेज के गुरुद्वारा साहिब में आयोजित किया गया। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. हरप्रीत कौर ने निर्णायकों सहित प्रतिभागी विद्यार्थियों और टीम समन्वयकों का स्वागत किया और गुरु साहिब और माता सुंदरी जी से आशीर्वाद लेकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम के पहले दिन सभी स्तरों पर बाणी और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। गुरु तेग बहादुर साहिब जी द्वारा रचित शबद और श्लोक के अलावा उनका जीवन, शिक्षाएं और विचारधारा इस प्रतियोगिता के मुख्य बिंदु रहे। इसके साथ ही अखरकारी (गुरबानी सुलेख) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। अखरकारी प्रतियोगिता का आयोजन पंजाबी के प्रख्यात विद्वान डॉ. हरभजन सिंह मेमोरियल द्वारा किया गया, जो इस बार माध्यमिक स्तर से लेकर कॉलेज स्तर तक आयोजित की गई थी। दोनों श्रेणियों में अखरकारी प्रतियोगिता में 100 से अधिक प्रतियोगियों ने भाग लिया। बाणी स्तर और भाषण प्रतियोगिता में प्रत्येक स्तर पर 400 से अधिक विद्यार्थियों और लगभग 398 टीमों ने भाग लिया। विजेताओं और टीमों को व्यक्तिगत रूप से ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं से रोशन हुई 48वीं बाणी प्रतियोगिता — हजारों विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम के दूसरे दिन कीर्तन, प्रश्नावली और चित्रकला प्रतियोगिता शुरू हुई। प्रत्येक स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 87 से अधिक टीमों और लगभग 522 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दूसरे दिन दोपहर 1:30 बजे कॉलेज के गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन और प्रतियोगिता का समापन समारोह आयोजित किया गया। दोनों दिन कॉलेज द्वारा सभी विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लंगर का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के अंत में, विजेताओं को प्राचार्य प्रो. हरप्रीत कौर द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रशासनिक टीम और डिविनिटी टीम की संयोजक प्रो. इकबाल कौर, डॉ. मनीषा बत्रा, संयोजक, डॉ. सिमर कौर और डॉ. मोइत्री, सह-संयोजक, बानी कीर्तन प्रतियोगिता सहित पूरी प्रशासनिक टीम ने इस आयोजन की सराहना की। डिविनिटी सोसाइटी के अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ-साथ कॉलेज की अन्य सोसाइटियों ने भी इस प्रतियोगिता के उत्कृष्ट आयोजन में अपना विशेष योगदान दिया।

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